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लाल सागर की आंधी भी बेअसर! भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर ईरान के ‘कुंभकर्ण’ और संघर्ष का नहीं पड़ेगा कोई असर, सुरक्षित रहेंगे देश के चूल्हे

दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्गों में शुमार लाल सागर (Red Sea) क्षेत्र में चल रहे भयंकर तनाव और संघर्ष के बीच भारत की अर्थव्यवस्था और ऊर्जा सुरक्षा को लेकर एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक उथल-पुथल और हमलों के बावजूद देश में एलपीजी, क्रूड ऑयल और अन्य जरूरी ईंधन की आपूर्ति पूरी तरह से सुरक्षित बनी हुई है। अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्ग बाधित होने के बावजूद भारत की मजबूत कूटनीतिक रणनीतियों और डाइवर्सिफाइड सप्लाई चेन के कारण घरेलू बाजार में ऊर्जा संकट की कोई आशंका नहीं है।

लाल सागर संकट और वैश्विक समुद्री मार्गों की चुनौती

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और हूती विद्रोहियों के हमलों के चलते लाल सागर के रास्ते होने वाला वैश्विक व्यापार भारी संकट के दौर से गुजर रहा है। इस मार्ग पर सुरक्षा जोखिम बढ़ने के कारण जहाजों को लंबे और महंगे वैकल्पिक रूट यानी अफ्रीका के गुड होप के रास्ते से गुजरना पड़ रहा है, जिससे माल भाड़े और शिपिंग लागत में भारी बढ़ोतरी हुई है। इसके बावजूद भारत ने अपने ऊर्जा आयात और व्यापारिक हितों को सुरक्षित रखने के लिए बेहद प्रभावी कदम उठाए हैं, जिससे देश के भीतर आवश्यक वस्तुओं और ईंधन की कीमतों या उपलब्धता पर कोई बुरा प्रभाव नहीं पड़ा है।

ऊर्जा सुरक्षा और वैकल्पिक स्रोतों से मजबूत स्थिति

भारत ने अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए विभिन्न देशों से तेल और गैस आयात के विकल्पों को पहले ही मजबूत कर लिया है। खाड़ी देशों के अलावा रूस और अन्य अंतरराष्ट्रीय बाजारों से लगातार हो रही तेल आपूर्ति ने यह सुनिश्चित कर दिया है कि देश के रिफाइनरियों और रसोईघरों तक ऊर्जा की निर्बाध सप्लाई पहुंचती रहे। भारत सरकार की सक्रिय नीतियों और समय पर उठाए गए कदमों के कारण वैश्विक स्तर पर मची उथल-पुथल का घरेलू उपभोक्ताओं पर न्यूनतम असर देखने को मिल रहा है।

आम जनता पर नहीं पड़ेगा महंगाई और ईंधन संकट का बोझ

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की मजबूत आर्थिक स्थिति और रणनीतिक भंडारों की वजह से लाल सागर का यह संकट देश की विकास यात्रा को नहीं रोक पाएगा। रसोई गैस के सिलेंडरों से लेकर पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति तक हर मोर्चे पर स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। सरकार और तेल विपणन कंपनियां यह सुनिश्चित कर रही हैं कि आम नागरिकों को किसी भी तरह की कठिनाई का सामना न करना पड़े और देश की अर्थव्यवस्था रफ्तार पकड़ती रहे।

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