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राजेश खन्ना के सुपरस्टार बनने का काला सच? वायरल वीडियो में पब्लिसिटी एजेंट का सनसनीखेज दावा, ऐसे रची गई थी काका की लोकप्रियता

News India Live, Digital Desk: भारतीय सिनेमा के इतिहास में जब भी ‘सुपरस्टार’ शब्द का जिक्र होता है, तो सबसे पहला नाम राजेश खन्ना का आता है। उनकी एक मुस्कुराहट पर लड़कियां जान छिड़कती थीं और उनकी सफेद फिएट कार लिपस्टिक के निशानों से गुलाबी हो जाया करती थी। लेकिन क्या ‘काका’ की यह दीवानगी सिर्फ उनके अभिनय का जादू थी या इसके पीछे कोई मास्टरमाइंड था? इन दिनों सोशल मीडिया पर राजेश खन्ना के एक पुराने पब्लिसिटी एजेंट का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने सुपरस्टार की सफलता के पीछे के ‘पीआर गेम’ (PR Game) का ऐसा खुलासा किया है जिसे सुनकर हर कोई दंग है।भीड़ और दीवानगी के पीछे का ‘असली खेल’वायरल क्लिप में दावा किया गया है कि राजेश खन्ना की सार्वजनिक उपस्थिति (Public Appearances) के दौरान जो भारी भीड़ और चीखती-चिल्लाती लड़कियों का हुजूम दिखता था, वह हमेशा स्वतःस्फूर्त नहीं होता था। पूर्व पब्लिसिटी एजेंट का कहना है कि उस दौर में राजेश खन्ना के स्टारडम को ‘लार्जर दैन लाइफ’ बनाने के लिए विशेष रणनीतियां अपनाई गई थीं। एजेंट के मुताबिक, हवाई अड्डों और प्रीमियर के बाहर अक्सर ‘क्रैकिंग क्राउड’ को बुलाया जाता था ताकि ऐसा माहौल बने कि जैसे पूरा देश उनके पीछे पागल है।सफेद कार और लिपस्टिक के निशान का ‘मिथक’राजेश खन्ना से जुड़ा सबसे मशहूर किस्सा उनकी सफेद कार का है। कहा जाता था कि लड़कियां उनकी धूल से भरी कार को चूमती थीं। वायरल वीडियो में इस पर भी कटाक्ष किया गया है। एजेंट का संकेत है कि स्टारडम की कहानियों को मसालेदार बनाने के लिए कई बार ऐसी घटनाओं को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जाता था ताकि प्रेस और मीडिया में इसकी चर्चा बनी रहे। यह खुलासा उन फैंस के लिए बड़ा झटका है जो दशकों से इसे राजेश खन्ना के प्रति सच्ची दीवानगी का प्रतीक मानते रहे हैं।15 बैक-टू-बैक हिट्स का अनोखा रिकॉर्डभले ही पब्लिसिटी एजेंट कुछ भी दावा करें, लेकिन आंकड़ों को झुठलाया नहीं जा सकता। राजेश खन्ना के नाम आज भी लगातार 15 सोलो हिट फिल्में देने का ऐसा विश्व रिकॉर्ड है, जिसे अमिताभ बच्चन या शाहरुख खान भी नहीं तोड़ पाए। ‘आराधना’, ‘कटी पतंग’, ‘आनंद’ और ‘अमर प्रेम’ जैसी फिल्मों ने उन्हें घर-घर का चहेता बनाया था। जानकारों का कहना है कि पब्लिसिटी किसी को चर्चा में तो ला सकती है, लेकिन थिएटर के अंदर दर्शक सिर्फ और सिर्फ टैलेंट की वजह से टिकते हैं।क्या पीआर के दम पर बना था पहला सुपरस्टार?सिनेमाई विशेषज्ञों का मानना है कि राजेश खन्ना उस दौर में आए थे जब भारत को एक रोमांटिक हीरो की जरूरत थी। पब्लिसिटी ने भले ही उस आग में घी डालने का काम किया हो, लेकिन उनका करिश्मा और गर्दन झुकाकर बात करने का अंदाज पूरी तरह से ओरिजिनल था। वायरल वीडियो पर सोशल मीडिया दो गुटों में बंट गया है। कुछ लोग इसे ‘इमेज बिल्डिंग’ का हिस्सा मान रहे हैं, तो वहीं राजेश खन्ना के कट्टर प्रशंसक इसे उनकी विरासत को धूमिल करने की कोशिश बता रहे हैं।

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