मोतिहारी शराब कांड का मुख्य विलेन लखनऊ से गिरफ्तार, गाजियाबाद में बना रखी थी नकली कंपनी, ऐसे हुआ खुलासा

News India Live, Digital Desk: बिहार के मोतिहारी में हुए चर्चित जहरीली शराब कांड के मुख्य मास्टरमाइंड को पुलिस ने उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से धर दबोचा है। गिरफ्तार आरोपी न केवल जहरीली शराब की सप्लाई करता था, बल्कि उसने कानून की नजरों से बचने के लिए गाजियाबाद में एक ‘फर्जी कंपनी’ भी खड़ी कर रखी थी। इस गिरफ्तारी को बिहार और यूपी पुलिस की एक बड़ी कामयाबी माना जा रहा है, जिससे अंतरराज्यीय शराब माफियाओं के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है।लखनऊ में छिपा बैठा था ‘मौत का सौदागर’मोतिहारी पुलिस और विशेष जांच दल (SIT) लगातार इस मामले के संदिग्धों की तलाश में छापेमारी कर रही थी। तकनीकी निगरानी (Surveillance) और खुफिया जानकारी के आधार पर पता चला कि मुख्य आरोपी लखनऊ के एक इलाके में अपनी पहचान छिपाकर रह रहा है। बिहार पुलिस ने यूपी एसटीएफ के सहयोग से घेराबंदी की और उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान शराब कांड में इस्तेमाल होने वाले ‘स्पिरिट’ के प्रमुख सप्लायर के रूप में हुई है।गाजियाबाद में नकली कंपनी का खेलपुलिस जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। आरोपी ने गाजियाबाद में एक फर्जी फर्म पंजीकृत करा रखी थी, जो कागजों पर तो केमिकल या पेंट का कारोबार दिखाती थी, लेकिन असल में इसकी आड़ में भारी मात्रा में स्पिरिट बिहार भेजी जाती थी। इसी स्पिरिट से मोतिहारी में जहरीली शराब तैयार की गई थी, जिसने दर्जनों लोगों की जान ले ली। इस नकली कंपनी के जरिए वह अवैध रसायनों के परिवहन को ‘वैध’ दिखाने की कोशिश करता था।मोतिहारी कांड की यादें हुई ताजामोतिहारी में हुई इस दुखद घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। जहरीली शराब पीने से कई परिवारों के चिराग बुझ गए थे, जिसके बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए थे। पुलिस अब इस मास्टरमाइंड से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उसके नेटवर्क में और कौन-कौन से सफेदपोश लोग शामिल हैं और उसने अब तक कितनी बार इस फर्जी कंपनी का इस्तेमाल कर बिहार में खेप भेजी है।सख्त कार्रवाई की तैयारीबिहार पुलिस आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर मोतिहारी ले जाने की प्रक्रिया शुरू कर चुकी है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी पर हत्या, जालसाजी और उत्पाद शुल्क अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। साथ ही, उसकी संपत्तियों की जांच भी की जा रही है ताकि अवैध कमाई से बनाई गई संपत्ति को कुर्क किया जा सके। इस गिरफ्तारी के बाद मोतिहारी शराब कांड की कड़ियों को जोड़ना अब पुलिस के लिए आसान हो जाएगा।