सिर्फ बैट नहीं, इन शब्दों ने बनाया दोहरा शतक सरफराज खान ने खुद खोला अपनी कामयाबी का बड़ा राज़

News India Live, Digital Desk: घरेलू क्रिकेट हो या इंटरनेशनल, कुछ खिलाड़ी ऐसे होते हैं जिनकी रनों की भूख कभी खत्म ही नहीं होती। सरफराज खान उन्हीं में से एक हैं। रणजी ट्रॉफी के मैदान पर सरफराज का बल्ला जब चलता है, तो रिकॉर्ड्स खुद-ब-खुद बनने लगते हैं। हाल ही में उन्होंने एक और जबरदस्त दोहरा शतक जड़कर सबको हैरान कर दिया। लेकिन क्या आपको पता है कि इस शानदार पारी के पीछे सिर्फ उनकी नेट प्रैक्टिस नहीं थी, बल्कि किसी खास दिग्गज की ‘आखिरी मिनट’ की सलाह का भी बड़ा हाथ था?अक्सर जब कोई खिलाड़ी लगातार मेहनत कर रहा होता है, तो कभी-कभी उसे तकनीकी से ज्यादा एक मानसिक सपोर्ट की जरूरत होती है। सरफराज के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ।जब मुश्किल में थे, तब हाथ आया ‘तजुर्बे’ का सहारासरफराज खान ने अपनी इस बड़ी पारी का क्रेडिट टीम इंडिया के एक महान खिलाड़ी को दिया है। सरफराज का कहना है कि मैच शुरू होने से ठीक पहले उन्हें एक ऐसी सलाह मिली, जिसने उनकी पूरी बल्लेबाजी का अंदाज ही बदल दिया। यह कोई मामूली कोचिंग टिप्स नहीं थी, बल्कि क्रिकेट की बारीकियों को समझने वाले एक दिग्गज का अनुभव था।सरफराज ने बताया कि कैसे उस ‘गुरु-मंत्र’ ने उन्हें मैदान पर संयम बनाए रखने और लंबे समय तक पिच पर टिके रहने में मदद की। जब आप दोहरे शतक की ओर बढ़ते हैं, तो शरीर थकने लगता है और ध्यान भटकता है, बस वहीं पर वह सलाह सरफराज के काम आई।महारत और सादगी का संगमक्रिकेट में प्रतिभा बहुतों के पास होती है, लेकिन जो दूसरों की बातों को सुनकर उन्हें अमल में लाते हैं, वही लंबी रेस के घोड़े साबित होते हैं। सरफराज ने साबित कर दिया कि वे भले ही आज स्टार बन चुके हैं, लेकिन अपने सीनियर्स और देश के महान खिलाड़ियों की सलाह उनके लिए आज भी पत्थर की लकीर है।मैदान पर चौके-छक्कों की बरसात करने वाले सरफराज अब सिर्फ मुंबई ही नहीं, बल्कि पूरी भारतीय क्रिकेट टीम की एक अहम उम्मीद बन गए हैं। इस दोहरे शतक ने यह साफ कर दिया है कि वे केवल छोटे फॉर्मेट के नहीं, बल्कि लंबी और मैराथन पारियां खेलने वाले ‘रनों के सौदागर’ हैं।एक संदेश हर युवा खिलाड़ी के लिएसरफराज की ये कहानी बताती है कि आप कितनी भी बड़ी ऊँचाई पर पहुँच जाएं, जब आप किसी दिग्गज के तजुर्बे से सीखते हैं, तो आपकी मेहनत में चार चाँद लग जाते हैं। फिलहाल तो क्रिकेट गलियारों में हर तरफ यही चर्चा है कि आखिर उस ‘दिग्गज’ ने सरफराज के कान में ऐसा क्या कहा था, जिससे दोहरा शतक इतना आसान लगने लगा।