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बाजार में सुस्ती: निफ्टी 24100 के नीचे थका, पर इन शेयरों ने बचाई लाज

भारतीय शेयर बाजार में आज सुबह से ही सुस्ती और उतार-चढ़ाव का माहौल देखने को मिल रहा है। वैश्विक बाजारों से मिल रहे कमजोर संकेतों और घरेलू स्तर पर मुनाफावसूली के चलते प्रमुख सूचकांकों पर दबाव साफ नजर आ रहा है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स आज लाल निशान में कारोबार करता दिखा, वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी ने भी अपनी मनोवैज्ञानिक बढ़त खो दी है और यह 24,100 के महत्वपूर्ण स्तर के नीचे फिसल गया है। इस गिरावट के पीछे सबसे बड़ा हाथ मेटल और भारी उद्योगों से जुड़े शेयरों में आई बिकवाली को माना जा रहा है, जिसने निवेशकों को थोड़ा सतर्क कर दिया है।

मेटल सेक्टर में भारी मुनाफावसूली से बढ़ा दबाव

आज के कारोबार में सबसे ज्यादा मार मेटल और कमोडिटी सेक्टर पर पड़ी है। पिछले कुछ सत्रों में शानदार तेजी दिखाने के बाद आज हिंडाल्को, टाटा स्टील और जेएसडब्ल्यू स्टील जैसे दिग्गज शेयरों में निवेशकों ने जमकर मुनाफावसूली की। जानकारों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर धातुओं की मांग को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण घरेलू बाजार में भी मेटल इंडेक्स करीब एक से डेढ़ फीसदी तक टूट गया। मेटल के अलावा बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर के कुछ बड़े शेयरों में भी ऊपरी स्तरों पर बिकवाली का दबाव देखा गया, जिसने निफ्टी को 24,100 के नीचे धकेलने में अहम भूमिका निभाई।

स्मॉलकैप और मिडकैप शेयरों ने संभाला मोर्चा

भले ही लार्जकैप शेयरों और मुख्य सूचकांकों में आज सुस्ती छाई हो, लेकिन ब्रॉडर मार्केट यानी छोटे और मझोले शेयरों (SMIDs) ने आज फ्रंटलाइन इंडेक्स को बड़ी गिरावट से बचा लिया। निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स आज हरे निशान में मजबूती के साथ कारोबार कर रहे हैं। रिटेल निवेशकों की लगातार खरीदारी के दम पर रियल्टी, फार्मा और चुनिंदा आईटी शेयरों में अच्छी बढ़त देखी जा रही है। बाजार के विश्लेषकों का कहना है कि लार्जकैप शेयरों में वैल्यूएशन महंगा होने के कारण अब निवेशकों का फोकस क्वालिटी मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों पर शिफ्ट हो रहा है, जिससे बाजार का सेंटिमेंट पूरी तरह नकारात्मक नहीं हुआ है।

निवेशकों के लिए क्या है आगे की रणनीति

मौजूदा बाजार परिदृश्य को देखते हुए एक्सपर्ट्स का मानना है कि निफ्टी के लिए 24,000 का स्तर एक बेहद मजबूत सपोर्ट (Support Level) की तरह काम करेगा। जब तक बाजार इस स्तर के ऊपर टिका हुआ है, तब तक घबराने की जरूरत नहीं है। हालांकि, ऊपरी स्तरों पर 24,250 और 24,300 पर तगड़ा रेजिस्टेंस भी दिखाई दे रहा है। ऐसे में ट्रेडर्स को सलाह दी जा रही है कि वे बहुत ज्यादा आक्रामक पोजीशन बनाने से बचें और 'बाय ऑन डिप्स' यानी हर गिरावट पर अच्छे फंडामेंटल वाले शेयरों को धीरे-धीरे अपने पोर्टफोलियो में शामिल करने की रणनीति अपनाएं।

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