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सोने की चमक पड़ी फीकी: गिरते-गिरते 7 हफ्ते के सबसे निचले स्तर पर पहुंचा गोल्ड

अगर आप भी पिछले कुछ दिनों से सोने और चांदी की खरीदारी करने का मन बना रहे थे या अपने निवेश पोर्टफोलियो को मजबूत करने की सोच रहे थे, तो यह खबर आपके लिए राहत भरी भी है और चौंकाने वाली भी है। सर्राफा बाजार में पिछले कुछ सत्रों से जारी उतार-चढ़ाव के बीच कीमती धातुओं की कीमतों में एक बार फिर बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। लगातार मिल रहे वैश्विक संकेतों और घरेलू मांग में सुस्ती के चलते सोना गिरते-गिरते पिछले सात हफ्तों के सबसे निचले स्तर (7-Week Low) पर आ गया है। केवल सोना ही नहीं, बल्कि सफेद धातु यानी चांदी की कीमतों में भी जबरदस्त गोता देखने को मिला है, जहां चांदी के दाम एक झटके में करीब 2,900 रुपये तक लुढ़क गए हैं। त्योहारी और शादियों के सीजन से ठीक पहले आई इस भारी गिरावट ने बाजार के व्यापारियों और आम ग्राहकों को हैरान कर दिया है। हर कोई यह जानने के लिए बेताब है कि आखिर अचानक बाजार में यह सुस्ती क्यों आई है और अब देश के सर्राफा बाजारों में सोने और चांदी का ताजा खुदरा भाव क्या चल रहा है।

सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट और 7 हफ्तों का सबसे निचला स्तर

भारतीय सर्राफा बाजार और मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर पिछले कुछ हफ्तों से लगातार दबाव देखा जा रहा था, जो अब साफ तौर पर कीमतों में बड़ी गिरावट के रूप में सामने आ चुका है। अंतरराष्ट्रीय बुलियन मार्केट में आई कमजोरी और अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में मजबूती के कारण निवेशकों ने सुरक्षित निवेश के रूप में सोने से मुनाफावसूली (Profit Booking) शुरू कर दी है, जिसके चलते सोने की कीमतों में लगातार फिसलन देखने को मिल रही है। आंकड़ों के अनुसार, पिछले सात हफ्तों में यह पहला मौका है जब सोना अपने सबसे निचले पायदान पर जा पहुंचा है। कभी आसमान छूने वाले सोने के दामों में आई इस करेक्शन से उन मध्यमवर्गीय परिवारों को बड़ी राहत मिलती दिख रही है जो ऊंचे दामों के कारण सोने की खरीदारी टाल रहे थे। जानकारों का कहना है कि वैश्विक आर्थिक आंकड़ों और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर बन रही अनिश्चितताओं का सीधा असर सर्राफा बाजार की चाल पर पड़ रहा है, जिससे निवेशकों का रुझान फिलहाल अन्य परिसंपत्तियों की ओर शिफ्ट हो रहा है।

चांदी में भी दिखा भारी भूचाल: एक झटके में 2,900 रुपये तक टूटे दाम

सोने के साथ-साथ औद्योगिक और निवेश की दृष्टि से बेहद अहम मानी जाने वाली चांदी में भी इस बार भयंकर मंदी का दौर देखने को मिला है। चांदी के दामों में करीब 2,900 रुपये प्रति किलोग्राम की भारी-भरकम गिरावट दर्ज की गई है, जिसने निवेशकों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। औद्योगिक मांग में कमी और वायदा बाजार में लगातार हो रही बिकवाली के कारण चांदी अपनी चमक खोती नजर आ रही है। पिछले कुछ महीनों में चांदी ने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया था, लेकिन हालिया मंदी ने बाजार के उस उत्साह पर ब्रेक लगा दिया है। सर्राफा कारोबारियों का मानना है कि जब भी अंतरराष्ट्रीय बाजार में जिंसों (Commodities) की कीमतों में सुस्ती आती है, तो चांदी में सोने की तुलना में अधिक तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है। यही वजह है कि एक ही दिन में चांदी के दामों में इतनी बड़ी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे खुदरा बाजार में खरीदारों की रौनक पर भी असर पड़ा है।

जानिए क्या है देश के प्रमुख शहरों में सोने और चांदी का ताजा खुदरा भाव

सर्राफा बाजार से मिल रहे ताजा आंकड़ों के मुताबिक, कीमतों में आई इस बड़ी गिरावट के बाद ग्राहकों के लिए खरीदारी करना थोड़ा किफायती हो गया है। देश की राजधानी दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता और लखनऊ जैसे प्रमुख शहरों में 24 कैरेट और 22 कैरेट सोने के भाव में उल्लेखनीय कमी आई है। वर्तमान में 24 कैरेट सोना अपने पिछले उच्च स्तर से काफी नीचे ट्रेड कर रहा है, जबकि 22 कैरेट सोने की कीमत भी बजट के दायरे में आती दिख रही है। इसके अलावा, चांदी भी अपने रिकॉर्ड तोड़ उच्च स्तर से नीचे फिसलकर अब एक आकर्षक दायरे में आ गई है। हालांकि, अलग-अलग राज्यों में स्थानीय करों, आबकारी शुल्क (Excise Duty) और मेकिंग चार्ज (Making Charges) के कारण सोने और चांदी के खुदरा दामों में थोड़ा अंतर देखने को मिल सकता है, इसलिए खरीदारी करने से पहले अपने नजदीकी सर्राफा विक्रेता से ताजा भाव की पुष्टि जरूर कर लेनी चाहिए।

बाजार विशेषज्ञों की सलाह: क्या यह खरीदारी का सही मौका है या और गिरेंगे दाम?

सोने और चांदी के दामों में आई इस अचानक गिरावट के बाद निवेशकों और आम जनता के मन में यह सवाल सबसे ऊपर है कि क्या उन्हें अभी खरीदारी कर लेनी चाहिए या कीमतों के और अधिक नीचे आने का इंतजार करना चाहिए। कमोडिटी बाजार के विशेषज्ञों का मानना है कि ग्लोबल इकॉनमी और भू-राजनीतिक हालात को देखते हुए बाजार में यह उतार-चढ़ाव अभी कुछ और हफ्तों तक जारी रह सकता है। जो लोग लॉन्ग-टर्म निवेश (Long-term Investment) के नजरिए से सोना या चांदी खरीदना चाहते हैं, उनके लिए यह करेक्शन एक शानदार मौका साबित हो सकता है, क्योंकि कीमती धातुएं हमेशा से सबसे सुरक्षित और मजबूत परिसंपत्ति मानी जाती हैं। हालांकि, शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स को सलाह दी जाती है कि वे बाजार के तकनीकी चार्ट्स और वैश्विक संकेतों पर पैनी नजर बनाए रखें ताकि किसी भी बड़े नुकसान से बचा जा सके। त्योहारी सीजन से पहले आई यह मंदी ग्राहकों के लिए एक बेहतरीन अवसर लेकर आई है।

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