राज्यसभा में हरिवंश की वापसी राष्ट्रपति ने किया मनोनीत, क्या फिर संभालेंगे उपसभापति की कुर्सी?

News India Live, Digital Desk: देश की राजनीति के गलियारों से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पत्रकारिता और सामाजिक क्षेत्र के दिग्गज व्यक्तित्व हरिवंश नारायण सिंह को राज्यसभा के लिए मनोनीत सदस्य के रूप में नियुक्त किया है। यह कदम न केवल उनके व्यक्तिगत संसदीय करियर के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि उच्च सदन के भावी समीकरणों को देखते हुए भी इसके कई मायने निकाले जा रहे हैं।संसदीय अनुभव और बेदाग छवि का मिला इनामहरिवंश नारायण सिंह का पिछला कार्यकाल जनता दल यूनाइटेड (JDU) के कोटे से था, जो हाल ही में समाप्त हुआ था। हालांकि, इस बार उन्हें राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत श्रेणी में सदन भेजा गया है। हरिवंश अपनी सौम्य छवि, संसदीय नियमों की गहरी समझ और निष्पक्ष कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं। उनके पिछले कार्यकाल के दौरान उपसभापति के रूप में किए गए कार्यों की सराहना सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों ने की थी।क्या फिर बनेंगे उपसभापति? चर्चाएं तेजहरिवंश के राज्यसभा पहुंचने के साथ ही राजनीतिक हलकों में इस बात की चर्चा तेज हो गई है कि क्या वे एक बार फिर उच्च सदन के उपसभापति के रूप में नजर आएंगे? चूंकि वे सदन की कार्यप्रणाली के मंझे हुए खिलाड़ी हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित एनडीए के शीर्ष नेतृत्व का उन पर गहरा भरोसा है, ऐसे में उनकी दावेदारी काफी मजबूत मानी जा रही है। मनोनीत सदस्य के तौर पर उनकी नियुक्ति ने सदन में एनडीए के संख्या बल को भी एक नई स्थिरता प्रदान की है।पत्रकारिता से संसद तक का शानदार सफरमूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया के रहने वाले हरिवंश नारायण सिंह का सफर बेहद प्रेरणादायक रहा है। राजनीति में आने से पहले वे पत्रकारिता जगत का एक बड़ा नाम रहे और उन्होंने कई दशकों तक मीडिया के माध्यम से जनता की आवाज उठाई। जयप्रकाश नारायण के आदर्शों पर चलने वाले हरिवंश ने संसद में भी अपनी उसी सादगी और विद्वता को बरकरार रखा, जिसके चलते आज उन्हें राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत होने का गौरव प्राप्त हुआ है।