मौसम विभाग का बड़ा अलर्ट: अगले 7 दिन दिल्ली-यूपी समेत 20 से अधिक राज्यों में होगी मूसलाधार बारिश, हिमाचल और उत्तराखंड पर मंडराया आफत की बरसात का खतरा

देशभर में मानसून एक बार फिर पूरी ताकत से सक्रिय हो चुका है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मौसम को लेकर एक बड़ा अलर्ट जारी करते हुए चेतावनी दी है कि अगले सात दिनों तक बारिश का यह दौर थमने वाला नहीं है। उत्तर भारत से लेकर मध्य और पूर्वोत्तर भारत तक के 20 से अधिक राज्यों में मूसलाधार बारिश, आंधी-तूफान और बिजली कड़कने का पूर्वानुमान जताया गया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मानसूनी द्रोणिका (Monsoon Trough) और बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से वायुमंडल में अत्यधिक नमी आ गई है, जिसके कारण मैदानी इलाकों से लेकर पहाड़ी राज्यों तक अगले एक हफ्ते में भारी वर्षा होने वाली है।
विशेष रूप से दो पहाड़ी राज्यों—हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड—के लिए आगामी दिन बेहद चुनौतीपूर्ण माने जा रहे हैं, जहां अत्यधिक भारी बारिश, भूस्खलन (Landslides) और फ्लैश फ्लड (अचानक आई बाढ़) का रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
अगले 7 दिनों तक थमने नहीं वाली बारिश: IMD का 20 से ज्यादा राज्यों में व्यापक अलर्ट
मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के मुताबिक, देश के उत्तर-पश्चिम, मध्य, पूर्व और पूर्वोत्तर हिस्सों में अगले पूरे सप्ताह के दौरान व्यापक रूप से मध्यम से भारी बारिश दर्ज की जाएगी। मानसून ट्रफ अपनी सामान्य स्थिति में बना हुआ है और दक्षिणी-पूर्वी हवाएं लगातार मैदानी इलाकों तक नमी पहुंचा रही हैं। जिन 20 से अधिक राज्यों के लिए अलर्ट जारी किया गया है, उनमें दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, महाराष्ट्र, गोवा, गुजरात, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश शामिल हैं।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार हो रही बारिश से जहां एक तरफ तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी, वहीं दूसरी तरफ निचले इलाकों में जलभराव, नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी और यातायात बाधित होने जैसी समस्याएं खड़ी हो सकती हैं।
पहाड़ों पर मंडराया सबसे बड़ा खतरा: हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के लिए रेड व ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने जिन दो राज्यों के लिए सबसे गंभीर चेतावनी जारी की है, वे हैं हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड। इन दोनों पहाड़ी राज्यों में अगले 7 दिनों के दौरान कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा (Extremely Heavy Rainfall) और बादल फटने की घटनाएं हो सकती हैं।
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उत्तराखंड का हाल: चमोली, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़, बागेश्वर, देहरादून और नैनीताल जिलों में भूस्खलन और पहाड़ों से मलबे गिरने का खतरा काफी बढ़ गया है। अलकनंदा, मंदाकिनी, भागीरथी और गंगा नदियां उफान पर हैं। चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं को मौसम का मिजाज देखकर ही यात्रा शुरू करने की सलाह दी गई है।
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हिमाचल प्रदेश में आफत: मंडी, कुल्लू, शिमला, कांगड़ा और सिरमौर जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। ब्यास और सतलुज नदियों का जलस्तर खतरे के निशान के पास पहुंच सकता है। पहाड़ी रास्तों पर भूस्खलन की आशंका को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने पर्यटकों को नदी-नालों से दूर रहने और अनावश्यक यात्रा न करने की हिदायत दी है।
दिल्ली-एनसीआर और यूपी-बिहार का मौसम: मैदानी इलाकों में जलभराव और झमाझम बौछारें
देश की राजधानी दिल्ली और इससे सटे एनसीआर के इलाकों (नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद) में अगले सात दिनों तक आसमान में बादल छाए रहेंगे और रुक-रुक कर हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहेगा। कुछ स्थानों पर एक-दो स्पेल में तेज आंधी के साथ भारी बौछारें भी पड़ सकती हैं। बारिश की वजह से दिल्ली के तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी। हालांकि, बारिश के चलते मिंटो रोड, आईटीओ और धौला कुआं जैसे निचले इलाकों में जलभराव और ट्रैफिक जाम की स्थिति पैदा होने की आशंका जताई गई है।
उत्तर प्रदेश के मौसम की बात करें तो पूर्वांचल (गोरखपुर, वाराणसी, प्रयागराज, देवरिया) और पश्चिमांचल (मेरठ, मुरादाबाद, बरेली, आगरा) दोनों ही हिस्सों में अगले सात दिनों तक मानसून मेहरबान रहेगा। ज्यादातर जिलों में आकाशीय बिजली चमकने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के साथ मूसलाधार बारिश का अनुमान है। वहीं बिहार और झारखंड में भी मानसून ट्रफ की सक्रियता की वजह से उत्तरी और पूर्वी जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होगी। कोसी, गंडक और बागमती जैसी नदियों में उफान आने से बिहार के तराई इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।
राजस्थान, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में भी दिखेगा मानसून का विकराल रूप
मध्य भारत और पश्चिमी भारत के राज्यों में भी अगले सात दिनों के दौरान मौसमी गतिविधियां काफी तेज रहने वाली हैं।
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राजस्थान: पूर्वी राजस्थान के जयपुर, कोटा, उदयपुर और भरतपुर संभागों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं पश्चिमी राजस्थान के जिलों में भी हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जाएगी।
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मध्य प्रदेश: भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और ग्वालियर समेत राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश का नया दौर शुरू हो रहा है। मालवा और निमाड़ अंचल में नदियां-नाले उफान पर आ सकते हैं।
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महाराष्ट्र और कोंकण क्षेत्र: मुंबई, ठाणे, पालघर और रत्नागिरी में अगले कुछ दिनों के दौरान समुद्र तटीय इलाकों में तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश की संभावना जताई गई है। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
प्रशासन की अलर्ट मोड पर तैयारी: आपदा प्रबंधन और नागरिकों के लिए सुरक्षा गाइडलाइन
बारिश के इस सात दिवसीय लंबे स्पेल को देखते हुए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) की टीमों को संवेदनशील और बाढ़ संभावित जिलों में अलर्ट मोड पर तैनात कर दिया गया है। संबंधित राज्य सरकारों और जिला प्रशासनों ने कंट्रोल रूम स्थापित किए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके।
मौसम विभाग और आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने आम नागरिकों, यात्रियों और किसानों के लिए जरूरी सुरक्षा निर्देश जारी किए हैं:
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आकाशीय बिजली से बचाव: बारिश और कड़कने के दौरान खुले खेतों, ऊंचे पेड़ों या लोहे के खंभों के नीचे बिल्कुल खड़े न हों। पक्के मकानों में शरण लें।
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यात्रा से पहले जांचें रूट: पहाड़ी इलाकों में जाने वाले यात्री स्थानीय मौसम पूर्वानुमान और रास्ते की स्थिति का जायजा लेने के बाद ही घर से निकलें।
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जलभराव वाले रास्तों से बचें: जलमग्न अंडरपास और बहते हुए बरसाती नालों को पार करने का जोखिम न उठाएं।
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किसानों के लिए सलाह: खेतों में जल निकासी (Drainage) का उचित प्रबंध रखें ताकि खड़ी फसलों को जलभराव से नुकसान न पहुंचे।
मौसम विभाग के इस सात दिवसीय अलर्ट के अनुसार, आने वाला हफ्ता देश के एक बड़े हिस्से के लिए बारिश और नमी लेकर आ रहा है। सतर्कता और सही जानकारी के साथ ही इस मौसमी आफत के प्रभाव को कम किया जा सकता है।