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भारत में इंटरनेट का नया दौर: Jio और Airtel बदलने जा रहे हैं डिजिटल गेम, सैटेलाइट और AI से मिलेगी रॉकेट जैसी स्पीड

भारत में स्मार्टफोन और इंटरनेट यूजर्स के लिए एक बहुत बड़ी खबर है। देश की दो सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनियां, रिलायंस जियो (Jio) और भारती एयरटेल (Airtel), अब इंटरनेट की दुनिया में एक नई क्रांति लाने की तैयारी कर चुकी हैं। 5G नेटवर्क के सफल विस्तार के बाद अब ये दोनों दिग्गज कंपनियां अपने 'डिजिटल गेम' को पूरी तरह से अपग्रेड करने जा रही हैं। आने वाले कुछ ही महीनों में आपको नेटवर्क कटने, स्लो इंटरनेट या कॉल ड्रॉप जैसी समस्याओं से बड़ी राहत मिलने वाली है। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि जियो और एयरटेल की ये नई तकनीकें एक आम यूजर का अनुभव कैसे बदलने वाली हैं।

सैटेलाइट इंटरनेट से खत्म होगी नेटवर्क की टेंशन

अभी तक हमारे फोन में इंटरनेट आसपास लगे मोबाइल टावर के जरिए आता है, लेकिन अब जियो और एयरटेल सीधे अंतरिक्ष से इंटरनेट (Satellite Internet) देने की रेस में उतर चुके हैं। एयरटेल जहां अपनी पार्टनर कंपनी 'वनवेब' (OneWeb) के साथ मिलकर इस तकनीक पर काम कर रहा है, वहीं जियो ने अपने 'जियो स्पेस फाइबर' (JioSpaceFiber) प्रोजेक्ट को जमीन पर उतारने की तैयारी तेज कर दी है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि अब देश के दूर-दराज के गांवों, पहाड़ी इलाकों और जंगलों में भी बिना किसी टावर के सीधे सैटेलाइट से हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी मिलेगी।

नेटवर्क को बिना रुके चलाएगा AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस)

इंटरनेट की स्पीड और क्वालिटी को बेहतर बनाने के लिए जियो और एयरटेल अब अपने नेटवर्क में बड़े पैमाने पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल करने जा रहे हैं। एआई तकनीक की मदद से टेलीकॉम नेटवर्क इतने स्मार्ट हो जाएंगे कि वे खुद यह भांप लेंगे कि किस इलाके में, किस समय इंटरनेट का लोड ज्यादा है और वहां ऑटोमैटिक तरीके से स्पीड बढ़ा दी जाएगी। इसके अलावा अगर कहीं फॉल्ट आता है, तो एआई सिस्टम नेटवर्क डाउन होने से पहले ही उसे ठीक करने का अलर्ट भेज देगा। इससे आपकी वीडियो स्ट्रीमिंग या गेमिंग के बीच में आने वाली बफरिंग बीते दिनों की बात हो जाएगी।

6G की तैयारी और आपकी जेब पर असर

भारत सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि देश को जल्द से जल्द 6G तकनीक के लिए तैयार करना है। जियो और एयरटेल का यह मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड उसी दिशा में उठाया गया कदम है। आम यूजर्स को इसका सीधा फायदा एक निर्बाध और तेज कनेक्टिविटी के रूप में मिलेगा। जानकारों का मानना है कि शुरुआत में सैटेलाइट इंटरनेट के प्लान फाइबर ब्रॉडबैंड के मुकाबले थोड़े प्रीमियम हो सकते हैं, लेकिन जियो और एयरटेल के बीच होने वाली प्राइस वॉर का अंतिम फायदा ग्राहकों को ही होगा, जिससे आने वाले समय में कीमतें आम आदमी के बजट में आ जाएंगी।

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