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सोनम वांगचुक की रिहाई केंद्र सरकार ने हटाया NSA,6 महीने बाद जोधपुर जेल से बाहर आएंगे लद्दाख के हीरो

News India Live, Digital Desk: लद्दाख के पर्यावरण और संवैधानिक अधिकारों के लिए आवाज उठाने वाले सोनम वांगचुक की हिरासत को लेकर चल रहा लंबा गतिरोध अब समाप्त हो गया है। गृह मंत्रालय (MHA) ने शनिवार, 14 मार्च 2026 को घोषणा की कि वांगचुक की हिरासत तत्काल प्रभाव से रद्द की जा रही है। यह फैसला लद्दाख में शांति और संवाद का माहौल बनाने के उद्देश्य से लिया गया है।क्यों हुई थी गिरफ्तारी? (The Background)सोनम वांगचुक को 26 सितंबर 2025 को लेह में हुई हिंसा के बाद हिरासत में लिया गया था।आरोप: सरकार ने उन पर युवाओं को भड़काने और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने का आरोप लगाते हुए NSA के तहत कार्रवाई की थी।हिरासत का स्थान: उन्हें राजस्थान की जोधपुर सेंट्रल जेल में रखा गया था, जहाँ उन्होंने लगभग 170 दिन बिताए।मांगें: वांगचुक और लद्दाख के लोग केंद्र शासित प्रदेश को पूर्ण राज्य का दर्जा और संविधान की छठी अनुसूची (Sixth Schedule) में शामिल करने की मांग कर रहे थे।[Image: Sonam Wangchuk smiling and coming out of Jodhpur Jail gates, surrounded by supporters]रिहाई के पीछे के 3 मुख्य कारणसरकार की संवाद की पहल: गृह मंत्रालय के बयान के अनुसार, सरकार लद्दाख के सभी पक्षों के साथ ‘सार्थक और रचनात्मक संवाद’ (Meaningful Dialogue) करना चाहती है, जिसके लिए वांगचुक की रिहाई जरूरी थी।सुप्रीम कोर्ट का दबाव: वांगचुक की पत्नी गीतांजलि अंगमो ने उनकी हिरासत को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। कोर्ट ने हाल ही में सरकार से उनकी खराब सेहत को लेकर सवाल पूछे थे और मामले की अगली सुनवाई 17 मार्च को होनी थी।लद्दाख की अर्थव्यवस्था पर असर: लगातार बंद और विरोध प्रदर्शनों के कारण लद्दाख के पर्यटन और शिक्षा क्षेत्र को काफी नुकसान हो रहा था, जिसे सुधारने के लिए सरकार ने यह कदम उठाया है।लद्दाख में जश्न का माहौलसोनम वांगचुक की रिहाई की खबर मिलते ही लेह और कारगिल में लोगों ने खुशी का इजहार किया है। एपेक्स बॉडी लेह (ABL) और कारगिल डेमोक्रेटिक एलायंस (KDA) ने इसे लोकतंत्र की जीत बताया है। हालांकि, नेताओं का कहना है कि उनकी मुख्य मांगें (छठी अनुसूची और राज्य का दर्जा) अभी भी जस की तस हैं और वे बातचीत की मेज पर इन पर चर्चा करेंगे।

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