श्रेयस अय्यर की कप्तानी पर चर्चा तेज टीम इंडिया के T20 कप्तान बनने की दौड़ में शामिल, लेकिन पहले खुद को साबित करने की चुनौती

News India Live, Digital Desk: भारतीय क्रिकेट के गलियारों में श्रेयस अय्यर (Shreyas Iyer) के नाम की गूंज एक बार फिर सुनाई दे रही है। आईपीएल 2026 में अपनी कप्तानी और बल्लेबाजी से सुर्खियां बटोर रहे अय्यर को टीम इंडिया के अगले टी20 कप्तान के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि कप्तानी का ताज पहनने से पहले श्रेयस को व्यक्तिगत प्रदर्शन के मोर्चे पर खुद को पूरी तरह सुरक्षित करना होगा। भारतीय टीम में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच, केवल कप्तानी के कौशल के दम पर जगह बनाना अब मुमकिन नहीं नजर आ रहा है।कप्तानी की रेस में सबसे आगे, मगर परफॉर्मेंस का दबावश्रेयस अय्यर ने आईपीएल में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के लिए जो नेतृत्व क्षमता दिखाई है, उसने चयनकर्ताओं को प्रभावित किया है। वह दबाव में शांत रहकर फैसले लेने के लिए जाने जाते हैं। लेकिन, जब बात टीम इंडिया की आती है, तो मिडिल ऑर्डर में जगह बनाने के लिए कई दावेदार कतार में हैं। आंकड़ों पर नजर डालें तो अय्यर ने इस सीजन में अब तक 208 रन बनाए हैं, जिसमें 3 अर्धशतक शामिल हैं। हालांकि, उनकी स्ट्राइक रेट और निरंतरता पर अक्सर सवाल उठते रहे हैं। जानकारों का कहना है कि अगर उन्हें कप्तान बनना है, तो उन्हें बल्ले से भी मैच विनर की भूमिका निभानी होगी।टीम इंडिया में ‘मिडिल ऑर्डर’ की तगड़ी जंगभारतीय टी20 सेटअप में इस समय श्रेयस अय्यर को तिलक वर्मा, ऋषभ पंत और सूर्यकुमार यादव जैसे धुरंधरों से कड़ी टक्कर मिल रही है। आईपीएल 2026 के ताजा आंकड़ों के अनुसार, तिलक वर्मा ने शानदार औसत और शतकीय पारी के दम पर अपनी दावेदारी मजबूत की है। ऐसे में श्रेयस के लिए चुनौती सिर्फ टीम की अगुआई करना नहीं, बल्कि प्लेइंग इलेवन में अपनी जगह को निर्विवाद बनाना है। बीसीसीआई के करीबी सूत्रों का मानना है कि चयनकर्ता ऐसे कप्तान की तलाश में हैं जो मैदान पर अपने प्रदर्शन से उदाहरण पेश कर सके।क्या अय्यर बनेंगे भविष्य के लीडर?श्रेयस अय्यर के लिए आने वाले कुछ मैच निर्णायक साबित होने वाले हैं। उनकी कप्तानी की शैली आक्रामक है और वह खिलाड़ियों का भरोसा जीतना जानते हैं। यदि वह सीजन के अंत तक अपने व्यक्तिगत स्कोर को 400-500 रन के पार ले जाते हैं, तो उनके लिए टीम इंडिया की कप्तानी का रास्ता साफ हो सकता है। फिलहाल, क्रिकेट जगत में यह राय प्रबल है कि ‘पहले खिलाड़ी के तौर पर अपनी जगह पक्की करो, कप्तान तो तुम काबिल हो ही’। अब देखना होगा कि श्रेयस इस दोहरी चुनौती से कैसे निपटते हैं।