“वह 5 बार टीचर के पास गई, पर किसी ने नहीं सुनी…” जयपुर के नीरजा मोदी स्कूल की मान्यता रद्द, एक बच्ची की मौत का सच

जयपुर के मशहूर नीरजा मोदी स्कूल में1नवंबर का वो काला दिन,जब चौथी क्लास में पढ़ने वाली एक मासूम बच्ची ने स्कूल की चौथी मंजिल से कूदकर अपनी जान दे दी थी। इस दर्दनाक घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। अब,इस मामले मेंCBSEका हथौड़ा चला है और एक ऐसा फैसला आया है जो हर स्कूल के लिए एक बड़ी चेतावनी है।CBSEनेनीरजा मोदी स्कूल की मान्यता तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी है।बोर्ड की जांच में ऐसे-ऐसे चौंकाने वाले और दिल दहला देने वाले खुलासे हुए हैं,जिन्हें पढ़कर यह सवाल उठता है कि क्या स्कूल अब बच्चों के लिए सुरक्षित रह गए हैं?जांच में सामने आया स्कूल का’असंवेदनशील’चेहराCBSEकी रिपोर्ट ने स्कूल प्रशासन की उन गंभीर लापरवाहियों को उजागर किया है,जो सीधे-सीधे उस बच्ची की मौत के लिए जिम्मेदार हैं:मौत से पहले के वो45मिनट:अपनी जिंदगी खत्म करने से ठीक पहले,वो मासूम बच्ची मदद के लिए5बार अपनी क्लास टीचर के पास गई,लेकिन टीचर ने उसकी एक न सुनी और उसकी तकलीफ को पूरी तरह अनदेखा कर दिया।बुलिंग का घिनौना खेल:बच्ची को उसके क्लास के कुछ लड़के लंबे समय से परेशान कर रहे थे। एक डिजिटल स्लेट पर उन्होंने कुछ ऐसा लिख दिया था,जिससे वह बेहद शर्मिंदा और परेशान थी।CCTVफुटेज में वह उन लड़कों से उसे मिटाने के लिए मिन्नतें करती हुई साफ दिखाई दे रही है।जब माता-पिता की भी नहीं सुनी गई:बच्ची के माता-पिता ने जुलाई2024में ही स्कूल से बुलिंग की शिकायत की थी। सितंबर2025की पेरेंट्स-टीचर मीटिंग में तो पिता ने अपनी आंखों से एक लड़के को अपनी बेटी को परेशान करते हुए देखा था। लेकिन टीचर ने एक्शन लेने के बजाय,उन्हें यह सलाह दे डाली कि’बच्ची को एडजस्ट करना सीखना चाहिए’।CBSEने क्यों उठाया इतना बड़ा कदम?CBSEने अपनी रिपोर्ट में साफ कहा है कि नीरजा मोदी स्कूल बच्चों को एक सुरक्षित माहौल देने में पूरी तरह फेल हुआ। स्कूल में शिकायत सुनने और बच्चों की काउंसलिंग करने का कोई सिस्टम ही नहीं था। बोर्ड ने कहा, “स्कूल को बच्चों के लिए एक’सुरक्षित पनाहगाह’होना चाहिए,लेकिन इस स्कूल ने नियमों का घोर उल्लंघन किया है।”अब स्कूल में पढ़ रहे बच्चों का क्या होगा?CBSEने मान्यता तो रद्द कर दी,लेकिन मौजूदा बच्चों के भविष्य का भी ध्यान रखा है:10वीं और12वीं के छात्र:जो छात्र अभी10वीं और12वीं में हैं,वे इसी साल यानी2025-26में इसी स्कूल से अपनी बोर्ड की परीक्षा दे सकेंगे।9वीं और11वीं के छात्र:जो छात्र अभी9वीं और11वीं में हैं,उन्हें अगले सत्र के लिए आसपास के दूसरेCBSEस्कूलों में शिफ्ट कर दिया जाएगा।कोई नया एडमिशन नहीं:स्कूल अब किसी भी क्लास में कोई नया एडमिशन नहीं ले पाएगा।यह फैसला सिर्फ एक स्कूल के खिलाफ नहीं,बल्कि उस हर स्कूल के लिए एक सबक है जो बच्चों की मानसिक और शारीरिक सुरक्षा को गंभीरता से नहीं लेता।