मानसून स्किन केयर: बारिश में पैरों को फंगल इन्फेक्शन से बचाएगा होममेड पेडिक्योर; हफ्ते में दो बार अपनाएं यह आसान तरीका

मानसून का सुहावना मौसम अपने साथ ठंडक तो लाता है, लेकिन त्वचा से जुड़ी कई गंभीर चुनौतियां भी खड़ी कर देता है। इस मौसम में हमारे शरीर का जो अंग सबसे ज्यादा उपेक्षित और प्रभावित होता है, वह हैं हमारे पैर। सड़कों पर भरा गंदा बारिश का पानी, जलभराव और जूतों के भीतर बनी रहने वाली चिपचिपी नमी पैरों को बैक्टीरिया और फंगस का घर बना देती है।
डर्मेटोलॉजिस्ट्स (त्वचा रोग विशेषज्ञों) के अनुसार, बारिश के दिनों में 'एथलीट्स फुट' (Athlete's foot), पैर की उंगलियों के बीच सड़न व खुजली, नाखूनों का पीला पड़ना और बदबूदार पसीने जैसी समस्याएं तेजी से फैलती हैं। महंगे सैलून में जाकर हर हफ्ते हजारों रुपये खर्च करने के बजाय आप घर की रसोई में मौजूद प्राकृतिक चीजों से ही हफ्ते में दो बार एक शानदार और असरदार पेडिक्योर (Homemade Pedicure) कर सकते हैं, जिससे पैर पूरी तरह संक्रमण-मुक्त और कोमल बने रहेंगे।
घर पर पेडिक्योर करने का आसान तरीका: अपनाएं ये 5 स्टेप्स
घर पर सुरक्षित और असरदार पेडिक्योर करने के लिए आपको किसी खास उपकरण की जरूरत नहीं है। बस 20 से 25 मिनट का समय निकालकर नीचे दिए गए क्रमवार चरणों का पालन करें:
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स्टेप 1: एंटीसेप्टिक फुट सोक (गंदगी और बैक्टीरिया का खात्मा)
एक टब में हल्का गुनगुना पानी लें। इसमें एक चम्मच सेंधा नमक (या एप्सम सॉल्ट), आधा कप सेब का सिरका (एप्पल साइडर विनेगर) या एक पूरे नींबू का रस निचोड़ लें। बैक्टीरिया को पूरी तरह खत्म करने के लिए इसमें टी-ट्री ऑयल की 4 से 5 बूंदें या आधा ढक्कन लिक्विड एंटीसेप्टिक मिला लें। अपने पैरों को इस पानी में 10 से 15 मिनट के लिए डुबोकर रखें। यह पानी पैरों की मृत कोशिकाओं को ढीला करता है और फंगल जर्म्स को नष्ट करता है।
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स्टेप 2: एक्सफोलिएशन और स्क्रबिंग (डेड स्किन हटाना)
पैरों की त्वचा जब गुनगुने पानी से नरम हो जाए, तो एक प्यूमिस स्टोन (झांवा पत्थर) की मदद से एड़ियों और पंजों के सख्त हिस्सों को हल्के हाथों से रगड़ें। इसके बाद प्राकृतिक स्क्रब तैयार करने के लिए दो चम्मच पिसी हुई चीनी या चावल के आटे में एक चम्मच नारियल तेल और आधा चम्मच कॉफी पाउडर मिलाएं। इस पेस्ट से पैरों, टखनों और उंगलियों के बीच 3 से 4 मिनट तक सर्कुलर मोशन में स्क्रबिंग करें, जिससे बंद रोमछिद्र खुल सकें।
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स्टेप 3: नेल केयर और क्यूटिकल्स की सफाई
स्क्रबिंग के बाद पैरों को ताजे पानी से धोकर सुखाएं। एक अच्छे नेल कटर से नाखूनों को सीधा काटें। मानसून में नाखूनों को कोनों से बहुत ज्यादा गहरा काटने से बचें, क्योंकि इससे 'इनग्रोन टोनेल' (नाखून का मांस में धंसना) और इन्फेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। एक क्यूटिकल पुशर या तौलिए के कोने से नाखूनों के बेस की मृत त्वचा को धीरे से पीछे धकेलें और नेल फाइलर से किनारों को स्मूथ कर लें।
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स्टेप 4: डीप मॉइस्चराइजेशन और फुट मसाज
स्क्रबिंग के बाद पैरों को गहराई से पोषण देना बेहद जरूरी है। इसके लिए एलोवेरा जेल में बादाम का तेल या शिया बटर मिलाकर पैरों और पिंडलियों की 5 मिनट तक अच्छी तरह मालिश करें। यदि आपकी एड़ियां फटी हुई हैं, तो गाढ़ी पेट्रोलियम जेली (वैसलीन) या नीम-हल्दी युक्त क्रैक क्रीम लगाएं।
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स्टेप 5: नमी को लॉक करना
रात के समय पेडिक्योर करने के बाद पैरों पर सूती (कॉटन) के साफ मोजे पहन लें। इससे क्रीम त्वचा की गहराई तक समा जाती है और रातभर में पैर बेहद मुलायम और चमकदार बन जाते हैं।
मानसून में पैरों को इन्फेक्शन से बचाने के जरूरी नियम
सिर्फ पेडिक्योर करना ही काफी नहीं है, दैनिक दिनचर्या में इन सावधानियों का पालन करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है:
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गीले जूते और मोजे तुरंत उतारें: बारिश में भीगने के बाद कभी भी गीले मोजों या जूतों को देर तक पहने न रहें। घर पहुंचते ही पैरों को साबुन और साफ पानी से धोएं और तौलिए से पोंछकर पूरी तरह सुखाएं, खासकर उंगलियों के बीच का हिस्सा।
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खुले और हवादार फुटवियर पहनें: बारिश के दिनों में चमड़े (लेदर) या बंद जूतों के बजाय रबर के सैंडल, क्रॉक्स या फ्लोटर्स पहनें जो जल्दी सूख जाते हैं और जिनमें पानी जमा नहीं होता।
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एंटीफंगल डस्टिंग पाउडर का उपयोग: जूते पहनने से पहले पैरों के पंजों और उंगलियों के बीच में क्लोट्रिमाजोल युक्त एंटीफंगल पाउडर छिड़कें, ताकि पसीना और नमी न रुके।