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India-US Trade : प्रेस नोट 3 पर झुकने को तैयार नहीं भारत पीयूष गोयल ने चीन और अमेरिका को लेकर क्या कहा

News India Live, Digital Desk: वैश्विक व्यापार के बदलते समीकरणों के बीच केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भारत की भविष्य की रणनीति को लेकर बड़े संकेत दिए हैं। अमेरिका के साथ रुकी हुई ट्रेड डील और चीन से आने वाले निवेश को लेकर मचे घमासान पर गोयल ने सरकार का रुख स्पष्ट कर दिया है। जहाँ एक ओर अमेरिका के साथ बातचीत ‘वेट एंड वॉच’ की स्थिति में है, वहीं चीन के लिए ‘प्रेस नोट 3’ के नियम फिलहाल ढीले नहीं होने वाले हैं।अमेरिका के साथ ट्रेड डील: अभी क्यों ‘ब्रेक’ पर है बात?भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित अंतरिम व्यापार समझौते (Interim Trade Pact) की अहम बैठक हाल ही में स्थगित कर दी गई। इसके पीछे की मुख्य वजह अमेरिकी नीतियों में आया अचानक बदलाव है।सुप्रीम कोर्ट का फैसला: अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा राष्ट्रपति ट्रंप के वैश्विक टैरिफ (Global Tariffs) को असंवैधानिक करार देने के बाद वाशिंगटन में शुल्क संरचना (Tariff Structure) को फिर से कैलिब्रेट किया जा रहा है।गोयल का बयान: पीयूष गोयल ने स्पष्ट किया कि जैसे ही अमेरिका में टैरिफ को लेकर स्थिति साफ होगी, भारत वार्ता की मेज पर वापस लौटेगा। उन्होंने कहा, “हम स्थिति में अधिक स्पष्टता आने का इंतजार कर रहे हैं।”प्रस्तावित रियायतें: डील के तहत अमेरिका भारत पर लगने वाले रेसिप्रोकल टैरिफ को 25% से घटाकर 18% करने पर विचार कर रहा था।प्रेस नोट 3 और चीनी निवेश: सुरक्षा से कोई समझौता नहींउद्योग जगत की मांग और पड़ोसी देशों से बेहतर होते संबंधों के बीच ‘प्रेस नोट 3’ (PN3) पर सरकार की नीति चर्चा का विषय बनी हुई है।क्या है प्रेस नोट 3? 2020 में लागू इस नियम के तहत भारत के साथ जमीनी सीमा साझा करने वाले देशों (मुख्यतः चीन) से आने वाले किसी भी निवेश के लिए सरकार की अनिवार्य मंजूरी लेना आवश्यक है।अवसरवादी अधिग्रहण पर रोक: गोयल ने याद दिलाया कि यह नियम महामारी के दौरान भारतीय कंपनियों को विदेशी कब्जे से बचाने के लिए लाया गया था।कैलिब्रेटेड अप्रोच: मंत्री ने संकेत दिया कि सरकार चीनी निवेश को लेकर एक ‘चरणबद्ध’ (Step-by-step) तरीका अपना सकती है। हालांकि, यह पूरी तरह प्रतिबंधित (Banned) नहीं है, लेकिन सुरक्षा जांच और मंजूरी प्रक्रिया को सख्त रखा जाएगा।उद्योग के साथ संवाद: मंत्रालय वर्तमान में घरेलू उद्योग के साथ बातचीत कर रहा है ताकि यह समझा जा सके कि किन क्षेत्रों में चीनी तकनीक और निवेश की वास्तव में आवश्यकता है।कनाडा के साथ भी शुरू होगी ‘नई पारी’गोयल ने केवल चीन और अमेरिका ही नहीं, बल्कि कनाडा के साथ भी व्यापारिक संबंधों पर अपडेट दिया।मार्क कार्नी का दौरा: कनाडा के पीएम मार्क कार्नी की 26 फरवरी 2026 की भारत यात्रा के दौरान मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के लिए वार्ता की शर्तों (ToR) को अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है।

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