स्टारकिड से बॉलीवुड की चुलबुली हसीना तक, सुशांत की वो मदद जिसे आज भी नहीं भूलीं सारा अली खान; 31 की हुईं एक्ट्रेस

बॉलीवुड के चर्चित पटौदी खानदान की लाडली और मशहूर अभिनेता सैफ अली खान व अमृता सिंह की बेटी सारा अली खान आज भारतीय सिनेमा जगत का एक जाना-माना नाम बन चुकी हैं। अपनी सादगी, चुलबुले अंदाज और बेहतरीन अभिनय के दम पर सारा ने बहुत ही कम समय में दर्शकों के दिलों में अपनी एक खास जगह बनाई है। 12 अगस्त 1995 को जन्मीं सारा अली खान इस साल अपना 31वां जन्मदिन मना रही हैं। एक स्टारकिड होने के बावजूद उन्होंने इंडस्ट्री में अपनी पहचान खुद की मेहनत और काबिलियत से बनाई है। अपनी डेब्यू फिल्म से लेकर आज तक उन्होंने हर किरदार में खुद को साबित किया है। सारा की सोशल मीडिया पर बहुत बड़ी फैन फॉलोइंग है, जहां उनका 'नमस्ते दर्शकों' वाला अंदाज और हंसमुख स्वभाव हर किसी को बेहद पसंद आता है। हालांकि, इस मुकाम तक पहुंचने की राह में उनकी पहली फिल्म और उनके पहले सह-कलाकार का बहुत बड़ा योगदान रहा है, जिसे वे आज भी पूरे सम्मान के साथ याद करती हैं।
डेब्यू फिल्म 'केदारनाथ' और सुशांत सिंह राजपूत का साथ
वर्ष 2018 में आई फिल्म 'केदारनाथ' से सारा अली खान ने हिंदी सिनेमा में अपना पहला कदम रखा था। अभिषेक कपूर के निर्देशन में बनी इस फिल्म में सारा के साथ मुख्य भूमिका में दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत नजर आए थे। फिल्म में सारा ने 'मुक्कू' नाम की एक जिद्दी और बेबाक लड़की का किरदार निभाया था, जिसे दर्शकों और समीक्षकों ने खूब सराहा। एक नए कलाकार के रूप में कैमरे के सामने अभिनय करना कभी भी आसान नहीं होता, लेकिन सुशांत सिंह राजपूत ने शूटिंग के दौरान सारा का हर कदम पर मार्गदर्शन किया। सारा अली खान कई साक्षात्कारों में यह स्वीकार कर चुकी हैं कि अभिनय की बारीकियां सीखने और उनके अंदर के आत्मविश्वास को जगाने में सुशांत का बहुत बड़ा हाथ था।
सुशांत की वो निस्वार्थ मदद जिसे आज भी याद करती हैं सारा
सारा अली खान अक्सर अपनी बातचीत में सुशांत सिंह राजपूत द्वारा दी गई मदद का जिक्र करती हैं। शूटिंग के दौरान जब सारा को हिंदी संवाद बोलने या किसी दृश्य के भाव को समझने में कठिनाई होती थी, तो सुशांत उनके साथ घंटों बैठकर रिहर्सल किया करते थे। सुशांत केवल एक सह-कलाकार ही नहीं, बल्कि उनके लिए एक शिक्षक की तरह थे जो उन्हें सीन्स को बेहतर बनाने के टिप्स देते थे। सारा ने बताया था कि सुशांत अपनी किताबों, नक्षत्रों और अभिनय की विभिन्न तकनीकों के ज्ञान से उन्हें प्रेरित करते रहते थे। सुशांत की इसी निस्वार्थ मदद और सहयोग के कारण ही सारा अपनी पहली फिल्म में इतना सहज और प्रभावी अभिनय कर पाई थीं। आज भी जब भी 'केदारनाथ' या सारा के शुरुआती दिनों की बात होती है, तो वे सुशांत के योगदान को बड़े आदर के साथ याद करती हैं।
व्यावसायिक सफलता और बहुमुखी अभिनय की झलक
'केदारनाथ' की सफलता के तुरंत बाद सारा अली खान रोहित शेट्टी की ब्लॉकबस्टर एक्शन-कॉमेडी फिल्म 'सिम्बा' में रणवीर सिंह के साथ नजर आईं। इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़ कमाई की और सारा को रातों-रात कमर्शियल सिनेमा की बड़ी अभिनेत्री बना दिया। इसके बाद उन्होंने 'अतरंगी रे', 'लव आज कल', 'जरा हटके जरा बचके' और 'ए वतन मेरे वतन' जैसी फिल्मों में अपनी अभिनय क्षमता का प्रदर्शन किया। आनंद एल राय की फिल्म 'अतरंगी रे' में उनके 'रिंकू' वाले किरदार को समीक्षकों ने उनके करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन माना। कमर्शियल एंटरटेनर से लेकर संजीदा ऐतिहासिक किरदारों तक, सारा ने अपनी विविधता से यह साबित कर दिया है कि वे केवल एक स्टारकिड नहीं, बल्कि एक परिपक्व अभिनेत्री हैं।
भविष्य की योजनाएं और प्रशंसकों का प्यार
31वें जन्मदिन के इस खास अवसर पर देश-दुनिया से सारा अली खान को ढेर सारी शुभकामनाएं मिल रही हैं। सोशल मीडिया पर उनके फैंस और बॉलीवुड सितारे लगातार उन पर प्यार बरसा रहे हैं। आने वाले समय में सारा कई बड़े प्रोजेक्ट्स और बहुचर्चित फिल्मों में नजर आने वाली हैं, जिनकी तैयारी में वे काफी समय से व्यस्त हैं। सारा का मानना है कि वे हर नई फिल्म के साथ कुछ नया सीखना चाहती हैं और दर्शकों का मनोरंजन करना ही उनका मुख्य लक्ष्य है। अपनी कड़ी मेहनत, सादगी और सकारात्मक दृष्टिकोण के बल पर सारा अली खान बॉलीवुड में अपनी एक लंबी और सफल पारी खेलने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।