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महिलाओं की आर्थिक और स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए ICICI Pru का बड़ा तोहफा: लॉन्च किया एक्सक्लूसिव वुमन इंश्योरेंस प्लान, फीमेल कैंसर कवरेज से लेकर स्पेशल प्रीमियम छूट तक जानिए 7 बड़ी खूबियां

भारत में महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता, कामकाजी भागीदारी और परिवार में उनके स्वास्थ्य की अहमियत को ध्यान में रखते हुए देश की अग्रणी निजी जीवन बीमा कंपनियों में से एक, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस (ICICI Prudential Life Insurance) ने महिलाओं के लिए एक विशेष और कस्टमाइज्ड इंश्योरेंस प्लान पेश किया है। देश में लंबे समय से यह देखा गया है कि पुरुषों की तुलना में महिलाओं के पास पर्याप्त बीमा सुरक्षा (Life & Health Cover) का भारी अभाव रहा है। कई शोधों के अनुसार भारत में महिलाओं के बीच 'जेंडर प्रोटेक्शन गैप' (Gender Protection Gap) काफी गहरा है, जिसके चलते किसी गंभीर बीमारी या आकस्मिक संकट के समय उनके सामने आर्थिक चुनौतियां खड़ी हो जाती हैं। आईसीआईसीआई प्रू का यह नया एक्सक्लूसिव महिला बीमा उत्पाद विशेष रूप से महिलाओं के जीवन के विभिन्न पड़ावों—जैसे करियर की शुरुआत, विवाह, मातृत्व (Pregnancy/Childbirth) और रिटायरमेंट—को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। यह प्लान न केवल महिलाओं को लाइफ कवर प्रदान करता है, बल्कि उन्हें महिला-विशिष्ट गंभीर बीमारियों, प्रेगनेंसी संबंधी जटिलताओं और दीर्घकालिक बचत के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच भी देता है।

आईसीआईसीआई प्रू महिला स्पेशल इंश्योरेंस प्लान की प्रमुख खासियतें और फायदे

कंपनी ने इस प्लान को आधुनिक कामकाजी महिलाओं, प्रोफेशनल्स, स्वरोजगार में लगी महिलाओं और गृहणियों (Homemakers) दोनों की जरूरतों को संतुलित करते हुए डिजाइन किया है:

  • महिला-विशिष्ट क्रिटिकल इलनेस कवर (Female Specific Cancers): इस प्लान का सबसे बड़ा आकर्षण महिलाओं में तेजी से बढ़ रहे कैंसर के मामलों (जैसे ब्रेस्ट कैंसर, सर्वाइकल कैंसर, ओवेरियन कैंसर और गर्भाशय का कैंसर) के खिलाफ विशेष आर्थिक सुरक्षा है। शुरुआती चरण में ही डायग्नोस होने पर एकमुश्त वित्तीय राशि का भुगतान किया जाता है ताकि इलाज बिना किसी रुकावट के तुरंत शुरू हो सके।

  • प्रीमियम पर एक्सक्लूसिव छूट (Discounted Premium Rates): महिलाओं की बेहतर जीवन प्रत्याशा (Life Expectancy) और स्वास्थ्य मानकों को मान्यता देते हुए कंपनी ने इस प्लान में पुरुषों के मुकाबले महिलाओं को प्रीमियम दरों पर 10% से 15% तक की विशेष लाइफटाइम छूट की पेशकश की है।

  • लाइफ-स्टेज प्रोटेक्शन अपग्रेड (Life-Stage Benefits): इस पॉलिसी की एक अनूठी विशेषता यह है कि महिला को जीवन के महत्वपूर्ण पड़ावों (जैसे शादी होने पर या बच्चे के जन्म के समय) पर बिना किसी नए मेडिकल टेस्ट के अपने बीमा कवर (Sum Assured) को 25% से 50% तक बढ़ाने की सुविधा मिलती है।

  • वेवर ऑफ प्रीमियम बेनिफिट (Waiver of Premium): यदि पॉलिसी अवधि के दौरान पॉलिसीधारक महिला किसी गंभीर बीमारी, अंग-भंग या स्थायी अक्षमता की शिकार हो जाती है, तो भविष्य के सभी प्रीमियम पूरी तरह माफ कर दिए जाते हैं और पॉलिसी के सभी लाभ पहले की तरह जारी रहते हैं।

  • मातृत्व और नवजात शिशु सुरक्षा राइडर: प्लान में प्रेग्नेंसी से जुड़ी गंभीर जटिलताओं और नवजात शिशु में जन्मजात विसंगतियों (Congenital Anomalies) के खिलाफ सुरक्षा देने वाले वैकल्पिक राइडर्स जोड़ने का विकल्प दिया गया है।

  • सुरक्षा के साथ वेल्थ क्रिएशन का दोहरा लाभ: यह पॉलिसी न केवल आकस्मिक संकट में परिवार को वित्तीय सुरक्षा देती है, बल्कि यदि पॉलिसीधारक पूरी अवधि तक स्वस्थ रहती हैं, तो मैच्योरिटी पर एक गारंटीड रिटर्न या आकर्षक फंड वैल्यू के साथ बचत की रकम वापस मिल जाती है।

महिलाओं के लिए क्यों जरूरी है विशेष इंश्योरेंस? जानिए कैंसर कवरेज और लाइफ-स्टेज बेनिफिट्स का गणित

भारत में महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़े आंकड़े बताते हैं कि जीवनशैली में बदलाव, तनाव और हार्मोनल असंतुलन के कारण महिलाओं में 30 से 50 वर्ष की आयु के बीच गंभीर बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) के अनुसार, भारत में महिलाओं में होने वाले कुल कैंसर मामलों में ब्रेस्ट और सर्वाइकल कैंसर की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत से अधिक है। इन बीमारियों का इलाज न केवल शारीरिक रूप से कष्टदायी होता है, बल्कि निजी अस्पतालों में थेरेपी, सर्जरी और दवाइयों का खर्च ₹10 लाख से ₹25 लाख तक पहुंच जाता है।

पारंपरिक बीमा पॉलिसियों में अक्सर महिलाओं से जुड़ी विशिष्ट समस्याओं को कवर नहीं किया जाता था या फिर उनके लिए अत्यधिक दस्तावेज मांगे जाते थे। आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल ने अपने इस नए प्लान के जरिए इन सभी व्यावहारिक बाधाओं को दूर किया है। यह प्लान एक वित्तीय तकिए की तरह काम करता है, जिससे बीमारी की स्थिति में महिला को अपनी बचत या परिवार के एसेट्स बेचने की नौबत नहीं आती।

गृहणियों (Homemakers) के लिए भी सुरक्षा का दायरा हुआ आसान

अब तक भारतीय बीमा बाजार में यह एक बड़ी समस्या थी कि यदि कोई महिला कामकाजी नहीं है (यानी उसके पास अपनी स्वतंत्र आय का प्रमाण नहीं है), तो उसे पर्याप्त बीमा कवर मिलना बहुत मुश्किल होता था। आईसीआईसीआई प्रू ने अपने नियमों को आसान बनाते हुए गृहणियों के लिए भी स्वतंत्र या पति की आय के आधार पर हाई-वैल्यू प्रोटेक्शन कवर लेने का रास्ता साफ किया है। परिवार में एक गृहिणी का योगदान अमूल्य होता है, और उनकी अनुपस्थिति या बीमारी से परिवार पर पड़ने वाले वित्तीय असर को सुरक्षित करने के लिए यह एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम है।

टैक्स छूट का दोहरा लाभ: 80C और 10(10D) के तहत बचत

यह महिला एक्सक्लूसिव बीमा योजना टैक्स सेविंग के लिहाज से भी बेहद फायदेमंद है:

  • प्रीमियम पर छूट: आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत पॉलिसी के लिए चुकाए गए वार्षिक प्रीमियम पर ₹1.5 लाख तक की टैक्स कटौती का लाभ मिलता है।

  • हेल्थ व क्रिटिकल इलनेस राइडर्स पर छूट: यदि पॉलिसी में स्वास्थ्य या क्रिटिकल इलनेस राइडर जोड़ा गया है, तो धारा 80D के तहत ₹25,000 तक की अतिरिक्त कर छूट प्राप्त की जा सकती है।

  • टैक्स-फ्री मैच्योरिटी व क्लेम: धारा 10(10D) के प्रावधानों के अनुसार पॉलिसी की मैच्योरिटी पर मिलने वाली पूरी रकम और मृत्यु दावे की राशि पूरी तरह कर-मुक्त (Tax-Free) होती है।

पात्रता, आयु सीमा और पॉलिसी लेने की सरल प्रक्रिया

आईसीआईसीआई प्रू ने इस प्लान को पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस बनाया है:

  • प्रवेश आयु: 18 वर्ष से लेकर 65 वर्ष तक की कोई भी भारतीय महिला इस प्लान के लिए आवेदन कर सकती है।

  • पॉलिसी अवधि: न्यूनतम 10 वर्ष से लेकर अधिकतम 40 वर्ष या 85 वर्ष की आयु तक (होल लाइफ विकल्प के साथ)।

  • प्रीमियम भुगतान विकल्प: मासिक, त्रैमासिक, छमाही, वार्षिक अथवा सीमित प्रीमियम भुगतान (5, 7 या 10 वर्षों के लिए)।

  • डिजिटल खरीद की सुविधा: महिलाएं कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल ऐप के जरिए अपनी बुनियादी जानकारी दर्ज करके, बिना किसी एजेंट के सीधे ऑनलाइन इस पॉलिसी को खरीद सकती हैं, जहां उन्हें अतिरिक्त ऑनलाइन डिस्काउंट भी प्रदान किया जा रहा है।

आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस द्वारा महिलाओं के लिए लाया गया यह एक्सक्लूसिव प्लान देश की नारी शक्ति को केवल एक बीमा पॉलिसी नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता, सम्मान और संपूर्ण स्वास्थ्य सुरक्षा का एक भरोसेमंद माध्यम प्रदान करता है।

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