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रवींद्र जडेजा का मिल गया ‘अपग्रेडेड वर्जन’! पूर्व क्रिकेटर आकाश चोपड़ा ने बताया इस 24 वर्षीय युवा को भारतीय टेस्ट टीम का अगला सुपरस्टार

भारतीय क्रिकेट टीम में समय के साथ बदलाव का दौर शुरू हो चुका है, जहां सीनियर खिलाड़ियों के संन्यास लेने के बाद युवा टैलेंट अपनी जगह पक्की कर रहे हैं। इस बीच, भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज और जाने-माने कमेंटेटर आकाश चोपड़ा ने एक ऐसे युवा खिलाड़ी की तारीफ में कसीदे पढ़े हैं, जिसे भारतीय टेस्ट टीम में अनुभवी स्पिन ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा का परफेक्ट उत्तराधिकारी माना जा रहा है। यह 24 वर्षीय युवा खिलाड़ी कोई और नहीं बल्कि अपनी फिरकी और बल्लेबाजी से धूम मचाने वाले मानव सुथार हैं।

गॉल टेस्ट में दिखाया दम और बल्ले से भी किया कमाल

मानव सुथार ने हाल ही में श्रीलंका के खिलाफ गॉल में खेले जा रहे टेस्ट मैच के दौरान अपनी शानदार गेंदबाजी और बल्लेबाजी से सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा है। मैच की पहली पारी में घातक गेंदबाजी करते हुए सुथार ने 4 महत्वपूर्ण विकेट अपने नाम किए। इसके बाद आठवें नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए उन्होंने उपयोगी 24 रनों का योगदान भी दिया। इसी साल जून में इंटरनेशनल डेब्यू करने वाले मानव ने अपने पहले ही टेस्ट मैच (अफगानिस्तान के खिलाफ) में 7 विकेट झटककर 'प्लेयर ऑफ द मैच' का खिताब अपने नाम किया था।

आकाश चोपड़ा ने क्यों कहा 'अपग्रेडेड वर्जन'?

अपने यूट्यूब चैनल पर बात करते हुए आकाश चोपड़ा ने मानव सुथार की जमकर सराहना की। जब उनसे पूछा गया कि क्या सुथार ने एशियाई पिचों पर अपनी जगह पक्की कर ली है, तो उन्होंने सकारात्मक जवाब देते हुए कहा, "बंदा बहुत तगड़ा है। उसके हाथ से जो गेंद निकलती है, वह ड्रिफ्ट भी करती है, बाउंस भी देती है और टर्न भी कराती है। वह बल्लेबाज को डिफेंस करते हुए धूल चटा सकता है।"

आकाश ने आगे कहा कि 37 वर्षीय रवींद्र जडेजा अपने करियर के आखिरी पड़ाव पर हैं, जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 350 से अधिक विकेट और 4000 से ज्यादा रन बनाए हैं। भविष्य में जब जडेजा संन्यास लेंगे, तो टीम को उनके जैसे ही मैच विनर की जरूरत होगी। आकाश का मानना है कि अगर सिर्फ गेंदबाजी के नजरिए से देखा जाए, तो मानव सुथार रवींद्र जडेजा का 'अपग्रेडेड वर्जन' साबित हो सकते हैं, क्योंकि वह विदेशी परिस्थितियों (Overseas Conditions) में भी टीम के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकते हैं।

क्रिकेट के नक्शे से दूर श्रीगंगानगर से तय किया सफर

मानव सुथार की यह सफलता रातों-रात नहीं मिली है। राजस्थान के श्रीगंगानगर जैसे शहर से ताल्लुक रखने वाले सुथार ने घरेलू क्रिकेट में लंबी मेहनत की है। श्रीगंगानगर कोई पारंपरिक क्रिकेट हॉटस्पॉट नहीं माना जाता, लेकिन वहां से निकलकर सुथार ने रेड-बॉल क्रिकेट यानी लॉन्ग फॉर्मेट पर अपना पूरा फोकस रखा। दलीप ट्रॉफी से लेकर 'इंडिया ए' के लिए लगातार विकेट चटकाने तक, उनका सफर अनुशासन और कड़ी मेहनत की मिसाल है।

बीसीसीआई 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' में की थी खास तैयारी

श्रीलंका दौरे पर मिली सफलता के पीछे उनकी कड़ी ट्रेनिंग का भी बड़ा हाथ है। टेस्ट सीरीज से ठीक पहले मानव सुथार ने बीसीसीआई के 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' (COE) में 10 दिनों तक कूकाबुरा गेंद के साथ विशेष अभ्यास किया था। खुले मैदान में तेज हवाओं के बीच किए गए इस अभ्यास ने उन्हें गॉल की मुश्किल पिचों और परिस्थितियों से तालमेल बिठाने में मदद की, जिसका परिणाम आज मैदान पर साफ नजर आ रहा है।

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