राम मंदिर चंदा चोरी केस: CJI सूर्यकांत खुद करेंगे सुनवाई, सुप्रीम कोर्ट में तय हुई तारीख; जानें कौन से जज रहेंगे बेंच में

अयोध्या के भव्य राम मंदिर निर्माण के लिए एकत्रित किए गए चंदे में अनियमितता और कथित चोरी के मामले में अब सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपना लिया है। इस संवेदनशील और करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़े मामले की सुनवाई अब सीधे देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ करेगी। सुप्रीम कोर्ट में इस केस के लिस्ट होते ही कानूनी हलकों में चर्चा तेज हो गई है। यह मामला न केवल वित्तीय पारदर्शिता के लिहाज से अहम है, बल्कि राम मंदिर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाने वाले इस केस पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं।
कब होगी सुनवाई और कौन होंगे बेंच में?
सुप्रीम कोर्ट के प्रशासनिक आदेश के अनुसार, इस केस की सुनवाई के लिए एक विशेष पीठ (Special Bench) का गठन किया गया है। CJI सूर्यकांत के साथ इस बेंच में दो अन्य वरिष्ठ न्यायाधीश भी शामिल होंगे, जो मामले की गंभीरता को देखते हुए कानूनी पहलुओं का बारीकी से अध्ययन करेंगे। आगामी दिनों में सुनवाई की तारीख तय कर दी गई है, जिसमें याचिकाकर्ता और ट्रस्ट से जुड़े पक्ष अपना अपना तर्क रखेंगे। कानूनी जानकारों का मानना है कि CJI का स्वयं इस मामले की निगरानी करना यह दर्शाता है कि अदालत इस पूरे प्रकरण की तह तक जाना चाहती है, ताकि चंदे से जुड़ी किसी भी प्रकार की शंका का समाधान हो सके।
क्या है पूरा विवाद और क्यों है अहम?
राम मंदिर चंदा चोरी का मामला पिछले काफी समय से तूल पकड़े हुए था। इसमें मंदिर निर्माण के लिए दान की गई राशि के सही उपयोग और इसमें कथित तौर पर हुई हेराफेरी के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। अब सुप्रीम कोर्ट के दखल के बाद, उम्मीद की जा रही है कि इस विवाद से जुड़े तमाम सवालों के जवाब जल्द मिलेंगे। ट्रस्ट की ओर से पहले भी इन आरोपों को निराधार बताया जा चुका है, लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट की सख्त निगरानी में इस केस के आगे बढ़ने से स्थिति और स्पष्ट हो जाएगी। क्या अदालत जांच के लिए एसआईटी (SIT) का गठन करेगी या फिर ट्रस्ट को अपना पक्ष रखने के लिए विशेष मौका देगी, यह सुनवाई के दौरान ही साफ हो पाएगा।