मॉडल श्रद्धा दुबे पर पुलिस का शिकंजा, सभी एयरपोर्ट पर भेजी गई तस्वीर; कॉल डिटेल रिकॉर्ड से मिले अहम सुराग

आपराधिक मामले में वांछित चल रही मॉडल श्रद्धा दुबे की तलाश में पुलिस और जांच एजेंसियों ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस को पुख्ता इनपुट मिले थे कि कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी से बचने के लिए श्रद्धा दुबे देश छोड़कर विदेश भागने की फिराक में है। इस आशंका को देखते हुए जांच दल ने देश के सभी अंतरराष्ट्रीय और घरेलू हवाई अड्डों के आव्रजन (Immigration) काउंटरों को अलर्ट जारी करते हुए उनकी तस्वीरें और पहचान विवरण भेज दिए हैं। संबंधित प्राधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि यदि श्रद्धा दुबे किसी भी हवाई अड्डे से उड़ान भरने का प्रयास करती हैं, तो उन्हें तुरंत हिरासत में लेकर स्थानीय पुलिस को सूचित किया जाए।
कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDR) और मोबाइल डेटा से मिले अहम साक्ष्य
जांच एजेंसियों द्वारा श्रद्धा दुबे और उनके करीबी संपर्कों के मोबाइल नंबरों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDR) का गहन तकनीकी विश्लेषण किया गया है। साइबर और फॉरेंसिक टीमों को इस डेटा से कई चौंकाने वाले और महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य हाथ लगे हैं:
-
संदिग्ध संपर्कों की सूची: घटना से ठीक पहले और उसके बाद श्रद्धा दुबे लगातार कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों, हवाला ऑपरेटरों और संदिग्ध बिचौलियों के संपर्क में थीं।
-
अंतिम लोकेशन और रूट: मोबाइल टावर लोकेशन डेटा से पुलिस को यह समझने में मदद मिली है कि वह किन रास्तों और सुरक्षित ठिकानों का इस्तेमाल करते हुए फरार होने में सफल हुईं।
-
सहयोगियों की पहचान: सीडीआर और इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप्स के डेटा से उन लोगों के नाम भी सामने आ रहे हैं जिन्होंने वित्तीय मदद, फर्जी सिम कार्ड या वाहन मुहैया कराकर उन्हें पनाह दी। पुलिस अब इन सभी मददगारों को सह-अभियुक्त बनाने की तैयारी कर रही है।
संभावित ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी
श्रद्धा दुबे की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए पुलिस की कई विशेष टीमों का गठन किया गया है। राजधानी के अलावा सीमावर्ती जिलों, अन्य राज्यों के पॉश इलाकों, फार्महाउसों और उनके पूर्व परिचितों के ठिकानों पर देर रात तक सघन तलाशी अभियान चलाया गया। पुलिस ने उनके बैंक खातों और डिजिटल वॉलेट्स के लेन-देन पर भी नजर रखनी शुरू कर दी है, ताकि पैसे निकालने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले किसी भी एटीएम या ऑनलाइन ट्रांजैक्शन की लोकेशन तुरंत ट्रेस की जा सके।
लुकआउट सर्कुलर (LOC) और कानूनी प्रक्रिया
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि औपचारिकताएं पूरी होते ही संबंधित एजेंसी के जरिए औपचारिक लुकआउट सर्कुलर (LOC) जारी कराया जा रहा है, ताकि समुद्री और हवाई दोनों रास्तों से उनके बाहर जाने के सभी विकल्प पूरी तरह बंद हो जाएं। यदि आरोपी मॉडल जल्द जांच में शामिल नहीं होती हैं या आत्मसमर्पण नहीं करती हैं, तो पुलिस अदालत से गैर-जमानती वारंट (NBW) प्राप्त कर उनकी अचल संपत्तियों की कुर्की (धारा 82/83) की कानूनी प्रक्रिया शुरू करने का आवेदन दाखिल करेगी।
वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, जुटाए गए इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और सीडीआर इनपुट्स के आधार पर पुलिस के पास ठोस आधार मौजूद है और बहुत जल्द आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा।