राहुल गांधी का जंतर-मंतर पर बड़ा धमाका: छात्राओं संग धरने पर बैठे, बोले- ‘धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा चाहिए

देश की राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक धरना स्थल जंतर-मंतर से इस वक्त की सबसे बड़ी राजनीतिक और सामाजिक खबर आ रही है। देश में पिछले काफी समय से चल रहे नीट (NEET) और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक विवाद ने अब एक उग्र राजनीतिक रूप ले लिया है। कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी इस बार सीधे पीड़ित छात्राओं और महिला अभ्यर्थियों की टोली को लेकर जंतर-मंतर पर मैदान में उतर आए हैं। केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए राहुल गांधी ने सीधे देश के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने की मांग की है और साफ कर दिया है कि उन्हें सिर्फ मंत्रालय का फेरबदल कतई मंजूर नहीं होगा।
पीड़ित छात्राओं के आंसू देख भावुक हुए राहुल, सरकार को घेरा
जंतर-मंतर पर आयोजित इस विशाल विरोध प्रदर्शन में देश के कोने-कोने से आई उन छात्राओं ने हिस्सा लिया, जिनकी सालों की मेहनत परीक्षाओं में हुई धांधली की वजह से बेकार हो गई। छात्राओं से सीधे संवाद करते हुए राहुल गांधी काफी भावुक नजर आए। उन्होंने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि यह सिर्फ किसी एक परीक्षा का फेलियर नहीं है, बल्कि देश के करोड़ों युवाओं और विशेष रूप से हमारी बेटियों के भविष्य के साथ किया गया एक क्रूर मज़ाक है। राहुल ने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है, लेकिन विपक्ष अब चुप बैठने वाला नहीं है।
मंत्रालय बदलना सिर्फ लीपापोती, अब सीधे इस्तीफे पर अड़ा विपक्ष
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता ने एक बेहद आक्रामक रुख अपनाया। राजनीतिक गलियारों में चल रही उन चर्चाओं पर विराम लगाते हुए, जिसमें शिक्षा मंत्री का विभाग बदलने की अटकलें लगाई जा रही थीं, राहुल गांधी ने दो टूक कहा कि देश के छात्रों को सरकार की यह लीपापोती मंजूर नहीं है। उन्होंने कहा कि जब तक धर्मेंद्र प्रधान को उनके पद से पूरी तरह से बर्खास्त नहीं किया जाता, तब तक यह लड़ाई सड़क से लेकर संसद तक जारी रहेगी। विपक्ष का मानना है कि परीक्षा सिस्टम में बैठे बड़े चेहरों पर कार्रवाई किए बिना सिस्टम को नहीं सुधारा जा सकता।
दिल्ली-NCR और लोकल युवाओं के बीच बढ़ा उबाल
राहुल गांधी के इस जंतर-मंतर मार्च के बाद दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम सहित पूरे देश के कोचिंग हब्स में पढ़ने वाले छात्रों के बीच एक नई ऊर्जा और उबाल देखने को मिल रहा है। स्थानीय छात्र संगठनों ने भी इस प्रदर्शन को अपना समर्थन दिया है। दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर और उसके आसपास के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि युवाओं और विशेषकर महिला छात्रों से जुड़ा यह मुद्दा अब सीधे तौर पर आने वाले विधानसभा चुनावों और देश के राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित करने की ताकत रखता है।