लखनऊ में चंद्रशेखर आजाद का हुंकार, पिछड़ा वर्ग सम्मेलन में आरक्षण को लेकर भरी हुंकार, सरकार को दी चेतावनी

News India Live, Digital Desk: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में नगीना सांसद और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के मुखिया चंद्रशेखर आजाद ने पिछड़ा वर्ग सम्मेलन के जरिए अपनी सियासी ताकत का एहसास कराया है। साल 2027 के विधानसभा चुनाव को लक्ष्य बनाकर आयोजित इस सम्मेलन में चंद्रशेखर ने ओबीसी आरक्षण और हिस्सेदारी को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि अब पिछड़ा वर्ग जाग चुका है और वह अपने हक की लड़ाई सड़कों से लेकर सदन तक लड़ने के लिए तैयार है।आरक्षण की ‘हकमारी’ पर भड़के चंद्रशेखरसम्मेलन को संबोधित करते हुए चंद्रशेखर आजाद ने आरोप लगाया कि सरकारी नौकरियों और संस्थानों में पिछड़ा वर्ग के साथ भेदभाव किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ओबीसी समाज का आरक्षण केवल कागजों तक सीमित रह गया है और जमीन पर उनकी हकमारी हो रही है। सांसद ने मांग की कि जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी के सिद्धांत पर काम होना चाहिए। उन्होंने जातिगत जनगणना की मांग को एक बार फिर दोहराते हुए इसे पिछड़ों के उत्थान के लिए अनिवार्य बताया।लोकसभा से विधानसभा तक की रणनीतिलोकसभा चुनाव में मिली सफलता के बाद चंद्रशेखर का अगला पड़ाव यूपी विधानसभा चुनाव 2027 है। लखनऊ के इस सम्मेलन को उसी बड़े प्लान का हिस्सा माना जा रहा है। चंद्रशेखर ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि पिछड़ा और दलित वर्ग जब एक साथ आएगा, तो दिल्ली और लखनऊ की सत्ता का रास्ता खुद-ब-खुद साफ हो जाएगा। उन्होंने पिछड़े वर्ग के लोगों से अपील की कि वे अपने अधिकारों की रक्षा के लिए गोलबंद हों और किसी के बहकावे में न आएं।2027 के लिए गठबंधन या अकेले?सम्मेलन के दौरान राजनीतिक गलियारों में इस बात की भी चर्चा रही कि क्या चंद्रशेखर 2027 में किसी बड़े गठबंधन का हिस्सा बनेंगे या अकेले चुनाव मैदान में उतरेंगे। हालांकि, उन्होंने इस पर सीधे तौर पर कुछ नहीं कहा, लेकिन उनके तेवर संकेत दे रहे हैं कि वह प्रदेश में एक ‘तीसरे विकल्प’ के रूप में खुद को स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनका मकसद सत्ता पाना नहीं, बल्कि शोषित समाज को उसका अधिकार दिलाना है।सरकार के लिए बढ़ सकती है चुनौतीचंद्रशेखर आजाद की सक्रियता ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज कर दी है। खासकर पश्चिमी यूपी के बाद अब अवध के इलाकों में पिछड़ा वर्ग को साधने की उनकी कोशिशें सत्ताधारी दल और प्रमुख विपक्षी दलों के लिए नई चुनौती पेश कर सकती हैं। लखनऊ के इस सम्मेलन में जुटी भारी भीड़ ने यह साबित कर दिया है कि युवाओं और पिछड़ा वर्ग के बीच चंद्रशेखर की लोकप्रियता का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है।