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सोनम वांगचुक का नियमित चेकअप करें डॉक्टर! दिल्ली हाईकोर्ट का सख्त निर्देश- ‘हर नागरिक की जान कीमती

लद्दाख की स्वायत्तता और पर्यावरण सुरक्षा की मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे प्रसिद्ध पर्यावरणविद् और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य पर दिल्ली हाईकोर्ट ने एक बड़ा और मानवीय फैसला सुनाया है। अदालत ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि डॉक्टरों की एक विशेष टीम द्वारा सोनम वांगचुक का नियमित रूप से मेडिकल चेकअप (Regular Health Checkup) सुनिश्चित किया जाए। मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने बेहद भावुक और महत्वपूर्ण टिप्पणी की कि लोकतांत्रिक देश में किसी भी नागरिक की जान सबसे ऊपर और बेहद कीमती होती है।

आखिर क्यों दिल्ली हाईकोर्ट को देना पड़ा यह संवेदनशील आदेश?

सोनम वांगचुक और लद्दाख के उनके समर्थकों द्वारा अपनी मांगों को लेकर लगातार अनशन और शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। लंबे समय से चल रहे इस अनशन के कारण उनके स्वास्थ्य में लगातार गिरावट आने की चिंताएं जताई जा रही थीं, जिसके बाद यह मामला कानूनी दहलीज तक पहुंचा। दिल्ली हाईकोर्ट की खंडपीठ ने याचिका पर सुनवाई करते हुए स्पष्ट किया कि भले ही प्रदर्शन या असहमति व्यक्त करना नागरिकों का लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन राज्य की यह प्राथमिक जिम्मेदारी है कि वह आंदोलनकारियों के जीवन की रक्षा करे और उनके स्वास्थ्य के साथ किसी भी तरह का कोई समझौता न होने दे।

डॉक्टरों की विशेष निगरानी में रहेंगे लद्दाख के 'रेंचो'

हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद अब डॉक्टरों की एक आधिकारिक टीम दिन में कई बार सोनम वांगचुक के वाइटल्स (ब्लड प्रेशर, पल्स रेट और शुगर लेवल) की जांच करेगी। अदालत ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि मेडिकल रिपोर्ट की पल-पल की अपडेट रखी जाए ताकि स्वास्थ्य बिगड़ने की स्थिति में उन्हें तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता (Emergency Medical Care) मुहैया कराई जा सके। कोर्ट के इस दखल के बाद प्रदर्शन स्थल पर सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर प्रशासनिक हलचल काफी तेज हो गई है।

लद्दाख की मांगों को लेकर दिल्ली में डटे हैं सोनम वांगचुक

गौरतलब है कि सोनम वांगचुक और लद्दाख के सैकड़ों लोग संविधान की छठी अनुसूची (Sixth Schedule) के तहत लद्दाख को राज्य का दर्जा देने, पर्यावरण का संरक्षण करने और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार की गारंटी की मांग को लेकर राजधानी दिल्ली में शांतिपूर्ण मार्च और अनशन कर रहे हैं। इस आंदोलन ने न केवल लद्दाख बल्कि पूरे देश के पर्यावरण प्रेमियों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचा है। अब हाईकोर्ट के इस ताजा निर्देश ने आंदोलन के बीच उनके स्वास्थ्य की सुरक्षा को लेकर एक बड़ा कानूनी कवच प्रदान कर दिया है।

 

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