विदेश

ब्रिटेन में हिंदुओं के खिलाफ हेट क्राइम में 15% की रिकॉर्ड बढ़ोतरी, सरकारी आंकड़ों ने बढ़ाई चिंता

यूनाइटेड किंगडम (UK) से भारतीय समुदाय और विशेष रूप से हिंदुओं के लिए एक चिंताजनक खबर सामने आ रही है। ब्रिटेन में रह रहे हिंदू समुदाय के खिलाफ होने वाले नफरती अपराधों (Hate Crimes) में भारी उछाल दर्ज किया गया है। ब्रिटिश सरकार के गृह विभाग (Home Office) द्वारा जारी किए गए ताजा आंकड़ों के मुताबिक, इंग्लैंड और वेल्स में हिंदुओं को निशाना बनाकर किए जाने वाले धार्मिक हेट क्राइम के मामलों में पिछले एक साल के दौरान 15% की रिकॉर्ड वृद्धि हुई है, जिससे प्रवासी भारतीयों और स्थानीय हिंदू संगठनों में गहरी चिंता का माहौल बन गया है।

इंग्लैंड और वेल्स में तेजी से बढ़े धार्मिक हेट क्राइम के मामले

ब्रिटिश पुलिस द्वारा जारी किए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2025 से इस साल मार्च के बीच इंग्लैंड और वेल्स में कुल 146,825 नफरती अपराध रिकॉर्ड किए गए। रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि इस नफरत का शिकार केवल हिंदू ही नहीं, बल्कि अन्य धार्मिक समुदाय भी हो रहे हैं। आंकड़ों के मुताबिक इस अवधि में ईसाई समुदाय के खिलाफ 24%, मुस्लिम समुदाय के खिलाफ 15%, यहूदी समुदाय के खिलाफ 10% और सिख समुदाय के खिलाफ 3% हेट क्राइम के मामले दर्ज किए गए हैं। हालांकि, हिंदुओं के मामलों में हुई 15% की तेज बढ़ोतरी ने सुरक्षा एजेंसियों को नए सिरे से सोचने पर मजबूर कर दिया है।

आंकड़े असली तस्वीर बयां नहीं करते: अनिल भनोट

'हिंदू काउंसिल यूके' (Hindu Council UK) के प्रबंध निदेशक अनिल भनोट ने इन सरकारी आंकड़ों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जमीनी हकीकत इन आंकड़ों से कहीं अधिक गंभीर हो सकती है। उन्होंने बताया कि हिंदुओं के मामले में वास्तविक स्थिति पूरी तरह अलग है और उन्हें लगातार गंभीर शारीरिक हमलों और मौखिक प्रताड़नाओं का सामना करना पड़ रहा है।

क्यों पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराते अधिकांश हिंदू

अनिल भनोट ने एक बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि कई पीड़ित हिंदू पुलिस के पास आधिकारिक शिकायत दर्ज ही नहीं कराते हैं। इसके पीछे का मुख्य कारण यह है कि यदि नफरती अपराध कोई गंभीर शारीरिक हमला न हो, तो पीड़ित लोग इसे चुपचाप सहना ही बेहतर समझते हैं। उन्हें यह आशंका रहती है कि स्थानीय पुलिस या प्रशासन इस पर कोई सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं करेगा। यही कारण है कि कई मामले पुलिस के रिकॉर्ड तक पहुंच ही नहीं पाते हैं और वास्तविक अपराधों का आंकड़ा इससे कहीं अधिक हो सकता है।

हिंदू मंदिरों को विशेष सुरक्षा फंडिंग न मिलने का मुद्दा

ब्रिटिश हिंदुओं के अधिकारों और सुरक्षा के लिए काम करने वाले प्रमुख एडवोकेसी ग्रुप 'इनसाइट यूके' (Insight UK) के एक प्रवक्ता ने भी इस मुद्दे पर गहरी चिंता जताई है। प्रवक्ता ने कहा कि ब्रिटेन में यहूदियों के पूजा स्थलों (सिनागॉग) और मस्जिदों के लिए सरकार की ओर से विशेष सुरक्षा योजनाएं और बजट का प्रावधान है, जबकि हिंदू मंदिरों के लिए ऐसी कोई अलग या समर्पित व्यवस्था नहीं है। हिंदू मंदिरों को सरकारी सुरक्षा फंडिंग के लिए आवेदन करने की अनुमति तो है, लेकिन ऐतिहासिक रूप से उन्हें अब तक कोई बड़ी राशि आवंटित नहीं की गई है और उन्हें सामान्य फंडिंग के बेहद छोटे से हिस्से के लिए भी लंबी जद्दोजहद करनी पड़ती है। समुदाय के नेताओं ने ब्रिटिश सरकार से मांग की है कि हिंदू मंदिरों और समुदाय की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाएं ताकि इस तरह के नफरती अपराधों पर अंकुश लगाया जा सके।

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