सिक्किम में बड़ा रेस्क्यू: लापता हुईं 3 नाबालिग किशोरियां 24 घंटे के भीतर सकुशल बरामद, पुलिस की मुस्तैदी से बची जान

सिक्किम पुलिस ने अपनी सतर्कता और त्वरित कार्रवाई का एक बेहतरीन उदाहरण पेश करते हुए दक्षिण सिक्किम से अचानक लापता हुईं तीन नाबालिग किशोरियों को शिकायत मिलने के महज 24 घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर लिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, ये तीनों किशोरियां 29 जुलाई 2026 से अपने घरों से लापता थीं और दक्षिण सिक्किम की रहने वाली थीं। अचानक बच्चियों के इस तरह गायब होने से उनके परिजनों में कोहराम मच गया था और उन्होंने तुरंत इसकी सूचना स्थानीय पुलिस थाने में दी। परिजनों की शिकायत मिलते ही पुलिस प्रशासन पूरी तरह हरकत में आ गया और बिना एक पल गंवाए युद्धस्तर पर तलाश अभियान शुरू कर दिया गया।
संयुक्त पुलिस टीम और साइबर सेल की तकनीकी मदद से मिला सुराग
मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए तिमी थाना प्रभारी पीआई सुनील राई और यांगयांग थाना प्रभारी राजीव मुखिया के नेतृत्व में एक विशेष संयुक्त पुलिस टीम का गठन किया गया। पुलिस ने पारंपरिक तरीकों के साथ-साथ आधुनिक तकनीक का सहारा लिया। जांच के दौरान नामची साइबर सेल की तकनीकी सहायता से इन किशोरियों की सटीक लोकेशन का लगातार पीछा किया गया। इसी तकनीकी सर्विलांस और तेज कार्रवाई के दम पर पुलिस टीम ने तुरंत सिलीगुड़ी के लिए प्रस्थान किया और वहां से दो किशोरियों को पूरी तरह सुरक्षित ढूंढ निकाला। वहीं, तीसरी किशोरी की तलाश करते हुए पुलिस ने गंगटोक के देउराली क्षेत्र से उसे भी सकुशल अपने संरक्षण में ले लिया।
परिजनों ने ली राहत की सांस, पुलिस के कार्य की हो रही सराहना
एक ही दिन के भीतर तीन नाबालिग किशोरियों के सकुशल बरामद हो जाने के बाद उनके परिवारों और स्थानीय लोगों ने चैन की सांस ली है। परिजनों ने सिक्किम पुलिस की इस मुस्तैदी और संवेदनशीलता की जमकर सराहना की है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि लापता हुई इन तीनों किशोरियों में दो की उम्र 15 साल और एक की उम्र 14 साल थी। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आखिर ये किशोरियां किन परिस्थितियों में घर से दूर सिलीगुड़ी और गंगटोक तक पहुंची थीं। इस सफल ऑपरेशन ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि समय पर पुलिस की सक्रियता किसी भी बड़े संकट को टाल सकती है।