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लक्ष्मण पर निगाहें और गंभीर पर निशाना! श्रेयस अय्यर ने कर दी टेंपरेरी कोच की जमकर तारीफ, कप्तान ने खोल दिए दिल के राज

भारतीय क्रिकेट टीम के भीतर इन दिनों मैदान के बाहर चल रही रणनीतिक चर्चाएं और बयानों के तीर सुर्खियों में छाए हुए हैं। इसी कड़ी में विस्फोटक बल्लेबाज श्रेयस अय्यर (Shreyas Iyer) का एक ऐसा बयान सामने आया है जिसने क्रिकेट गलियारों में नई बहस छेड़ दी है। एक तरफ जहां उन्होंने नेशनल क्रिकेट एकेडमी के प्रमुख और समय-समय पर टीम के साथ जुड़ने वाले वीवीएस लक्ष्मण (VVS Laxman) की शांत और सपोर्टिव कार्यशैली की जमकर तारीफ की है, वहीं दूसरी तरफ मुख्य कोच गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) के कोचिंग कल्चर और मौजूदा सेटअप पर उनके इस बयान को एक बड़ा कटाक्ष या निशाना माना जा रहा है। कप्तान और खिलाड़ियों के साथ तालमेल को लेकर दिए गए इस इंटरव्यू ने खेल प्रेमियों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।

वीवीएस लक्ष्मण की शांत कमान और 'टेंपरेरी कोच' वाले अंदाज के मु मुरीद हुए श्रेयस

जब भी टीम इंडिया के साथ वीवीएस लक्ष्मण बतौर कार्यवाहक या अंतरिम कोच (Temporary Coach) जुड़े हैं, खिलाड़ियों के साथ उनका तालमेल हमेशा से बेहद सौहार्दपूर्ण रहा है। श्रेयस अय्यर ने खुलकर बात करते हुए बताया कि कैसे लक्ष्मण दबाव के क्षणों में खिलाड़ियों को मानसिक रूप से मजबूत करते हैं और ड्रेसिंग रूम का माहौल एकदम तनावमुक्त रखते हैं। खिलाड़ियों पर बिना किसी अतिरिक्त दबाव के खुलकर अपना स्वाभाविक खेल खेलने की छूट देने का उनका यह अंदाज युवाओं और सीनियर खिलाड़ियों दोनों को बेहद पसंद आता है। श्रेयस के इन शब्दों को लक्ष्मण के प्रति गहरे सम्मान और उनकी कोचिंग शैली की सराहना के रूप में देखा जा रहा है।

क्या गौतम गंभीर की आक्रामक कार्यशैली पर साधा गया है निशाना?

गौतम गंभीर अपनी सख्त अनुशासनप्रियता, स्पष्टवादी रवैये और आक्रामक क्रिकेट शैली के लिए जाने जाते हैं। मुख्य कोच के रूप में उनकी नियुक्ति के बाद से ही टीम के भीतर और बाहर लगातार समीकरण बदलते रहे हैं। ऐसे में श्रेयस अय्यर द्वारा 'टेंपरेरी कोच' मॉडल और शांत स्वभाव वाले नेतृत्व की इतनी खुलकर तारीफ करना कई राजनीतिक और क्रिकेट पंडितों के कान खड़े कर रहा है। इसे गंभीर के कड़े तेवरों और मैनेजमेंट के साथ खिलाड़ियों के बीच चल रही वैचारिक असहजता के तौर पर भी देखा जा रहा है, जिससे यह साफ होता है कि ड्रेसिंग रूम के अंदर विचारों के कई स्तर पर अलग-अलग आयाम मौजूद हैं।

कप्तान की प्राथमिकताओं और टीम के भविष्य पर पड़ेगा इसका असर

भारतीय क्रिकेट टीम इस समय भविष्य के कई बड़े दौरों और आईसीसी प्रतियोगिताओं की तैयारियों में जुटी हुई है। ऐसे समय में खिलाड़ियों के इस तरह के बयान टीम के भीतर चल रही आंतरिक स्थिति की एक झलक पेश करते हैं। मैनेजमेंट और खिलाड़ियों के बीच का यह संवाद आगामी दौरों में चयन और रणनीतिक फैसलों पर कितना असर डालेगा, यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा, लेकिन इस बयानबाजी ने फिलहाल क्रिकेट फैंस के बीच चर्चाओं का बाजार जरूर गर्म कर दिया है।

 

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