सिर्फ संतान नहीं, धन और सौभाग्य भी दिलाएगी पौष पुत्रदा एकादशी! तुलसी जी से जुड़े ये 5 उपाय खोल देंगे किस्मत के दरवाजे

साल में दो बार आने वाली पुत्रदा एकादशी का व्रत बेहद खास माना जाता है। पौष महीने के शुक्ल पक्ष में आने वालीपौष पुत्रदा एकादशीका व्रत संतान की सुख-समृद्धि और लंबी आयु के लिए रखा जाता है। वहीं,जिन दंपतियों की गोद सूनी है,वे संतान प्राप्ति की कामना के साथ इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की आराधना करते हैं।लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह चमत्कारी एकादशी सिर्फ संतान सुख ही नहीं,बल्कि आपका भाग्य बदलने की भी ताकत रखती है?जी हां,इस दिन साक्षात मां लक्ष्मी का स्वरूप मानी जाने वाली तुलसी माता से जुड़े कुछ अचूक उपाय करने से किस्मत के बंद दरवाजे भी खुल सकते हैं।एकादशी भगवान विष्णु का सबसे प्रिय दिन है और तुलसी जी मां लक्ष्मी का रूप हैं। ऐसे में इस दिन तुलसी से जुड़े ये उपाय करने पर श्री हरि विष्णु और मां लक्ष्मी,दोनों की कृपा एक साथ बरसती है,जिससे जीवन की हर आर्थिक तंगी दूर हो जाती है।पौष पुत्रदा एकादशी पर करें तुलसी जी से जुड़े ये5चमत्कारी उपायएकादशी की शाम को तुलसी के पौधे के पास गाय के घी का एक दीपक जरूर जलाएं। माना जाता है कि इससे घर की सारी नकारात्मक ऊर्जा खत्म होती है और सकारात्मकता का संचार होता है।इस दीपक में साधारण रुई की जगह कच्चे सूत (कलावा) की बाती का इस्तेमाल करें,यह और भी शुभ फलदायी होता है।तुलसी का पौधा ही नहीं,उसकी मिट्टी भी बेहद पवित्र मानी जाती है। एकादशी के दिन स्नान के बाद,तुलसी जी को प्रणाम करके उनकी जड़ से थोड़ी सी मिट्टी लें और उसे अपने माथे पर तिलक की तरह लगाएं। यह छोटा सा उपाय दुर्भाग्य को सौभाग्य में बदल सकता है और आपको नौकरी-व्यापार में सफलता दिला सकता है।एकादशी के दिन दान करने का बहुत महत्व है। इस दिन किसी ब्राह्मण या जरूरतमंद व्यक्ति को तुलसी के कुछ सूखे पत्ते और थोड़े से चावल दान में दें। यह उपाय बहुत छोटा है,लेकिन माना जाता है कि इससे मां लक्ष्मी इतनी प्रसन्न होती हैं कि आपकी तिजोरी कभी खाली नहीं रहती।अगर आप भगवान विष्णु की कृपा जल्दी पाना चाहते हैं,तो एकादशी के दिन तुलसी के पौधे के सामने एक आसन बिछाकर बैठ जाएं,एक दीपक जलाएं और’विष्णु सहस्रनाम’ (भगवान विष्णु के1000नाम)का पाठ करें। इस उपाय से जीवन के सारे संकट दूर होते हैं।अगर आपका पैसा कहीं फंसा हुआ है या मेहनत के बाद भी धन की प्राप्ति नहीं हो रही है,तो यह उपाय आपके लिए है। अगर आपके घर में शालिग्राम जी (भगवान विष्णु का स्वरूप) हैं,तो एकादशी पर उन्हें पंचामृत से स्नान कराएं और उनके ऊपर तुलसी दल अर्पित करें।जरूरी बात:ध्यान रहे कि एकादशी के दिन तुलसी के पत्ते नहीं तोड़े जाते। इसलिए पूजा में इस्तेमाल करने के लिए तुलसी दल एक दिन पहले यानी दशमी को ही तोड़कर रख लें।