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शांत स्वभाव और दरियादिली के धनी हैं फ्लाईदुबई के हीरो कैप्टन स्मित मच्छर, मुश्किल वक्त में भी नहीं खोया था आपा

अंतरराष्ट्रीय विमानन जगत में हाल ही में अपनी अदम्य बहादुरी और सूझबूझ से चर्चा में आए फ्लाईदुबई के कैप्टन स्मित मच्छर ने अपनी जान की परवाह किए बिना 174 यात्रियों और क्रू मेंबर्स की जिंदगी बचाकर एक मिसाल कायम की है। दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट के कॉकपिट के भीतर जब को-पायलट ने उन पर अचानक जानलेवा हमला कर दिया, तब जिस तरह से उन्होंने চরম संकट के क्षणों में संयम का परिचय दिया, उसने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया। हालांकि, जो लोग 39 वर्षीय स्मित को व्यक्तिगत रूप से और वर्षों से जानते हैं, उनके लिए उनका यह शांत और साहसिक कदम कोई नई बात नहीं है, क्योंकि उनका पूरा जीवन हमेशा से सादगी और दूसरों की मदद करने के लिए समर्पित रहा है।

मुंबई के तिलक नगर स्थित स्वास्तिक हाइट्स में रहने वाले उनके पड़ोसी और बचपन के दोस्त उन्हें एक बेहद जमीन से जुड़े, जिंदादिल और मददगार इंसान के रूप में याद करते हैं। उनके पड़ोसी लक्ष्मीकांत जोशी बताते हैं कि स्मित हमेशा दूसरों की सहायता के लिए सबसे आगे रहते थे। जब उनके पिता की बाईपास सर्जरी हुई थी, तो विदेश से भारत पहुंचते ही स्मित सीधे अस्पताल पहुंचे और पूरी इलाज प्रक्रिया के दौरान परिवार के हर सदस्य के साथ चट्टान की तरह खड़े रहे। सोसाइटी के कार्यक्रमों में स्वतंत्रता दिवस पर बच्चों को झंडा फहराने के लिए रस्सी की सही गांठ बांधना सिखाना हो या अपने दोस्तों की छोटी-छोटी जरूरतों का ध्यान रखना हो, स्मित ने कभी भी अपनी सफलता या पद का घमंड नहीं होने दिया।

फ्लाइंग स्कूल के दिनों से ही सहपाठियों के मददगार रहे हैं स्मित

कैप्टन स्मित मच्छर के सहकर्मी और फ्लाइंग स्कूल के दिनों के दोस्त कैप्टन धराव गोसालिय बताते हैं कि स्मित जितने बेहतरीन पायलट हैं, उतने ही बेहतरीन इंसान भी हैं। वह उन लोगों में से हैं जिनसे आप कभी भी मिलें, तो उनका शांत और संयमित स्वभाव आपको प्रभावित कर लेगा। एयरपोर्ट पर काम करने वाले ग्राउंड स्टाफ, लोडर्स, इंजीनियरों से लेकर कैटरिंग कर्मियों तक, स्मित हर किसी के साथ पूरी आत्मीयता और एक समान सम्मान से पेश आते हैं।

उन्होंने साल 2003 में एमडी भाटिया स्कूल से अपनी 10वीं की पढ़ाई पूरी की थी। उनके स्कूल के पुराने दोस्तों के अनुसार, वह स्वभाव से बेहद बेफिक्र, सच्चे और दिखावे की दुनिया से कोसों दूर रहने वाले इंसान थे। 2000 के दशक के अंतिम वर्षों में जब वे न्यूजीलैंड के मेनलैंड एविएशन कॉलेज से कमर्शियल पायलट लाइसेंस (CPL) की ट्रेनिंग ले रहे थे, तब उनके सहपाठियों के लिए वे एक बड़े सहारे की तरह थे। एयर नेविगेशन हो या एयरक्राफ्ट टेक्निकल से जुड़े कोई भी जटिल विषय, पढ़ाई के दौरान जब भी कोई छात्र किसी मुश्किल में फंसता था, तो वह सबसे पहले स्मित के पास ही मदद मांगने जाता था। स्पाइसजेट एयरलाइन में अपनी सेवाएं देने के बाद, साल 2022 में वह दुबई चले गए थे, जहां उन्होंने फ्लाईदुबई एयरलाइन में बोइंग 737 के कैप्टन और लाइन ट्रेनर के रूप में अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया।

भयानक हमले और खून से लथपथ हालात में भी नहीं डगमगाया हौसला

बुधवार को जब उड़ान के दौरान को-पायलट ने उन पर अचानक क्रैश-एक्स से हमला कर दिया और विमान को जानबूझकर गोता लगाने पर मजबूर कर दिया, तब स्थिति बेहद डरावनी हो चुकी थी। सिर और छाती पर गंभीर चोटें लगने के बावजूद और खून से लथपथ होने के बाद भी स्मित ने जिस असाधारण मानसिक स्थिति का परिचय दिया, वह वास्तव में अविश्वसनीय था। उन्होंने महज कुछ ही सेकंड के भीतर 14,000 फीट नीचे गिर रहे विमान को फिर से स्थिर किया, हाईजैक का आपातकालीन कोड 7500 ट्रांसमिट किया और बेहोश होने से ठीक पहले कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया ताकि केबिन क्रू और यात्री अंदर आकर हमलावर को पूरी तरह काबू में कर सकें। उनके इसी शांत, स्थिर और जुझारू स्वभाव ने आज सैकड़ों परिवारों की खुशियों को उजड़ने से बचा लिया है।

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