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बजाज हाउसिंग फाइनेंस के शानदार Q2 नतीजे: मुनाफा 18% बढ़कर ₹757 करोड़ हुआ, शेयरों पर निवेशकों की नजर

देश की प्रमुख और दिग्गज नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी बजाज हाउसिंग फाइनेंस (Bajaj Housing Finance Ltd) ने चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही (Q2 Results 2026) के वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं। बाजार के जानकारों और निवेशकों की उम्मीदों पर खरा उतरते हुए कंपनी ने अपने मुनाफे और कुल आय में शानदार बढ़ोतरी दर्ज की है। त्योहारी सीजन से ठीक पहले आए इन मजबूत नतीजों के बाद निवेशकों और शेयर बाजार के एक्सपर्ट्स की नजर अब इस स्टॉक पर टिकी हुई है। आइए जानते हैं बजाज हाउसिंग फाइनेंस की सितंबर तिमाही के नतीजों से जुड़ी हर एक बड़ी और अहम बात।

मुनाफा 18% बढ़कर ₹757 करोड़ पर पहुंचा

शुक्रवार, 16 अक्टूबर को बाजार बंद होने के बाद जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, समीक्षाधीन तिमाही (जुलाई-सितंबर 2026) में बजाज हाउसिंग फाइनेंस का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 18% बढ़कर ₹757 करोड़ हो गया है। पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में कंपनी ने ₹643 करोड़ का मुनाफा कमाया था। कंपनी के बोर्ड की बैठक दोपहर 2 बजे शुरू हुई और बाजार बंद होने के बाद शाम 3:55 बजे ये नतीजे आधिकारिक रूप से घोषित किए गए। नतीजों के दिन यह शेयर मामूली बढ़त के साथ ₹83.36 पर बंद हुआ था। कंपनी का कुल मार्केट कैप इस दौरान ₹69,458 करोड़ दर्ज किया गया। हालांकि, इसका अब तक का ऑल-टाइम हाई ₹188.50 और निचला स्तर ₹72.65 रहा है।

कुल आय और नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) में जबरदस्त उछाल

कंपनी के कारोबार में चौतरफा बढ़ोतरी देखने को मिली है:

  • कुल आय: सितंबर तिमाही में कंपनी की कुल आय ₹2,748 करोड़ से 18% बढ़कर ₹3,251 करोड़ हो गई। इसमें ब्याज से होने वाली कमाई ₹2,614 करोड़ से बढ़कर ₹3,052 करोड़ पर पहुंच गई है।

  • नेट इंटरेस्ट इनकम (NII): कंपनी का एनआईआई (Net Interest Income) 10% की बढ़त के साथ ₹956 करोड़ से बढ़कर ₹1,055 करोड़ हो गया।

  • नेट टोटल इनकम: यह आंकड़ा 15% की छलांग के साथ ₹1,090 करोड़ से बढ़कर ₹1,254 करोड़ दर्ज किया गया। इसके अलावा, फीस और कमीशन से होने वाली आय भी ₹69 करोड़ से बढ़कर ₹125 करोड़ पर पहुंच गई।

AUM बढ़कर ₹1.58 लाख करोड़ हुआ, लोन बांटने में भी तेजी

बजाज हाउसिंग फाइनेंस के एसेट्स अंडर मैनेजमेंट यानी AUM में 25% की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है, और यह बढ़कर ₹1.58 लाख करोड़ पर पहुंच गया है, जो एक साल पहले इसी अवधि में ₹1.27 लाख करोड़ था। तिमाही के दौरान कंपनी ने ₹19,935 करोड़ के नए कर्ज बांटे, जो पिछले साल की समान अवधि से 25% अधिक है।

कंपनी के पोर्टफोलियो पर नजर डालें तो सितंबर 2026 तक:

  • होम लोन AUM: ₹85,224 करोड़

  • लोन अगेंस्ट प्रॉपर्टी (LAP): ₹16,382 करोड़

  • लीज रेंटल डिस्काउंटिंग (LRD): ₹37,988 करोड़

खर्च, प्रोविजनिंग और एसेट क्वालिटी की स्थिति

कंपनी का परिचालन खर्च (Operating Expense) ₹214 करोड़ से बढ़कर ₹239 करोड़ हो गया। वहीं, लोन लॉस और प्रोविजनिंग का खर्च घटकर ₹35 करोड़ पर आ गया, जो पिछले साल ₹43 करोड़ था। प्रोविजनिंग वह राशि होती है जो संभावित नुकसान से निपटने के लिए सुरक्षित रखी जाती है।

एसेट क्वालिटी की बात करें तो कंपनी का ग्रॉस एनपीए (GNPA) मामूली रूप से बढ़कर 0.29% हो गया (जो पिछले साल 0.26% था), जबकि नेट एनपीए (NNPA) 0.12% पर बिल्कुल स्थिर बना रहा। इसके अलावा, कंपनी का लिक्विडिटी कवरेज रेश्यो 146.25% और कैपिटल एडिक्वेसी रेश्यो 21.24% रहा, जो मजबूत वित्तीय सुरक्षा का संकेत देता है।

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