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वर्क फ्रॉम होम कर रहे कर्मचारियों के लिए काम की खबर: जानिए WFH अलाउंस और रिइम्बर्समेंट पर कब लगता है टैक्स और कैसे बचें

कोरोना महामारी के बाद से भारतीय कॉर्पोरेट जगत में वर्क फ्रॉम होम (WFH) और हाइब्रिड वर्किंग मॉडल (Hybrid Work Culture) संस्कृति का एक अभिन्न हिस्सा बन चुके हैं। आज भी देश की कई आईटी, फिनटेक और प्राइवेट कंपनियां अपने कर्मचारियों को घर से काम करने की सुविधा दे रही हैं। इस दौरान कंपनियां कर्मचारियों को इंटरनेट, वाई-फाई ब्रॉडबैंड, मोबाइल फोन, लैपटॉप, ऑफिस चेयर और अन्य जरूरी उपकरणों के लिए रिइम्बर्समेंट (प्रतिपूर्ति) या भत्ते भी देती हैं।

हालांकि, कई कर्मचारी इस भ्रम में रहते हैं कि वर्क फ्रॉम होम से जुड़ा हर भुगतान टैक्स-फ्री (Tax-Free) होता है। आयकर (Income Tax) नियमों के अनुसार ऐसा बिल्कुल नहीं है। टैक्स विशेषज्ञ बताते हैं कि रिइम्बर्समेंट पर टैक्स लगेगा या नहीं, यह इस बात पर निर्भर करता है कि भुगतान किस रूप में और किस दस्तावेज के आधार पर किया गया है। आइए एक टैक्स और पर्सनल फाइनेंस रिपोर्टर के नजरिए से समझते हैं इसके पूरे नियम।

1. ये रिइम्बर्समेंट हैं पूरी तरह टैक्स-फ्री (शर्तें लागू)

आयकर अधिनियम (Income Tax Act) के नियमों के अनुसार, यदि कंपनी कर्मचारी को आधिकारिक काम से जुड़े वास्तविक खर्चों (Actual Expenses) की भरपाई करती है, तो उस पर टैक्स नहीं लगता:

  • इंटरनेट और मोबाइल बिल रिइम्बर्समेंट: ऑफिस के काम के लिए इस्तेमाल हो रहे वाई-फाई ब्रॉडबैंड और मोबाइल कनेक्शन का बिल यदि कर्मचारी के नाम पर है और कंपनी उसका भुगतान करती है, तो यह रकम पूरी तरह टैक्स-फ्री होती है।

  • लैपटॉप, सॉफ्टवेयर और एक्सेसरीज़: काम के लिए खरीदे गए हेडफोन, कीबोर्ड, माउस या लैपटॉप के बिल जमा करने पर कंपनी से मिलने वाली राशि पर कोई टैक्स नहीं लगता।

  • शर्त: कर्मचारी को इन सभी खर्चों के मूल बिल (Valid Invoices) और भुगतान के प्रमाण अपनी कंपनी के HR या फाइनेंस डिपार्टमेंट में जमा कराने होंगे।

2. इन भुगतानों पर लगेगा पूरा इनकम टैक्स

यदि कंपनी आपको खर्चों का बिल मांगे बिना या एकमुश्त (Lump sum) पैसा देती है, तो उसे आपकी सैलरी का हिस्सा माना जाएगा और उस पर टैक्स की कटौती होगी:

  1. फिक्स्ड WFH अलाउंस (नकद भत्ता): यदि कंपनी हर महीने इंटरनेट या बिजली के नाम पर एक निश्चित रकम (जैसे ₹2,000 या ₹5,000 प्रति माह) बिना किसी बिल के देती है, तो इसे 'टैक्स योग्य वेतन' (Taxable Salary) माना जाएगा।

  2. फर्नीचर और एसी अलाउंस: ऑफिस चेयर, स्टडी टेबल या एयर कंडीशनर (AC) खरीदने के लिए दी गई नकद राशि का यदि बिल जमा नहीं किया गया है या उसका निजी इस्तेमाल सिद्ध होता है, तो वह भी टैक्स के दायरे में आएगी।

ITR भरते समय और टैक्स विवाद से बचने के लिए 3 जरूरी टिप्स

  • बिल और रसीदें संभालकर रखें: इंटरनेट, मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स एक्सेसरीज़ के सभी बिल और बैंक स्टेटमेंट की डिजिटल कॉपी सुरक्षित रखें। टैक्स असेसमेंट या कंपनी ऑडिट के दौरान ये सबूत के तौर पर काम आते हैं।

  • कंपनी की रिइम्बर्समेंट पॉलिसी समझें: नौकरी बदलने या एक से अधिक कंपनियों में काम करने की स्थिति में यह स्पष्ट कर लें कि आपकी सैलरी स्लिप में कौन सी राशि 'अलाउंस' (Taxable) और कौन सी 'रिइम्बर्समेंट' (Tax-Free) के रूप में दिखाई गई है।

  • ITR फाइलिंग में सही क्लेम: अपना आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करते समय केवल उन्हीं रिइम्बर्समेंट्स को टैक्स छूट में दिखाएं, जिनके पास आपके पास वैध बिल उपलब्ध हों, ताकि बाद में आयकर विभाग से कोई नोटिस न आए।

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