धर्म

सावन अमावस्या पर चुपचाप लगा दें ये 5 चमत्कारी पौधे, सात पीढ़ियों तक बरसेगी पितरों की असीम कृपा और मां लक्ष्मी का आशीर्वाद

हिंदू पंचांग के अनुसार सावन महीने का महीना भगवान शिव और प्रकृति की आराधना के लिए सबसे पवित्र माना जाता है। इस पावन मास में आने वाली अमावस्या तिथि को 'हरियाली अमावस्या' (Hariyali Amavasya) के रूप में पूरी श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाता है। धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, हरियाली अमावस्या के दिन पेड़-पौधे लगाना और उनका संवर्धन करना अत्यंत शुभ फलदायी माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस खास दिन विधि-विधान के साथ कुछ विशेष और पवित्र पौधों को रोपने से न सिर्फ पर्यावरण हरा-भरा होता है, बल्कि पितृ दोष शांत होता है और सात जन्मों या पीढ़ियों तक पितरों के साथ-साथ देवी-देवताओं की कृपा भी साधक के परिवार पर बरसती रहती है।

कौन से पौधे लगाने से मिलती है पितृ दोष से मुक्ति और बरसती है कृपा?

ज्योतिष शास्त्र के जानकारों का कहना है कि हरियाली अमावस्या के दिन यदि अपनी राशि या नक्षत्र के अनुसार कुछ विशेष पौधे घर के आसपास या मंदिर परिसर में लगाए जाएं, तो इसके अद्भुत परिणाम देखने को मिलते हैं। इस दिन पीपल, बरगद, नीम, आंवला और तुलसी जैसे पवित्र पौधों को लगाना बेहद कल्याणकारी माना जाता है। इन पेड़ों में देवताओं और पितरों का वास माना गया है। विशेष रूप से पीपल और बरगद के पेड़ का रोपण करने और नियमित रूप से जल देने से पितृगण अत्यंत तृप्त होते हैं, जिससे परिवार में आ रही समस्त बाधाएं दूर होती हैं और घर-परिवार में सुख-समृद्धि का वास होता है।

हरियाली अमावस्या पर पौधा लगाते समय किन बातों का रखें खास ध्यान?

पौधे लगाने का पूरा लाभ प्राप्त करने के लिए कुछ जरूरी नियमों का पालन करना भी बहुत आवश्यक है। हरियाली अमावस्या के दिन सुबह स्नान करने के बाद साफ वस्त्र धारण करके किसी पवित्र स्थान, मंदिर, पार्क या अपने घर के आंगन में शुभ मुहूर्त में पौधे लगाएं। पौधा लगाने के बाद उसकी नियमित रूप से देखभाल करने और उसे सींचने का संकल्प जरूर लें, क्योंकि सूखे या नष्ट हुए पौधे नकारात्मकता का प्रतीक माने जाते हैं। यदि आप सच्चे मन और पूरी श्रद्धा के साथ प्रकृति की सेवा करते हैं, तो आपको ग्रहों के अशुभ प्रभावों से राहत मिलती है और जीवन के हर क्षेत्र में सफलता के द्वार खुलने लगते हैं।

 

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