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सरकारी बैंकों ने की छप्परफाड़ कमाई! मुनाफे की रिपोर्ट आते ही शेयरों में लगी रॉकेट जैसी तेजी, निवेशक गदगद

भारतीय शेयर बाजार में आज सरकारी बैंकों (PSU Banks) के शेयरों ने जबरदस्त धूम मचा रखी है। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों द्वारा जारी किए गए शानदार तिमाही नतीजों और बंपर कमाई के आंकड़ों ने दलाल स्ट्रीट के समीकरण बदल दिए हैं। मुनाफे में आई इस भारी उछाल की खबर आते ही निवेशकों ने बैंकिंग शेयरों पर भरोसा जताया है, जिससे सरकारी बैंकिंग इंडेक्स में बड़ा उछाल दर्ज किया गया है। इस पूरे एक्शन में इंडियन बैंक और बैंक ऑफ महाराष्ट्र सबसे बड़े विनर बनकर उभरे हैं और इनके शेयरों में सबसे तगड़ी लिफ्टिंग देखने को मिल रही है।

इंडियन बैंक और बैंक ऑफ महाराष्ट्र के शेयरों में तेजी की असली वजह

बाजार खुलने के साथ ही इंडियन बैंक और बैंक ऑफ महाराष्ट्र के काउंटर्स पर खरीदारों की भारी भीड़ देखी गई। इस जबरदस्त तेजी के पीछे बैंकों का मजबूत फंडामेंटल और वित्तीय प्रदर्शन है। दोनों ही बैंकों ने अपने फंसे हुए कर्ज यानी एनपीए (NPA) को कम करने में बड़ी सफलता हासिल की है। इसके साथ ही, लोन बुक में आई मजबूती और नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) में सुधार होने से बैंकों का शुद्ध मुनाफा उम्मीद से कहीं ज्यादा रहा है। इसी बंपर कमाई ने निवेशकों को इन शेयरों की आक्रामक खरीदारी करने के लिए प्रेरित किया है।

क्रेडिट ग्रोथ और ग्रामीण भारत से मिल रहा है सरकारी बैंकों को बूस्ट

बैंकिंग सेक्टर के विशेषज्ञों का विश्लेषण: "भारतीय अर्थव्यवस्था में जारी मजबूत रिकवरी का सीधा फायदा सरकारी बैंकों को मिल रहा है। विशेषकर टियर-2, टियर-3 शहरों और ग्रामीण इलाकों (Geographical Demand) में लोन की मांग तेजी से बढ़ी है। होम लोन, ऑटो लोन और एमएसएमई (MSME) सेक्टर को दिए गए कर्ज में हुई बढ़ोतरी ने बैंकों की क्रेडिट ग्रोथ को ऐतिहासिक स्तर पर पहुंचा दिया है, जिससे इनकी कमाई में यह बंपर उछाल दिख रहा है।"

लंबे समय तक निजी बैंकों से पीछे रहने के बाद, अब सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक अपनी डिजिटल बैंकिंग सेवाओं और बेहतर कस्टमर रीच के दम पर मार्केट शेयर वापस हासिल कर रहे हैं।

रिटेल निवेशकों और स्थानीय बाजार के लिए आगे क्या हैं कमाई के मौके?

स्थानीय शेयर बाजारों और ब्रोकिंग फर्म्स के अनुसार, इस तेजी ने रिटेल निवेशकों (Retail Investors) का हौसला काफी बढ़ा दिया है। विश्लेषकों का मानना है कि सरकारी बैंकों में आई यह तेजी केवल शॉर्ट-टर्म सेंटीमेंट नहीं है, बल्कि यह इनके बदलते कामकाज का नतीजा है। जो निवेशक बैंकिंग सेक्टर में लॉन्ग-टर्म के लिए निवेश करना चाहते हैं, उनके लिए यह एक बेहतरीन दौर साबित हो सकता है। हालांकि, बाजार के ऊंचे स्तरों को देखते हुए जानकारों ने सलाह दी है कि किसी भी बड़ी गिरावट पर धीरे-धीरे (Averaging) इन शेयरों को अपने पोर्टफोलियो में जोड़ना एक स्मार्ट रणनीति होगी।

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