स्टार क्रिकेटर ईशान किशन को कैसे मिली आरबीआई में नौकरी, जानिए असिस्टेंट मैनेजर पद की कितनी होती है सैलरी और पर्क्स

भारतीय क्रिकेट टीम के विस्फोटक विकेटकीपर-बल्लेबाज ईशान किशन एक बार फिर अपनी खेल के मैदान से अलग एक खास वजह से चर्चा में आ गए हैं। फैंस के मन में इन दिनों यह जानने की बड़ी उत्सुकता है कि आखिर आक्रामक बल्लेबाजी के लिए मशहूर ईशान किशन को देश के केंद्रीय बैंक यानी भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) में नौकरी कैसे मिल गई है। बैंकिंग सेक्टर और खेल जगत दोनों में ही इस खबर ने तहलका मचा दिया है, और हर कोई यह जानना चाहता है कि एक स्टार क्रिकेटर का बैंक के साथ यह नया प्रोफेशनल सफर आखिरकार कैसे शुरू हुआ।
भारतीय रिजर्व बैंक जैसे देश के सबसे प्रतिष्ठित और सर्वोच्च संस्थान में नौकरी पाना हर किसी का सपना होता है, लेकिन ईशान किशन को यह अवसर स्पोर्ट्स कोटे या विशेष नियमों के तहत एक बड़े पद पर मिला है। आरबीआइ ने अपने विभिन्न विभागों और खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को अपने साथ जोड़ा है, जिसके तहत ईशान किशन को बैंक में असिस्टेंट मैनेजर के पद पर नियुक्ति मिली है। सोशल मीडिया और तमाम प्लेटफॉर्म्स पर यह सवाल तेजी से ट्रेंड कर रहा है कि आखिर इस जिम्मेदारी के साथ उन्हें बैंक की तरफ से क्या सुविधाएं मिलेंगी।
अब बात करते हैं कि आरबीआई में असिस्टेंट मैनेजर (RBI Assistant Manager Salary) के पद पर कितनी सैलरी और सुविधाएं मिलती हैं। केंद्रीय बैंक में इस क्लास-ए ऑफिसर रैंक के पद पर शुरुआती मूल वेतन (Basic Pay) काफी आकर्षक होता है, और इसके साथ महंगाई भत्ता (DA), हाउस रेंट अलाउंस (HRA), ट्रांसपोर्ट अलाउंस और मेडिकल बेनिफिट्स जैसे तमाम भत्ते जुड़कर कुल सैलरी को और भी शानदार बना देते हैं। एक असिस्टेंट मैनेजर की मंथली इन-हैंड सैलरी शुरुआती दौर में ही लाखों रुपये तक पहुंचती है, साथ ही बैंक की तरफ से रहने के लिए आवास या बेहतरीन हाउसिंग लोन जैसी सुविधाएं भी मुहैया कराई जाती हैं।
क्रिकेट की पिच पर छक्के-चौके बरसाने वाले ईशान किशन के लिए यह नया कॉर्पोरेट और प्रशासनिक सफर बेहद रोमांचक होने वाला है। हालांकि वह लगातार अपना क्रिकेट करियर भी जारी रखे हुए हैं, लेकिन आरबीआई के साथ उनका यह जुड़ाव देश के युवाओं के बीच भारी चर्चा का विषय बन गया है। खेल और बैंकिंग का यह अनूठा मेल निश्चित रूप से युवाओं को प्रेरित कर रहा है, और लोग यह देखने के लिए बेताब हैं कि मैदान के बाहर यह धुरंधर इस बड़ी जिम्मेदारी को कैसे निभाते हैं।