आम पब्लिक को टेंशन हुई तो अफसरों की खैर नहीं! यूपी चुनाव से पहले सीएम योगी आदित्यनाथ का प्रशासनिक अमले को अल्टीमेटम

उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावी सरगर्मियों के तेज होते ही सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रशासनिक अधिकारियों पर अपना शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। जनता की शिकायतों और प्रशासनिक सुस्ती पर सख्त रुख अपनाते हुए सीएम योगी ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि आम जनता को किसी भी तरह की परेशानी या टेंशन हुई, तो संबंधित अधिकारियों की बिल्कुल खैर नहीं होगी। मुख्यमंत्री के इस तेवर से साफ जाहिर है कि चुनाव से पहले सरकार किसी भी स्तर पर लापरवाही या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है और जनता की संतुष्टि ही इस बार प्रशासन का सबसे बड़ा पैमाना होगी।
जनता की नाराजगी सरकार बर्दाश्त नहीं करेगी: सीएम योगी का कड़ा संदेश
समीक्षा बैठकों और जनसुनवाई के दौरान लगातार मिल रही शिकायतों के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी जिलाधिकारियों, पुलिस अधीक्षकों और विभागीय प्रमुखों को कड़ी हिदायत दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की योजनाओं का लाभ सीधे धरातल पर पहुंचना चाहिए और आम नागरिकों को अपने छोटे-छोटे कामों के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें। मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान करना हर अधिकारी की पहली और मुख्य जिम्मेदारी है। यदि किसी स्तर पर जनता को उत्पीड़न या लापरवाही का सामना करना पड़ा, तो सीधे तौर पर उस इलाके के जिम्मेदार अफसरों पर गाज गिरेगी।
चुनावी तैयारियों के बीच प्रशासनिक कसावट और ग्राउंड जीरो का फीडबैक
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उत्तर प्रदेश में होने वाले आगामी चुनावों के मद्देनजर सीएम योगी का यह सख्त रुख सियासी और प्रशासनिक दोनों दृष्टियों से बेहद अहम है। सरकार चाहती है कि चुनाव से पहले जनता के बीच शासन की छवि पूरी तरह साफ-सुथरी और जनहितैषी बनी रहे। इसके लिए लगातार ग्राउंड जीरो से फीडबैक लिया जा रहा है और लापरवाह अधिकारियों को या तो सुधरने या मैदान छोड़ने की चेतावनी दी जा रही है। पुलिस और प्रशासनिक महकमे में इस हाई-वोल्टेज आदेश के बाद से हड़कंप मच गया है और सभी अधिकारी जनता की समस्याओं के निस्तारण में तेजी से जुट गए हैं।
जनता के लिए राहत की उम्मीद और अफसरों की बड़ी जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री के इस कड़े संदेश के बाद आम जनता के मन में यह उम्मीद जगी है कि अब प्रशासनिक अमला उनकी सुनेगा और फाइलों में अटके काम तेजी से पूरे होंगे। जनता और प्रशासन के बीच की दूरी को पाटने के लिए सरकार ने फील्ड विजिट और जनसुनवाई पोर्टलों की मॉनिटरिंग भी और अधिक कड़ी कर दी है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि सीएम योगी के इस कड़क आदेश का मैदानी स्तर पर अधिकारियों के कामकाज पर कितना असर पड़ता है, लेकिन इतना तय है कि आने वाले दिनों में लापरवाही बरतने वाले अफसरों के लिए नौकरी करना आसान नहीं रहने वाला है।