सावधान! तेज धूप से आते ही सीधे एसी (AC) में बैठने की आदत? डॉक्टर ने बताया शरीर के लिए क्यों है यह खतरनाक

गर्मियों के मौसम में चिलचिलाती धूप और गर्म हवाओं (लू) के बीच घर से बाहर निकलना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं लगता। बढ़ता हुआ तापमान और चटक धूप मिनटों में हमारे शरीर को पूरी तरह गर्म कर देती है और पसीने से तर-बतर कर देती है। ऐसे में जब हम बाहर से तपते हुए अपने घर या ऑफिस पहुंचते हैं, तो सबसे पहला काम यही करते हैं कि सीधे एसी (AC) के सामने जाकर बैठ जाते हैं या उसे फुल स्पीड पर ऑन कर देते हैं। ठंडी-ठंडी हवा लगते ही हमारे शरीर को मिनटों में बहुत सुकून और राहत मिलती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी यह छोटी सी आदत आपकी सेहत को बहुत बुरी तरह खराब कर सकती है? हेल्थ एक्सपर्ट डॉक्टर समीर भाटी के अनुसार, अचानक तापमान में होने वाला यह उतार-चढ़ाव हमारे शरीर के भीतर एक तरह का थर्मल शॉक (Thermal Shock) पैदा करता है। आइए जानते हैं कि धूप से सीधे एसी में आने पर हमारे शरीर के साथ क्या होता है और इससे बचने के क्या तरीके हैं। अचानक शरीर का तापमान बदलने से क्या होता है? दरअसल, जब आपका शरीर लंबे समय तक बाहर तेज धूप और गर्मी के संपर्क में रहता है, तो उसका आंतरिक तापमान (Body Temperature) सामान्य से काफी ज्यादा हो जाता है। ऐसे समय में हमारा शरीर खुद को ठंडा रखने के लिए त्वचा के रोमछिद्रों से पसीना बाहर निकालता है। यह हमारे शरीर का एक प्राकृतिक कूलिंग सिस्टम है। लेकिन जब आप इसी गर्म शरीर और पसीने के साथ अचानक से किसी बहुत ठंडे माहौल या एसी वाले कमरे में चले जाते हैं, तो हमारी बॉडी इस अचानक हुए बड़े बदलाव के साथ तुरंत तालमेल नहीं बिठा पाती। शरीर का तापमान एकदम से गिरने के कारण होमियोस्टैसिस (शरीर का संतुलन) बिगड़ जाता है। यही वजह है कि कई लोगों को धूप से तुरंत एसी में आते ही सिरदर्द, अचानक चक्कर आना, भयंकर थकान या शरीर में बेचैनी महसूस होने लगती है। सीधे एसी में बैठने से शरीर को होने वाले मुख्य नुकसान एक्सपर्ट्स के मुताबिक, तेज गर्मी से सीधे अत्यधिक ठंडे वातावरण में जाने पर हमारे शरीर को इन गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है: ब्लड वेसल्स का सिकुड़ना: अचानक ठंड के संपर्क में आने से हमारी रक्त वाहिकाएं (Blood Vessels) बहुत तेजी से सिकुड़ जाती हैं। इसका सीधा और बुरा असर हमारे ब्लड सर्कुलेशन (रक्त संचार) पर पड़ता है। मांसपेशियों में जकड़न और दर्द: तापमान के इस अचानक बदलाव से शरीर की मांसपेशियां अकड़ जाती हैं। कई लोगों को इसके कारण गर्दन, पीठ या कंधों में तेज दर्द की शिकायत होने लगती है। साइनस और माइग्रेन का बढ़ना: जो लोग पहले से ही माइग्रेन (आधे सिर का दर्द) या साइनस की बीमारी से जूझ रहे हैं, उनके लिए यह स्थिति बेहद दर्दनाक हो सकती है। ठंडी हवा सीधे नसों पर असर करती है जिससे दर्द तुरंत ट्रिगर हो जाता है। इम्युनिटी का कमजोर होना: अचानक गरम से ठंडे माहौल में जाने पर सर्दी-खांसी, गले में खराश और वायरल बुखार होने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। गर्मी से आने के बाद क्या करें और क्या न करें? इस समस्या से बचने के लिए आपको अपनी डेली रूटीन में कुछ छोटे और आसान बदलाव करने की जरूरत है, जिन्हें नीचे दी गई तालिका से आसानी से समझा जा सकता है: क्या करने से बचें (Don'ts) क्या करना है सही (Do's) शरीर पर इसका फायदा बाहर से आते ही सीधे एसी के सामने बैठना। पहले कुछ मिनट बिना एसी वाले सामान्य कमरे या पंखे के नीचे बैठें। शरीर का तापमान धीरे-धीरे नॉर्मल होता है और बॉडी को संभलने का मौका मिलता है। पसीने से तर-बतर होकर तुरंत एसी ऑन करना। पसीने को पूरी तरह से सूखने दें, उसके बाद ही ठंडी जगह पर जाएं। सर्दी-जुकाम और मांसपेशियों की जकड़न का खतरा पूरी तरह खत्म हो जाता है। फ्रिज का बर्फ जैसा ठंडा पानी तुरंत पीना। पहले मटके का या सामान्य (नॉर्मल) पानी धीरे-धीरे पिएं। शरीर को सही हाइड्रेशन मिलता है और पाचन तंत्र पर बुरा असर नहीं पड़ता। एक्सपर्ट की जरूरी सलाह: गर्मियों के दिनों में सेहतमंद रहने का सबसे सीधा नियम यही है कि अपने शरीर को किसी भी तरह के अचानक बदलाव से बचाएं। जब आप बाहर से आएं, तो कम से कम 5 से 10 मिनट तक सामान्य वातावरण में खुद को ढलने दें। इसके बाद ही एसी वाले कमरे में प्रवेश करें या एसी चलाएं। ठीक इसी तरह, जब आप एसी वाले कमरे से सीधे बाहर तेज धूप में जा रहे हों, तब भी कमरे से निकलने से 5 मिनट पहले एसी बंद कर दें ताकि शरीर बाहर के तापमान के लिए खुद को तैयार कर सके। आपकी ये छोटी-छोटी सावधानियां आपको गर्मियों में बार-बार बीमार होने से बचाए रखेंगी।