– साधु-संतों के त्याग-तपस्या को लांछित करने की कोशिश संत समाज बर्दाश्त नहीं करेगा : स्वामी जितेन्द्रानंद

नई दिल्ली/लखनऊ। संसद भवन परिसर में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के संरक्षण में सांसद पप्पू यादव द्वारा भगवा वेश धारण कर किये गये आपत्तिजनक प्रदर्शन के बाद देशभर के संतों की भृकुटी तन गयी है। संतों ने इसे भगवा वस्त्र को बदनाम करने का घटिया स्वांग करार देते हुए सीधे तौर पर सनातन धर्म, साधु-संतों और देश की सांस्कृतिक अस्मिता पर प्रहार बताया है। उन्होंने इसे प्रायोजित ड्रामा बताते हुए कहा कि भारत सहित दुनिया भर का सनातनियों को आज राहुल गांधी, अखिलेश यादव और पप्पू यादव की अशोभनीय हरकत से गहरा आघात लगा है। संत समाज ने एक स्वर में चेतावनी दी है कि भगवान राम को काल्पनिक बताने वाले और कारसेवकों पर गोलियां चलवाने वाले नेताओं की शह पर सनातन को बदनाम करने का जो कुचक्र रचा जा रहा है वह अब बर्दाश्त के बाहर है।
संसद जैसे पवित्र परिसर का दुरुपयोग
अखिल भारतीय संत समिति के राष्ट्रीय महामंत्री स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने वाराणसी की धरा से तीखे शब्दों में हमला बोलते हुए कहा कि संसद संविधान के अनुसार पवित्र परिसर है। इसका इस तरह दुरुपयोग कर सनातन धर्म का अपमान और बहुसंख्यक समाज की भावनाओं को कुचलना अक्षम्य अपराध है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और सजायाफ्ता अपराधी पप्पू यादव द्वारा भगवा वस्त्रों में रचा गया यह स्वांग सनातन संस्कृति पर खुला कुठाराघात है। स्वामी जितेंद्रानंद ने साफ कहा कि राम मंदिर में अगर कोई गड़बड़ी हुई है तो एसआईटी और सुप्रीम कोर्ट सजा तय करेंगे, लेकिन इसकी आड़ में साधु-संतों के त्याग-तपस्या को लांछित करने की कोशिश संत समिति कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने राष्ट्रपति और लोकसभा अध्यक्ष से मांग की कि पप्पू यादव की संसद सदस्यता तुरंत बर्खास्त की जाए और वे पूरे देश के हिंदुओं से सर झुकाकर माफी मांगें। राजनीतिक दल के नाम पर भाजपा से लड़ना है तो लड़िए, लेकिन भगवान राम और सनातन को गाली देकर, छद्म वेश में पार्लियामेंट के अंदर भगवा पहनना स्वीकार नहीं किया जाएगा।
राम के ऊपर अब और राजनीति न की जाए
जानकी कुंज अयोध्या के जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी करपात्री जी ने कड़े शब्दों में कहा कि संसद में नाटक करने वाले ये लोग चाहे साधु भेष में पप्पू यादव हों, संजय सिंह हों या अवधेश प्रसाद, कभी रामभक्त रहे ही नहीं। कांग्रेस के लोग राम जी को काल्पनिक मानते थे और मुलायम सिंह के शासन में निहत्थे कारसेवकों पर गोलियां चलवाई गईं। इन लोगों ने मंदिर निर्माण या राम जी के लिए एक पैसा नहीं दिया, इसलिए इन्हें इस पर बोलने का कोई हक नहीं है। करपात्री जी ने कहा कि एसआईटी गठित हो चुकी है, सुप्रीम कोर्ट का आदेश है और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद नजर बनाए हुए हैं। चंदा चोर पकड़े भी जा रहे हैं। हाथ जोड़कर प्रार्थना है कि राम के ऊपर अब और राजनीति मत कीजिए और संसद चलने दीजिए। अगर राम के नाम पर राजनीति बंद नहीं हुई तो आपके खिलाफ बगावत होगी और संत समाज सड़क पर उतरकर आवाज उठाएगा।
भाजपा से मिल रही हार, इसलिए संतों और सनातन को कर रहे बदनाम
हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास ने कहा कि लोकतंत्र के मंदिर संसद में सपा और कांग्रेस के नेताओं ने सनातन संस्कृति का जो अपमान किया है, वह दुर्भाग्यपूर्ण और अशोभनीय है। यह देश संतों, महापुरुषों और देवी-देवताओं का है, किसी पीर-फकीर या मुल्ला-मौलवियों का नहीं। उन्होंने अखिलेश यादव, राहुल गांधी और 41 मुकदमों वाले पप्पू यादव से सीधा सवाल किया कि क्या कभी मौलाना बनकर मदरसों या वक्फ बोर्ड के घपलों पर प्रदर्शन करने की औकात दिखाई है? महंत राजू दास ने कहा कि राम मंदिर मामले में सरकारी कर्मचारियों से गड़बड़ी हुई तो गिरफ्तारियां हुईं। लेकिन आप भाजपा से राजनीतिक लड़ाई नहीं लड़ पाए तो संतों और सनातन संस्कृति को टारगेट करने लगे? राहुल गांधी लगातार हिंदुओं का अपमान कर रहे हैं। संत समाज और हिंदुओं से मांग है कि ये नेता जहां मिलें, इनका जूतों से स्वागत करो, तब ये मानेंगे।
सनातन की अस्मिता बचाने का किया आह्वान
श्रीमज्जगद्गुरु रामानुजाचार्य नारायणाचार्य शांडिल्य जी ने कहा कि जो लोग कल तक राम को नकार रहे थे, आज सत्ता पाने के लिए राम-राम जप रहे हैं। ये विधर्मी नेता किसी अन्य धर्म के खिलाफ ऐसा करने की हिम्मत नहीं दिखा सकते क्योंकि वहां से मिलने वाला विदेशी फंड बंद हो जाएगा। उन्होंने 13 अखाड़ों, चारों शंकराचार्यों, जगद्गुरुओं और हर हिंदू से आह्वान किया कि अगर आज नहीं जागे तो अस्मिता खतरे में पड़ जाएगी। अब इन पार्टियों को सड़क पर न निकलने दिया जाए और उनकी औकात बताई जाए।
भगवा पहनने से सन्यासी नहीं बनते
महामृत्युंजय मठ उज्जैन के पीठाधीश्वर स्वामी प्रणव पुरी जी ने रामायण की चौपाई का हवाला देते हुए कहा कि बिना वैराग्य के केवल भगवा वस्त्र पहन लेने से कोई सन्यासी नहीं बन जाता। 500 वर्षों के संघर्ष में इनमें से किसी ने राम मंदिर के पक्ष में आवाज नहीं उठाई थी। संत मंदिर में हुई किसी भी गड़बड़ी से दुखी हैं और जांच की मांग करते हैं, लेकिन भगवा पहनकर प्रदर्शन करने से किसी की राजनीतिक दाल नहीं गलेगी। आचरण भी वैसा होना चाहिए।
विंध्याचल धाम के पंडित दिवाकर मिश्र ने कहा कि राहुल गांधी और अखिलेश यादव के साथ मिलकर पप्पू यादव सनातन को बदनाम करने की जो साजिश रच रहे हैं, उसमें वे कभी सफल नहीं होंगे। आज देश का हर सनातनी जागा हुआ है। जैसे मां काली ने रक्तबीज का अंत किया था, वैसे ही भगवा का अपमान करने वालों का भ्रम भी मां दूर करेंगी। 2027 के उत्तर प्रदेश चुनाव और 2029 के लोकसभा चुनाव में युवा और हर सनातनी वोट की चोट से इनका करारा जवाब देंगे।