सेंसेक्स में 300 अंकों का शानदार उछाल, निफ्टी 24350 के पार; कोटक बैंक में 2% की तेजी से बाजार में लौटी रौनक

भारतीय शेयर बाजार ने एक बार फिर अपनी मजबूत चाल दिखाते हुए कारोबार की शुरुआत हरे निशान में की है। हफ्ते के शुरुआती और बीच के सत्रों में वैश्विक बाजारों से मिल रहे सकारात्मक संकेतों और घरेलू संस्थागत निवेशकों की लिवाली के दम पर दलाल स्ट्रीट पर जबरदस्त रौनक देखने को मिल रही है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स (Sensex) शुरुआती कारोबार में ही 300 से अधिक अंकों की मजबूती के साथ ट्रेड करता नजर आया, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी (Nifty) भी निवेशकों के उत्साह के बीच महत्वपूर्ण 24350 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार करने में कामयाब रहा। बाजार के जानकारों का कहना है कि चुनिंदा दिग्गज शेयरों में आई भारी लिवाली और बैंकिंग सेक्टर के शेयरों में जोरदार खरीदारी से बाजार को यह बड़ा सपोर्ट मिला है। घरेलू और विदेशी निवेशकों के बीच एक बार फिर जोखिम उठाने की क्षमता बढ़ती दिख रही है, जिसका सीधा असर सूचकांकों की चाल पर साफ तौर पर महसूस किया जा रहा है।
कोटक बैंक के शेयरों में तेज उछाल और बैंकिंग सेक्टर का दबदबा
आज के कारोबार में बैंकिंग और वित्तीय सेवा क्षेत्र के शेयरों ने बाजार को संभालने में सबसे अहम भूमिका निभाई है। प्राइवेट सेक्टर के दिग्गज लेंडर कोटक महिंद्रा बैंक (Kotak Mahindra Bank) के शेयरों में लगभग 2 प्रतिशत की जोरदार तेजी दर्ज की गई, जिससे निवेशकों के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही है। जानकारों का मानना है कि बैंक के मजबूत तिमाही नतीजों के अनुमान और संस्थागत निवेशकों द्वारा लगातार हो रही खरीदारी के चलते इस शेयर में निवेशकों का भरोसा लगातार मजबूत हो रहा है। कोटक बैंक के अलावा अन्य बैंकिंग शेयरों जैसे आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक और एक्सिस बैंक में भी अच्छी खासी लिवाली देखने को मिली। बैंकिंग शेयरों में आई इस मजबूती का सीधा असर ब्रॉडर मार्केट और बेंचमार्क इंडेक्स पर पड़ा, जिससे निफ्टी को 24350 के पार टिकने में बड़ी मदद मिली।
वैश्विक बाजारों के मिले-जुले संकेतों के बीच घरेलू बाजार की मजबूत पकड़
दुनियाभर के प्रमुख शेयर बाजारों से मिल रहे मिले-जुले और सुस्त संकेतों के बावजूद भारतीय शेयर बाजार ने अपनी घरेलू मजबूती का शानदार परिचय दिया है। अमेरिकी बाजार के उतार-चढ़ाव और एशियाई बाजारों की सपाट चाल के बाद भी भारतीय निवेशकों ने घबराने के बजाय रणनीतिक खरीदारी पर जोर दिया है। ऑटोमोबाइल, आईटी, फार्मा और मेटल सेक्टर के शेयरों में भी चुनिंदा लिवाली दर्ज की गई है, जिससे बाजार का सेंटिमेंट पूरी तरह से पॉजिटिव बना हुआ है। विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि भारतीय अर्थव्यवस्था के मजबूत बुनियादी ढांचे और कॉरपोरेट सेक्टर की अर्निंग ग्रोथ के चलते विदेशी निवेशकों (FIIs) का भरोसा भी धीरे-धीरे घरेलू इक्विटी मार्केट की तरफ दोबारा लौट रहा है, जो आने वाले दिनों के लिए एक बहुत ही अच्छा संकेत माना जा रहा है।
निवेशकों के लिए आगे की चाल और बाजार विशेषज्ञों की निवेश रणनीति
मौजूदा समय में जिस तरह से सेंसेक्स और निफ्टी नए मील के पत्थर छू रहे हैं, उसे देखते हुए खुदरा निवेशकों के मन में यह सवाल उठना लाजिमी है कि क्या बाजार में यह तेजी आगे भी जारी रहेगी या फिर मुनाफावसूली का दौर शुरू होगा। बाजार विश्लेषकों का सुझाव है कि निवेशकों को किसी भी तरह की जल्दबाजी दिखाने से बचना चाहिए और केवल मजबूत फंडामेंटल, बेहतर आय वाले शेयरों तथा लार्ज-कैप कंपनियों पर ही अपना फोकस रखना चाहिए। मिड-कैप और स्मॉल-कैप सेगमेंट में अत्यधिक तेजी के बाद अब चुनिंदा शेयरों में ही निवेश करने की सलाह दी जा रही है। यदि आप लॉन्ग-टर्म के लिए निवेश कर रहे हैं, तो गिरावट के हर दौर को खरीदारी के अवसर के रूप में देख सकते हैं, बशर्ते आपका पोर्टफोलियो अच्छी तरह से डाइवर्सिफाइड हो।