बिना सीने के दर्द के भी आ सकता है साइलेंट हार्ट अटैक: डॉक्टरों ने बताए 5 चेतावनी संकेत जिन्हें न समझें गैस या थकान

अक्सर हम यही मानते हैं कि हार्ट अटैक (Heart Attack) आने का मतलब है—सीने में असहनीय तेज दर्द होना, बाएं हाथ में झनझनाहट होना और अचानक जमीन पर गिर जाना। लेकिन क्या आप जानते हैं कि लगभग 20% से 50% मामलों में हार्ट अटैक बिना किसी खास सीने के दर्द के भी आता है? इसे चिकित्सा विज्ञान की भाषा में 'साइलेंट हार्ट अटैक' (Silent Myocardial Infarction) कहा जाता है।
अक्सर लोग इसके शुरुआती लक्षणों को सामान्य थकान, पेट में गैस, एसिडिटी या मांसपेशियों का खिंचाव समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जो बाद में जानलेवा या दिल को स्थायी नुकसान पहुंचाने वाला साबित हो सकता है। आइए एक हेल्थ रिपोर्टर के नजरिए से डॉक्टरों द्वारा बताए गए साइलेंट हार्ट अटैक के 5 मुख्य चेतावनी संकेतों को विस्तार से समझते हैं।
1. हल्का दबाव या सीने में अजीब सी भारीपन महसूस होना
साइलेंट हार्ट अटैक में सीने में कोई तेज या अचानक दर्द नहीं होता। इसके बजाय, सीने के बीच में हल्का सा दबाव, जकड़न या भारीपन महसूस होता है। यह बेचैनी कुछ मिनटों के लिए आती है और फिर चली जाती है। कई बार लोग इसे अपच (Indigestion) समझकर एंटासिड दवा ले लेते हैं, जो सबसे बड़ी भूल साबित होती है।
2. जबड़े, गर्दन, पीठ या कंधों में दर्द का फैलना
अगर आपको बिना किसी भारी काम या कसरत के जबड़े (Jaw), गर्दन, ऊपरी पीठ या कंधों में हल्का खिंचाव और दर्द महसूस हो रहा है, तो इसे हल्के में न लें। दिल तक रक्त प्रवाह बाधित होने पर तंत्रिकाएं (Nerves) यह दर्द सीने के बजाय आसपास के अंगों तक भेजने लगती हैं।
3. बिना किसी वजह के बहुत ज्यादा थकान और कमजोरी
अगर आप दिनभर कोई भारी काम नहीं कर रहे हैं, फिर भी कई दिनों से लगातार अत्यधिक थकान और कमजोरी महसूस हो रही है, तो यह दिल की कमजोरी का संकेत हो सकता है। जब दिल को पर्याप्त ऑक्सीजन और ब्लड सप्लाई नहीं मिलती, तो शरीर को सामान्य काम करने के लिए भी दोगुनी मेहनत करनी पड़ती है।
4. थोड़ा सा चलने पर सांस फूलना और ठंडा पसीना आना
सीढ़ियां चढ़ते समय या थोड़ा सा टहलने पर ही अगर आपकी सांस बहुत तेजी से फूलने लगती है और बिना किसी गर्मी या कसरत के अचानक शरीर पर ठंडा पसीना (Cold Sweats) आने लगता है, तो यह साइलेंट कार्डिएक अरेस्ट या अटैक का बड़ा इशारा है।
5. चक्कर आना, उल्टी या जी मिचलाना
अचानक चक्कर आना, सिर हल्का महसूस होना या पेट में ऐसी मतली होना जैसी फ्लू/एसिडिटी के समय होती है—यह भी साइलेंट अटैक के प्रमुख लक्षणों में शामिल है। दिल तक सही मात्रा में खून न पहुंचने से दिमाग और पेट के अंगों तक ऑक्सीजन की कमी हो जाती है।
किन लोगों को है साइलेंट हार्ट अटैक का सबसे ज्यादा खतरा?
कार्डियोलॉजिस्ट्स (हृदय रोग विशेषज्ञों) के अनुसार, निम्नलिखित लोगों में साइलेंट हार्ट अटैक का जोखिम सबसे अधिक रहता है:
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डायबिटीज (शुगर) के मरीज: नसों में नुकसान (Diabetic Neuropathy) होने के कारण इन्हें दर्द का अहसास नहीं हो पाता।
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उच्च रक्तचाप (High BP) और हाई कोलेस्ट्रॉल से पीड़ित लोग।
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45 साल से अधिक उम्र के पुरुष और महिलाएं।
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तनावपूर्ण जीवनशैली और धूम्रपान करने वाले लोग।
सलाह: यदि आपको ऊपर बताए गए दो या तीन लक्षण एक साथ महसूस हों, तो इसे सामान्य एसिडिटी न मानकर तुरंत निकटतम अस्पताल में ईसीजी (ECG) टेस्ट कराएं और डॉक्टर से सलाह लें। समय पर पहचान ही आपकी जान बचा सकती है।