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रक्षक ही बना भक्षक: उत्तराखंड में पुलिसकर्मी पर शादी का झांसा देकर रेप, मारपीट और जबरन गर्भपात का संगीन आरोप

काशीपुर (उत्तराखंड)। कानून की रक्षा करने वाली खाकी वर्दी पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले के काशीपुर में एक अल्पसंख्यक समुदाय की महिला ने एक पुलिसकर्मी पर प्रेम जाल में फंसाकर शारीरिक शोषण करने, जबरन गर्भपात कराने और मारपीट करने के बेहद संगीन आरोप लगाए हैं। आरोपी पुलिसकर्मी का नाम अरुण कुमार है, जो मूल रूप से काशीपुर का रहने वाला है और वर्तमान में नैनीताल जिले के भवाली में तैनात है।पीड़िता इंसाफ के लिए लगातार थाने और पुलिस के आला अधिकारियों के चक्कर काट रही है, लेकिन आरोपी के पुलिस विभाग से जुड़े होने के कारण जांच और कार्रवाई पर संदेह के बादल मंडरा रहे हैं।मामले के मुख्य बिंदु और आरोपप्रेम जाल, मंदिर में शादी और फिर मुकरना: पीड़िता का आरोप है कि पुलिसकर्मी अरुण कुमार ने पहले उसे अपने प्रेम जाल में फंसाया और मंदिर में शादी करके पत्नी का दर्जा देने का भरोसा दिया। लेकिन जब महिला ने यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) के तहत इस विवाह को कानूनी रूप से पंजीकृत (Register) कराने की मांग की, तो आरोपी भड़क गया और उसने रिश्ते को सार्वजनिक रूप से स्वीकार करने से साफ इनकार कर दिया।फ्लैट में घुसकर रेप और बेरहमी से पिटाई: पीड़िता के अनुसार, 8 फरवरी 2026 की शाम आरोपी जबरदस्ती उसके फ्लैट में घुस आया। उसने महिला के बाल पकड़कर घसीटा, लात-घूंसों से बेरहमी से पिटाई की और जबरन दुष्कर्म किया। इस पूरी मारपीट की घटना का सीसीटीवी (CCTV) फुटेज भी सामने आया है।जबरन गर्भपात और जान से मारने की धमकी: महिला का यह भी आरोप है कि आरोपी ने न सिर्फ उसका शारीरिक और मानसिक शोषण किया, बल्कि जबरन उसका गर्भपात (Abortion) भी कराया। अब आरोपी और उसके पिता (खासकर अरुण कुमार के पिता) पीड़िता को जान से मारने की धमकियां दे रहे हैं।पहले भी दर्ज हो चुके हैं मुकदमे, फिर भी पुलिस के हाथ खालीइस मामले में सबसे ज्यादा हैरानी की बात यह है कि आरोपी पुलिसकर्मी का यह कोई पहला विवाद नहीं है।साल 2025 का मुकदमा: पीड़िता ने साल 2025 में भी आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था, लेकिन आरोपी ने उत्तराखंड हाई कोर्ट से अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) ले ली थी।नैनीताल होटल विवाद: इससे पहले 6 जनवरी 2026 को नैनीताल के एक निजी होटल में भी मारपीट की घटना सामने आई थी, जिसकी शिकायत दर्ज कराई गई थी।आरोपी लगातार पीड़िता पर पुराने मुकदमों को वापस लेने का दबाव बना रहा था।पुलिस की भूमिका पर उठ रहे सवालइस पूरे घटनाक्रम में पुलिस की कार्यशैली सवालों के घेरे में है। कई बार थाने के चक्कर लगाने और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) से गुहार लगाने के बाद काशीपुर कोतवाली में नया मुकदमा तो दर्ज कर लिया गया है, लेकिन आरोपी की अब तक गिरफ्तारी नहीं हुई है। मीडिया द्वारा सवाल पूछे जाने पर भी पुलिस अधिकारी स्पष्ट जवाब देने से बचते नजर आ रहे हैं।

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