रोहित शर्मा की वह सख्त डांट जो यशस्वी जायसवाल के लिए बनी सफलता की कुंजी, श्रीलंका सीरीज में आई ‘हिटमैन’ की याद

भारतीय क्रिकेट टीम में जब भी युवा खिलाड़ियों को तराशने और उन्हें मैच विनर बनाने की बात आती है, तो सीनियर्स के मार्गदर्शन का बहुत बड़ा योगदान होता है। टीम इंडिया के युवा विस्फोटक ओपनर यशस्वी जायसवाल ने आज अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में जो मुकाम हासिल किया है, उसके पीछे कप्तान रोहित शर्मा का एक कड़ा लेकिन बेहद असरदार अंदाज छिपा है। हाल ही में एक इंटरव्यू या बातचीत के दौरान जब यशस्वी ने अपने शुरुआती दिनों और रोहित शर्मा के साथ के किस्से साझा किए, तो उन्होंने उस वाकये का जिक्र किया जब 'हिटमैन' ने उन्हें मैदान पर टिककर खेलने और बड़ी पारी खेलने को लेकर एक सख्त डांट पिलाई थी। रोहित की वह डांट यशस्वी के लिए कोई बेरुखी नहीं, बल्कि उनके करियर का सबसे बड़ा मोटिवेशन साबित हुई, जिसे आज भी श्रीलंका दौरों और कठिन पिचों पर खेलते हुए यशस्वी को अक्सर याद किया जाता है।
क्या था वह किस्सा जब रोहित शर्मा की फटकार ने बदल दिया यशस्वी का खेल?
घरेलू क्रिकेट से लेकर आईपीएल और फिर टीम इंडिया की नीली जर्सी तक का सफर तय करने वाले यशस्वी जायसवाल ने कई बार यह स्वीकारा है कि उन्हें अपनी पारी को लंबा खींचने की कला सीखने में समय लगा। शुरुआती अंतरराष्ट्रीय मैचों के दौरान जब यशस्वी अच्छी शुरुआत को बड़े स्कोर में नहीं बदल पा रहे थे, तब कप्तान रोहित शर्मा ने उन्हें अपने खास अंदाज में समझाया और मैदान पर डटे रहने की सीख दी थी। रोहित का वह निर्देश 'जब तक खेलेगा नहीं, तब तक…' युवा बल्लेबाज के दिल-दिमाग पर ऐसा छाया कि उन्होंने अपनी बल्लेबाजी की शैली में बड़ा बदलाव किया। आज विपक्षी गेंदबाजों के छक्के छुड़ाने वाले यशस्वी इस बात को गर्व से मानते हैं कि रोहित भाई की वह डांट उनके क्रिकेट करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुई।
विदेशी सरजमीं और श्रीलंका जैसे दौरों पर क्यों याद आते हैं 'हिटमैन' के वो सबक?
जब भारतीय टीम विदेशी दौरों या श्रीलंका जैसी स्पिन और स्विंग फ्रेंडली पिचों पर चुनौती का सामना करती है, तो सीनियर खिलाड़ियों की सीख और मेंटरशिप सबसे ज्यादा काम आती है। यशस्वी जायसवाल जिस आक्रामक अंदाज से टेस्ट और टी20 फॉर्मेट में अपनी छाप छोड़ रहे हैं, उसके पीछे रोहित शर्मा द्वारा मैदान के अंदर और बाहर दी गई छोटी-छोटी तकनीकी और मानसिक बारीकियां हैं। एक कप्तान के रूप में रोहित का यह अंदाज साबित करता है कि वे सिर्फ रन बनाने पर ध्यान नहीं देते, बल्कि आने वाली पीढ़ी को एक परिपक्व खिलाड़ी बनाने में भी पूरा योगदान देते हैं। यही वजह है कि आज जब भी यशस्वी मैदान पर बड़े रिकॉर्ड बनाते हैं, तो फैंस और खुद यशस्वी उस पुरानी डांट और 'हिटमैन' के अमूल्य मार्गदर्शन को शिद्दत से याद करते हैं।