उत्तर प्रदेश

शिवा शर्मा हत्याकांड: भगोड़ी मॉडल श्रद्धा दुबे की कोर्ट में सरेंडर अर्जी और नेपाल कनेक्शन

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के चर्चित और हाई-प्रोफाइल कारोबारी शिवा शर्मा हत्याकांड में रोजाना नए कानूनी और पुलिसिया घटनाक्रम सामने आ रहे हैं। हजरतगंज इलाके के अवध ग्रीन अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरकर हुई शिवा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद से ही पुलिस की रडार पर चल रही मुख्य आरोपी सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और मॉडल श्रद्धा दुबे ने आखिरकार अदालत का दरवाजा खटखटाया है। यूपी पुलिस द्वारा 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित होने और गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी होने के बाद, अब श्रद्धा दुबे की ओर से लखनऊ की सक्षम अदालत में आत्मसमर्पण यानी सरेंडर की अर्जी दाखिल कर दी गई है। इससे पहले श्रद्धा दुबे की लावारिस एसयूवी गाड़ी भारत-नेपाल सीमा पर बहराइच जिले के पास से बरामद हुई थी, जिसके बाद उसके नेपाल भागने और बाद में यूपी वापस लौटने के कयास लगाए जा रहे थे। हालांकि अदालत में अर्जी दाखिल होना और प्रत्यक्ष रूप से आत्मसमर्पण करना दो अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं, जिससे कानूनी गलियारों में यह हलचल तेज हो गई है कि पुलिस उसे सरेंडर से पहले गिरफ्तार करती है या वह कोर्ट में पेश होती है।

पीड़ित मां रंजना शर्मा की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भावुक अपील: 'मेरे बेटे को इंसाफ दिलाएं'

दूसरी तरफ, अपने युवा और होनहार बेटे को खो चुकी मां रंजना शर्मा का रो-रोकर बुरा हाल है और उन्होंने अब सीधे प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर न्याय का गुहार लगाई है। मां रंजना शर्मा ने अपने पत्र में कहा कि "एक मां के लिए अपने जवान बेटे को खोने से बड़ा कोई दुख इस दुनिया में नहीं हो सकता"। उन्होंने सीएम योगी के सामने अपनी मांगें रखते हुए पूरे मामले की सीबीआई या किसी उच्चस्तरीय स्वतंत्र एजेंसी से निष्पक्ष और त्वरित जांच कराने की पुरजोर अपील की है। इसके साथ ही मृतक कारोबारी की मां ने पुलिस अधिकारियों से अपील की है कि अपार्टमेंट के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज, मोबाइल फोन की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), व्हाट्सएप चैट और अन्य सभी महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखा जाए, ताकि कोई भी प्रभावशाली व्यक्ति साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ या हेरफेर न कर सके। परिवार का आरोप है कि शिवा की मौत कोई हादसा या खुदकुशी नहीं, बल्कि सोची-समझी साजिश के तहत की गई नृशंस हत्या है।

ब्लैकमेलिंग, शारीरिक प्रताड़ना और अंडरवर्ल्ड/गैंगस्टर कनेक्शन का गहराता साया

इस पूरे मर्डर मिस्ट्री में जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, कई चौंकाने वाले और खौफनाक पहलू परत-दर-परत खुलकर सामने आ रहे हैं। मृतक शिवा शर्मा के परिजनों और उनकी बहन ने पुलिस के सामने गंभीर आरोप लगाए हैं कि श्रद्धा दुबे पिछले 4-5 महीनों से शिवा को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर रही थी। परिवार का दावा है कि श्रद्धा उसे झूठे मुकदमे में फंसाने और समाज में बदनाम करने की धमकी देकर लाखों रुपये ऐंठ रही थी। यही नहीं, सोशल मीडिया पर मॉडल श्रद्धा दुबे की कुछ तस्वीरें कुख्यात अपराधियों और अतीक या मुख्तार अंसारी गैंग से जुड़े गुर्गों के साथ वायरल होने के बाद मामले में अंडरवर्ल्ड कनेक्शन की आशंका को भी बल मिला है। उधर, फरार रहने के दौरान श्रद्धा दुबे ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर खुद को निर्दोष बताते हुए दावा किया था कि उसने कुछ गलत नहीं किया और शिवा ने खुदकुशी की है। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शिवा के शरीर पर 11 चोटों के गंभीर निशान पाए जाने के बाद पुलिस श्रद्धा की इस खुदकुशी वाली थ्योरी को खारिज मानकर हत्या के एंगल से ही जांच आगे बढ़ा रही है।

सख्त पुलिस कार्रवाई: इनाम राशि और करीबियों पर कसता शिकंजा

लखनऊ कमिश्नरेट पुलिस ने इस मामले में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए मुख्य आरोपी श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और उनके ड्राइवर दानिश उर्फ तनवीर अली समेत अन्य आरोपियों की धरपकड़ के लिए कई टीमों को अलग-अलग राज्यों और सीमावर्ती जिलों में तैनात कर रखा है। पुलिस प्रशासन ने आरोपियों पर 25-25 हजार का इनाम घोषित किया हुआ है। इसके अलावा, श्रद्धा दुबे के मददगारों और आपराधिक पृष्ठभूमि वाले करीबियों पर भी पुलिस का बुलडोजर और कानूनी डंडा चलना शुरू हो गया है, जिसके तहत हिस्ट्रीशीटरों के खिलाफ जिलाबदर और कुर्की जैसी सख्त दंडात्मक कार्रवाइयां अमल में लाई जा रही हैं। अब देखना यह दिलचस्प और अहम होगा कि क्या श्रद्धा दुबे पुलिस की गिरफ्त में आने से पहले अदालत में सरेंडर करने में कामयाब हो पाती है या फिर लखनऊ पुलिस इस हाई-प्रोफाइल मर्डर केस के सभी गुनहगारों को सलाखों के पीछे भेजकर पीड़ित परिवार को इंसाफ दिला पाती है।

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