उत्तर प्रदेश

समूहों के सभी कार्यों के जियो-टैग फोटो, पोर्टल डेटा एवं धरातलीय साक्ष्य कराना आवश्‍यक, केशव प्रसाद मौर्य

उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने मिशन अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि भविष्य में मिशन के अंतर्गत संचालित सभी कार्यों की समीक्षा केवल कागजी अभिलेखों के आधार पर नहीं, बल्कि जियो-टैग फोटो, पोर्टल पर उपलब्ध वास्तविक डेटा तथा धरातलीय साक्ष्यों के आधार पर सुनिश्चित की जाए। योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, गुणवत्ता एवं जवाबदेही सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए, स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) गठन की प्रगति पर असंतोष व्यक्त करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रदेश में समूह गठन की गति को तेज किया जाए तथा जहां भी प्रगति अपेक्षित स्तर पर नहीं है, वहां विशेष अभियान चलाकर निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति सुनिश्चित कराएं प्रदेश के सभी निष्क्रिय एवं शिथिल स्वयं सहायता समूहों को शीघ्र सक्रिय किया जाए तथा संबंधित अधिकारियों द्वारा समूहों की सखियों से व्यक्तिगत संपर्क स्थापित कर उन्हें पुनः संचालित करने में हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाए।

उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अधिकारी जिला एवं ब्‍लाक स्‍तर पर साप्ताहिक समीक्षा बैठक करें एवं बैठकों में लिए गए निर्णयों और उन पर की गई कार्यवाही से अवगत कराया जाए। प्रत्येक स्तर पर जवाबदेही तय की जाए तथा जिन अधिकारियों की कार्यशैली में लापरवाही या उदासीनता पाई जाएगी, उनके विरुद्ध कठोर विभागीय कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। स्वयं सहायता समूहों के गठन, वित्तीय समावेशन, बैंक ऋण वितरण, कृषि आधारित आजीविका गतिविधियों, महिला उद्यमिता, कौशल विकास एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों तथा मिशन के अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति एवं प्रभावी क्रियान्वयन की विस्तारपूर्वक समीक्षा की गई।

श्री मौर्य ने महिला उद्यमी क्रेडिट कार्ड योजना के क्रियान्वयन में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि अधिक से अधिक पात्र महिलाओं को इस योजना से जोड़कर उन्हें स्वरोजगार एवं उद्यम स्थापना के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने प्रत्येक ग्राम पंचायत में बीमा सखी की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए, जिससे ग्रामीण परिवारों तक बीमा योजनाओं का लाभ प्रभावी ढंग से पहुंच सके एवं कृषि एवं संबद्ध गतिविधियों को ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम बताते हुए कृषि आधारित आजीविका गतिविधियों को व्यापक स्तर पर प्रोत्साहित करने के साथ ही प्रेरणा कृषि उपकरण बैंक का व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा अधिक से अधिक स्वयं सहायता समूहों को इससे जोड़ने पर विशेष बल दिया। निर्देशित किया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के सभी पात्र लाभार्थियों को स्वयं सहायता समूहों से अनिवार्य रूप से जोड़ा जाए, ताकि उन्हें स्वरोजगार, बैंकिंग सेवाओं, वित्तीय समावेशन एवं आजीविका के अतिरिक्त अवसर उपलब्ध हो सकें और उनके जीवन स्तर में स्थायी सुधार आए।

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