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मीटर में जीरो नहीं, तेल की डेंसिटी देखो साहब पेट्रोल पंप वाले ने बताई ठगी से बचने की असली ट्रिक

News India Live, Digital Desk: क्या आप भी उन लोगों में से हैं जो मानते हैं कि पेट्रोल पंप पर 100, 200, 500 जैसे राउंड फिगर में तेल भरवाने से नुकसान होता है और 110, 220, 510 जैसे ऑड फिगर में भरवाने से फायदा? अगर हां, तो आप एक बहुत बड़े वहम में जी रहे हैं। आजकल की डिजिटल मशीनों के जमाने में इस बात का कोई मतलब नहीं रह गया है।यह खुलासा किसी एक्सपर्ट ने नहीं, बल्कि सालों से पेट्रोल पंप पर काम कर रहे एक कर्मचारी ने किया है। उसका कहना है कि लोग इन छोटी-छोटी बातों में उलझे रहते हैं और जो दो सबसे जरूरी चीजें हैं, उन पर ध्यान ही नहीं देते। यही वजह है कि वे ठगी का शिकार हो जाते हैं।तो चलिए जानते हैं कि पेट्रोल भरवाते समय आपको किन दो बातों का हमेशा ध्यान रखना चाहिए, जो आपका पैसा भी बचाएंगी और आपको सही माइलेज भी देंगी।1. तेल भरवाने से पहले “जीरो” देखा क्या?यह सुनने में बहुत मामूली लग सकता है, लेकिन पेट्रोल पंप पर होने वाली अधिकतर ठगी यहीं से शुरू होती है। पेट्रोल पंप कर्मचारी के अनुसार, बहुत से लोग गाड़ी से उतरते भी नहीं या फिर फोन पर बात करने में इतने व्यस्त होते हैं कि वे मीटर की तरफ देखते ही नहीं।कैसे होता है खेल: कई बार कर्मचारी पिछले ग्राहक की रीडिंग से ही मीटर आगे बढ़ाना शुरू कर देता है। मान लीजिए किसी ने 50 रुपये का तेल भरवाया और आपने ध्यान नहीं दिया, तो आपका मीटर 50 से ही शुरू होगा और आपको सीधे-सीधे 50 रुपये का चूना लग जाएगा।आपको क्या करना है: हमेशा अपनी गाड़ी में तेल भरवाना शुरू होने से पहले मशीन के मीटर पर “जीरो (0.00)” जरूर देखें। जब आप पूरी तरह से संतुष्ट हो जाएं, तभी कर्मचारी को तेल भरने के लिए कहें। यह आपका अधिकार भी है और आपकी सतर्कता भी।2. पेट्रोल की “डेंसिटी” यानी शुद्धता की गारंटीयह वो चीज है जिस पर 90% लोग ध्यान नहीं देते, लेकिन यह तेल की क्वालिटी बताने का सबसे बड़ा सबूत है। हर पेट्रोल पंप पर मशीन के डिस्प्ले पर तेल की डेंसिटी (घनत्व) लिखी होती है।क्यों जरूरी है डेंसिटी: सरकार द्वारा पेट्रोल और डीजल की शुद्धता के लिए एक मानक डेंसिटी तय की गई है। अगर मशीन पर दिखने वाली डेंसिटी इस मानक से बहुत कम या ज्यादा है, तो इसका मतलब है कि तेल में मिलावट हो सकती है। मिलावटी तेल न केवल आपकी गाड़ी के इंजन को खराब करता है, बल्कि इससे माइलेज भी बहुत कम हो जाता है।आपको क्या करना है: जब भी आप पेट्रोल या डीजल भरवाएं, तो मीटर पर डेंसिटी का आंकड़ा जरूर देखें। अगर आपको इसमें कुछ भी गड़बड़ लगे, तो आप पंप मैनेजर से इसकी शिकायत कर सकते हैं और शिकायत पुस्तिका में अपनी बात दर्ज करा सकते हैं।तो अगली बार जब आप अपनी गाड़ी में तेल भरवाने जाएं, तो 110-220 के चक्कर में पड़ने के बजाय “जीरो” और “डेंसिटी” पर ध्यान दें। थोड़ी सी जागरूकता आपको बड़े नुकसान से बचा सकती है।

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