Masik Janmashtami 2026 : संतान सुख और सौभाग्य के लिए 9 अप्रैल को करें ये उपाय, जानें शुभ मुहूर्त और महत्व

News India Live, Digital Desk: हिंदू धर्म में मासिक कृष्ण जन्माष्टमी का विशेष आध्यात्मिक महत्व है। हर माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप ‘लड्डू गोपाल’ को समर्पित होती है। मान्यता है कि इस दिन पूरी श्रद्धा से कान्हा की सेवा करने से जीवन की समस्त नकारात्मकता दूर होती है और सूनी गोद जल्द भर जाती है। साल 2026 में वैशाख मास की मासिक जन्माष्टमी 9 अप्रैल को मनाई जाएगी। यदि आप भी संतान प्राप्ति की बाधाओं से जूझ रहे हैं या घर में सुख-शांति चाहते हैं, तो इस दिन के विशेष नियम और मुहूर्त नोट कर लें।मासिक जन्माष्टमी 2026: तिथि और शुभ मुहूर्तदृक पंचांग की गणना के अनुसार, वैशाख कृष्ण जन्माष्टमी की तिथि इस प्रकार रहेगी:अष्टमी तिथि का आरंभ: 9 अप्रैल 2026, गुरुवार को रात 09:19 बजे से।अष्टमी तिथि का समापन: 10 अप्रैल 2026, शुक्रवार को रात 11:15 बजे तक।व्रत की तारीख: उदयातिथि के अनुसार, वैशाख मासिक जन्माष्टमी 9 अप्रैल 2026 को ही मनाई जाएगी।संतान प्राप्ति के अचूक उपाय: जो बदल देंगे आपकी किस्मतशास्त्रों के अनुसार, मासिक जन्माष्टमी पर किए गए कुछ विशेष उपाय संतान गोपाल योग बनाने में सहायक होते हैं:संतान गोपाल मंत्र का जाप: स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करें और लड्डू गोपाल के सामने शुद्ध घी का दीपक जलाएं। इसके बाद इस मंत्र का 108 बार जाप करें:’सर्वधर्मान् परित्यज्य मामेकं शरणं व्रज, अहं त्वा सर्वपापेभ्यो मोक्षयिष्यामि मा शुच’ मान्यता है कि इस मंत्र के प्रभाव से संतान प्राप्ति के मार्ग में आने वाली सभी बाधाएं स्वतः समाप्त हो जाती हैं।लड्डू गोपाल का प्रिय भोग: कान्हा को ताजे माखन और मिश्री का भोग सबसे अधिक प्रिय है। पूजा के समय उन्हें माखन-मिश्री अर्पित करें और मन ही मन गुणवान संतान की प्रार्थना करें। इसके अलावा, बेसन या मोतीचूर के लड्डू का भोग लगाकर उसे किसी गर्भवती स्त्री को प्रसाद स्वरूप खिलाएं। माना जाता है कि इससे होने वाली संतान तेजस्वी और बुद्धिमान होती है।घर लाएं गाय-बछड़े की प्रतिमा: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन पीतल या चांदी की छोटी सी ‘गाय और बछड़े’ की मूर्ति घर लाना अत्यंत शुभ होता है। कान्हा के साथ इस प्रतिमा की भी पूजा करें। चूंकि श्रीकृष्ण को ‘गोपाल’ कहा जाता है, इसलिए गौ-सेवा और उनकी प्रतिमा की पूजा से पितृ दोष शांत होते हैं और संतान सुख प्राप्त होता है।पूजा विधि: कैसे करें लड्डू गोपाल की सेवा?मासिक जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण के बाल रूप का पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद और शक्कर) से अभिषेक करना चाहिए। अभिषेक के बाद उन्हें नए सुंदर वस्त्र पहनाएं, चंदन का तिलक लगाएं और मोरपंख अर्पित करें। भगवान की सेवा बिल्कुल वैसे ही करें जैसे आप अपने स्वयं के बच्चे की करते हैं। यह निस्वार्थ वात्सल्य भाव भगवान को अत्यंत प्रिय है, जिससे वे प्रसन्न होकर भक्त की झोली खुशियों से भर देते हैं।