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राहुल-प्रियंका का INDI गठबंधन के साथ सुप्रीम कोर्ट तक मार्च, CEC के खिलाफ याचिका दाखिल करने की अनुमति

देश की राजधानी दिल्ली में सोमवार को एक बार फिर बड़ा राजनीतिक ड्रामा देखने को मिला है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के नेतृत्व में 'इंडी' (INDI) गठबंधन के तमाम बड़े नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जंतर-मंतर से सुप्रीम कोर्ट तक एक बड़ा पैदल मार्च निकाला। हालांकि, दिल्ली पुलिस की भारी सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी नाकेबंदी के बीच सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि कोर्ट के दरवाजे सभी के लिए खुले हैं और कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को अपनी याचिका दाखिल करने की अनुमति दे दी गई है।

विपक्ष का 'चलो दिल्ली' मार्च और CEC के खिलाफ विरोध प्रदर्शन

मुख्य चुनाव आयुक्त के कामकाज और हालिया चुनावी प्रक्रियाओं के विरोध में विपक्ष ने 'चलो दिल्ली' विरोध मार्च का आह्वान किया था। कनॉट प्लेस से शुरू होकर सुप्रीम कोर्ट की ओर बढ़ने वाले इस मार्च में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ इंडी गठबंधन के कई प्रमुख सांसद और नेता शामिल हुए। मार्च से पहले राहुल गांधी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए इसे न्याय और लोकतंत्र की रक्षा के लिए निकाला गया मार्च बताया। विपक्षी दलों का आरोप है कि चुनाव आयोग अपने संवैधानिक दायित्वों का निष्पक्षता से पालन नहीं कर रहा है, जिसके खिलाफ उन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाने का निर्णय लिया है।

सुप्रीम कोर्ट ने दी याचिका दाखिल करने की अनुमति, CJI ने स्पष्ट की स्थिति

दूसरी ओर, इस पूरे घटनाक्रम के बीच भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने स्पष्ट किया कि देश के हर नागरिक और निर्वाचित प्रतिनिधि को अदालत आने का पूरा अधिकार है। विपक्ष के नेताओं से मुलाकात के अनुरोध पर CJI ने बताया कि उन्हें इस संबंध में पत्र मिला था, जिसका उन्होंने नियमानुसार जवाब दे दिया था। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे सभी के लिए खुले हैं और कानून के दायरे में रहकर हर उचित याचिका पर सुनवाई की जाएगी। अदालत की अनुमति मिलने के बाद कांग्रेस के 10 से 15 सदस्यों के एक प्रतिनिधिमंडल ने सुप्रीम कोर्ट परिसर के अंदर जाकर अपनी याचिका विधिवत दाखिल कर दी है।

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