सिर्फ शॉपिंग नहीं, अब आपकी ‘बैंक’ भी बनेंगी अमेज़न और फ्लिपकार्ट

हम सभी ने अमेज़न और फ्लिपकार्ट से कभी न कभी जूते,कपड़े या फोन तो मंगवाए ही हैं। हमारे दिमाग में ये कंपनियां सिर्फ’ऑनलाइन दुकान’की तरह बसी हैं। लेकिन अब तस्वीर बदलने वाली है। ये कंपनियां अब सिर्फ सामान बेचने तक सीमित नहीं रहना चाहतीं,बल्कि ये आपकी जेब,यानी बैंकिंग और फाइनेंस की दुनिया में भी जोरदार एंट्री मार रही हैं।सोचिए,आपको बिजनेस बढ़ाने के लिए पैसे चाहिए या कोई महंगा समान किस्तों पर लेना है,और इसके लिए बैंक के चक्कर काटने के बजाय आप बस अपनी शॉपिंग ऐप खोलें और काम हो जाए। सुनने में कितना सुविधाजनक लगता है न?अमेज़न: छोटे दुकानदारों का नया सहाराअमेज़न ने तैयारी पूरी कर ली है। उनकी नजर उन लाखों छोटे कारोबारियों पर है जो उनके प्लेटफॉर्म पर सामान बेचते हैं। अक्सर इन छोटे सेलर्स को पैसों की तंगी या कैश फ्लो की दिक्कत होती है। इसी समस्या को सुलझाने के लिए अमेज़न ने बेंगलुरु की एक कंपनी’Axio’ (नॉन-बैंक लेंडिंग फर्म) का साथ लिया है,जिसे उसने इस साल खरीदा था।मकसद साफ़ है-कारोबारियों के लिए ऐसे लोन प्लान बनाना जो उनकी जरूरतों पर फिट बैठें,ताकि उन्हें धंधा चलाने में पैसे की कमी न खले।फ्लिपकार्ट: ग्राहकों के लिए उधार औरEMIकी तैयारीउधर वॉलमार्ट (Walmart)के मालिकाना हक वाली फ्लिपकार्ट भी पीछे नहीं है। फ्लिपकार्ट अपना पूरा फोकस हम जैसे आम ग्राहकों पर लगा रही है। खबर है कि कंपनी अपनी खुद की’फ्लिपकार्ट फाइनेंस’सर्विस लाने वाली है। फिलहाल,वे इसके लिए आरबीआई (RBI)की फाइनल मुहर का इंतजार कर रहे हैं।एक बार मंजूरी मिल गई,तो आपको फ्लिपकार्ट पर’अभी खरीदो,बाद में पेमेंट करो’ (Pay Later)और आसान किस्तों (EMI)के ढेरों विकल्प मिलेंगे। बताया जा रहा है कि3से24महीने तक की किस्तों पर कोई ब्याज नहीं देना होगा। हाँ,अगर आप कोई बहुत महंगी चीज लंबे समय के लिए लोन पर लेते हैं,तो ब्याज दर18%से26%के बीच हो सकती है।अचानक इतना प्यार क्यों उमड़ रहा है?अब सवाल उठता है कि ये शॉपिंग कंपनियां’बैंक’क्यों बनना चाहती हैं?जवाब सीधा है—भारत का लोन मार्केट।2025तक भारत में लोन का बाजार करीब212अरब डॉलर तक पहुँचने वाला है। चूँकि हम पेमेंट के लिएUPIका खूब इस्तेमाल करते हैं,इसलिए इन कंपनियों के पास हमारा डेटा पहले से मौजूद है कि हम कितना खर्च करते हैं और क्या खरीदते हैं। इसी डेटा का फायदा उठाकर वे हमें सही लोन ऑफर दे सकते हैं।आरबीआई ने भी हाल ही में नियमों में ढील दी है,जिससे ई-कॉमर्स कंपनियों को अपनी100%हिस्सेदारी वाली कंपनियों के जरिये लोन बांटने की आजादी मिल गई है।1000रुपये में एफडी भी?मजे की बात यह है कि अमेज़न पे (Amazon Pay)पर अब आप1000रुपये जैसी छोटी रकम से फिक्स्ड डिपॉजिट (FD)भी शुरू कर सकते हैं। यानी शॉपिंग ऐप अब सेविंग ऐप भी बन रहा है। कुल मिलाकर,आने वाले दिनों में आपके मोबाइल में पड़ी ये शॉपिंग ऐप्स एक छोटे-मोटे बैंक का काम करती नजर आएँगी,जो ग्राहकों और दुकानदारों दोनों के लिए सहूलियत भरी खबर है।