बुमराह ने युवराज सिंह को नेट सेशन से भगाया, कैंसर से जंग जीतकर लौटे युवी ने याद किया वो अनुभव

News India Live, Digital Desk: टीम इंडिया के दिग्गज ऑलराउंडर और दो विश्व कप के हीरो रहे युवराज सिंह (Yuvraj Singh) ने जसप्रीत बुमराह (Jasprit Bumrah) को लेकर एक ऐसा खुलासा किया है, जिसने क्रिकेट जगत में हलचल मचा दी है। युवी ने उस दौर को याद किया जब वे कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी को मात देकर मैदान पर वापसी की कोशिश कर रहे थे। उसी दौरान नेट सेशन में उनका सामना 16 साल के एक ऐसे दुबले-पतले लड़के से हुआ, जिसकी गेंदों की रफ्तार और उछाल ने सिक्सर किंग के पसीने छुड़ा दिए थे। वह लड़का कोई और नहीं, बल्कि आज के ‘यॉर्कर किंग’ जसप्रीत बुमराह थे।’किड! तुम जो कोई भी हो, रुक जाओ’: युवी का वो मजेदार किस्सापूर्व इंग्लैंड कप्तान माइकल वॉन के साथ ‘द ओवरलैप’ पॉडकास्ट पर बातचीत के दौरान युवराज सिंह ने साल 2013 के उस वाकये को याद किया। युवराज ने बताया, “जब मैं कैंसर के बाद टीम इंडिया में वापसी की तैयारी कर रहा था, तब बुमराह करीब 16-17 साल के रहे होंगे। वे नेट्स में इतनी तेज गेंदबाजी कर रहे थे कि मुझे समझ ही नहीं आ रहा था कि क्या हो रहा है। मैंने चिल्लाकर कहा था— ‘मैं इस बच्चे को नेट्स से बाहर चाहता हूं, भाई! तू मुझे गेंदबाजी करना बंद कर।'” युवी ने मजाकिया अंदाज में कहा कि वे उस समय बस अपनी लय वापस पाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन बुमराह की घातक गेंदों ने उन्हें ‘जोन’ में आने ही नहीं दिया।कौशल से ज्यादा रफ्तार का था आतंक: तब लंबे रन-अप से दौड़ते थे बुमराहयुवराज ने आज के बुमराह और 16 साल के बुमराह के बीच का अंतर बताते हुए कहा कि उस समय उनके पास आज जैसी विविधता और स्किल्स नहीं थीं, लेकिन उनकी रफ्तार असाधारण थी। युवराज के मुताबिक, “तब बुमराह का रन-अप काफी लंबा था। उनके अजीबोगरीब एक्शन की वजह से गेंदों में जो ‘डिसेप्टिव बाउंस’ (धोखा देने वाला उछाल) मिलता था, वह सीधा पसलियों पर वार करता था। बल्लेबाजों को ऐसी गेंदबाजी बिल्कुल पसंद नहीं आती।” युवराज ने बताया कि बाद में बुमराह ने खुद उन्हें यह कहानी याद दिलाई थी कि कैसे युवी ने उन्हें गेंदबाजी करने से मना कर दिया था।आज दुनिया का सबसे खौफनाक गेंदबाज हैं बुमराह: युवराज का सलामयुवराज सिंह ने बुमराह के मौजूदा प्रदर्शन की जमकर तारीफ करते हुए उन्हें आधुनिक क्रिकेट का सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज बताया। युवी ने कहा, “आज के समय में कोई भी बल्लेबाज बुमराह के खिलाफ रिस्क नहीं लेना चाहता। वे डरते हैं कि कहीं अपना विकेट न गंवा दें, इसलिए सिर्फ स्ट्राइक रोटेट करने की कोशिश करते हैं। जैसे ही कोई बल्लेबाज उन पर हमला करने की सोचता है, बुमराह अपनी चतुराई से उसे फंसा लेते हैं।” हाल ही में भारत को टी20 विश्व कप जिताने में बुमराह की भूमिका ने यह साबित कर दिया है कि वे दुनिया के नंबर-1 मैच विनर क्यों हैं।