विदेश

रियाद के आसमान में बारूद की गूंज: नागरिक हवाई अड्डे को बनाया गया निशाना

सऊदी अरब की राजधानी रियाद में स्थित अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए एक बड़े और कायराना आतंकवादी हमले ने पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया है। ड्रोन और मिसाइल के जरिए किए गए इस घातक हमले में एक निर्दोष भारतीय नागरिक की दुखद मौत हो गई है, जबकि 11 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। इस बर्बर हमले के वक्त हवाई अड्डे पर यात्रियों और कर्मचारियों की भारी आवाजाही थी, जिसके चलते अचानक मची भगदड़ और धमाके के छर्रों से कई लोग लहूलुहान हो गए। सऊदी सुरक्षा बलों और एयर डिफेंस सिस्टम ने कई प्रोजेक्टाइल्स को हवा में ही इंटरसेप्ट करने की कोशिश की, लेकिन एक ड्रोन का मलबा और विस्फोटक सीधा एयरपोर्ट के सिविलियन टर्मिनल और ऑपरेशनल एरिया के पास आकर गिरा, जिसने भारी तबाही मचाई। विदेशी धरती पर अपनी रोजी-रोटी कमाने गए एक भारतीय कामगार की इस बेकसूर शहादत ने भारत में गम और गुस्से की लहर पैदा कर दी है।

भारत सरकार का सख्त रुख: नई दिल्ली ने कहा- 'नागरिक ठिकानों पर हमला पूरी तरह अस्वीकार्य'

इस दर्दनाक घटना की खबर मिलते ही भारत सरकार के विदेश मंत्रालय (MEA) ने अत्यंत कड़ा और सख्त रुख अख्तियार किया है। नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता ने इस आतंकी हमले की कड़े से कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय मानवतावादी कानूनों और नागरिक सुरक्षा का खुला उल्लंघन करार दिया है। भारत सरकार ने स्पष्ट किया कि किसी भी नागरिक हवाई अड्डे, आम यात्रियों और निर्दोष कामगारों को निशाना बनाना आतंकवाद का सबसे घिनौना रूप है, जिसे किसी भी राजनीतिक या सैन्य बहाने से जायज नहीं ठहराया जा सकता। भारत ने सऊदी अरब की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता पर हुए इस सीधे हमले के खिलाफ रियाद के साथ पूरी एकजुटता जाहिर की है। इसके साथ ही, भारत ने मृतक भारतीय नागरिक के परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की है और रियाद स्थित भारतीय दूतावास को निर्देश दिए हैं कि पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता पहुंचाई जाए और शव को सम्मानपूर्वक व शीघ्र स्वदेश लाने के सारे कानूनी प्रबंध पूरे किए जाएं।

रियाद में भारतीय दूतावास एक्टिव: घायलों की मदद और अस्पतालों में निगरानी

धमाके के तुरंत बाद सऊदी अरब में भारतीय राजदूत और उच्चायोग की विशेष आपदा प्रबंधन टीम सक्रिय हो गई। भारतीय राजनयिकों ने तत्काल स्थानीय सऊदी अधिकारियों और अस्पतालों से संपर्क साधा जहां घायलों का इलाज चल रहा है।

  • घायलों की स्थिति: घायल हुए 11 लोगों में कई देशों के नागरिक और स्थानीय कर्मचारी शामिल हैं, जिनका इलाज रियाद के शीर्ष ट्रॉमा सेंटर्स और सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों में डॉक्टरों की गहन निगरानी में जारी है।

  • हेल्पलाइन नंबर जारी: भारतीय दूतावास ने सऊदी अरब में रह रहे भारतीय समुदाय की चिंताओं को दूर करने के लिए आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर और सहायता डेस्क स्थापित किए हैं, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति या जानकारी के अभाव में फंसे कामगार सीधे संपर्क कर सकें।

  • स्थानीय प्रशासन से समन्वय: दूतावास के अधिकारी निरंतर सऊदी नागरिक उड्डयन प्राधिकरण और पुलिस महकमे के साथ संपर्क बनाए हुए हैं ताकि एयरपोर्ट पर फंसे बाकी भारतीय यात्रियों को सुरक्षित स्थानों और वैकल्पिक उड़ानों तक पहुंचाने में कोई अड़चन न आए।

गल्फ रीजन में भारतीयों की सुरक्षा पर गहराते खतरे: 25 लाख से अधिक प्रवासियों का भविष्य

सऊदी अरब केवल एक महत्वपूर्ण वैश्विक ऊर्जा आपूर्तिकर्ता ही नहीं है, बल्कि यह खाड़ी देशों में सबसे बड़ी भारतीय प्रवासी आबादी का घर भी है। वर्तमान में लगभग 25 लाख से अधिक भारतीय सऊदी अरब के विभिन्न शहरों—रियाद, जेद्दाह, दम्माम, मक्का और मदीना में निर्माण, स्वास्थ्य, आईटी, विमानन और खुदरा क्षेत्रों में कार्यरत हैं। यह हमला केवल एक हवाई अड्डे पर बमबारी नहीं है, बल्कि खाड़ी में शांति और स्थिरता से जीवनयापन कर रहे लाखों भारतीय कामगारों की सुरक्षा पर सीधा हमला है। इससे पहले भी सऊदी अरब के दक्षिणी सीमावर्ती इलाकों, अबहा एयरपोर्ट और अरामको की तेल रिफाइनरियों पर समय-समय पर यमन स्थित ईरान समर्थित हौथी विद्रोहियों द्वारा ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइल हमले किए जाते रहे हैं, जिनमें कई बार विदेशी नागरिकों की जान जा चुकी है। लेकिन सीधे राजधानी रियाद के केंद्रीय अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को इस स्तर पर निशाना बनाया जाना सुरक्षा व्यवस्था में एक बहुत बड़े खतरे और सीधे युद्ध की घोषणा की ओर इशारा करता है।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की मांग

भारत ने न केवल इस हमले की निंदा की है, बल्कि संयुक्त राष्ट्र (UN) और वैश्विक महाशक्तियों से आग्रह किया है कि वे नागरिक आबादी और महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर पर आतंकवादी हमलों को प्रायोजित करने और हथियार मुहैया कराने वाली ताकतों के खिलाफ एकजुट होकर ठोस कदम उठाएं। जब तक ड्रोन तकनीक, क्रूज मिसाइलों और सी-माइंस के अवैध प्रसार पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कड़ी पाबंदी नहीं लगाई जाएगी, तब तक क्षेत्रीय शांति बहाल नहीं हो सकती। रियाद एयरपोर्ट पर हुए इस कायराना हमले ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि मध्य पूर्व में सुलगती भू-राजनीतिक आग की लपटें किस तरह निर्दोष कामगारों और शांतिप्रिय नागरिकों को अपनी चपेट में ले रही हैं। भारत ने दो टूक शब्दों में कहा है कि आतंकवाद के इस बढ़ते चेहरे के खिलाफ अब वैश्विक बिरादरी को केवल शब्दों की निंदा से आगे बढ़कर सख्त जवाबी कार्रवाई करनी होगी।

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