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स्मोकिंग छोड़ने के कितने दिनों बाद नॉर्मल होते हैं फेफड़े? सिगरेट अलविदा कहते ही मिनटों में शरीर में दिखने लगते हैं ये अद्भुत और जादुई बदलाव

धूम्रपान या सिगरेट पीने की लत न केवल फेफड़ों को अंदर से काला और खोखला बनाती है, बल्कि यह दिल, दिमाग और शरीर के हर अंग को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचाती है। कई बार लोग यह सोचकर स्मोकिंग नहीं छोड़ते कि 'अब तो फेफड़े काफी खराब हो चुके हैं, अब छोड़ने से क्या फायदा होगा?' हालांकि, मेडिकल साइंस और पल्मोनोलॉजिस्ट्स (फेफड़ों के डॉक्टर) का मानना है कि आपका शरीर और फेफड़े खुद को री-जनरेट और हील (Heal) करने में माहिर होते हैं। जैसे ही आप आखिरी सिगरेट पीकर धूम्रपान को अलविदा कहते हैं, महज 20 मिनट के भीतर ही आपके शरीर का रिकवरी मैकेनिज्म एक्टिव हो जाता है और हीलिंग प्रोसेस शुरू हो जाती है।

20 मिनट से लेकर 72 घंटे तक: निकोटीन का असर खत्म और सांसों में सुधार

स्मोकिंग छोड़ने के शुरुआती कुछ घंटे और दिन शरीर के लिए बेहद महत्वपूर्ण होते हैं:

  • 20 मिनट बाद: हृदय गति (Heart Rate) और ब्लड प्रेशर सामान्य स्तर पर आने लगता है।

  • 12 घंटे बाद: खून में मौजूद जहरीली कार्बन मोनोऑक्साइड (Carbon Monoxide) का स्तर गिरकर सामान्य हो जाता है और ऑक्सीजन का स्तर बढ़ जाता है।

  • 24 से 48 घंटे बाद: हार्ट अटैक का खतरा कम होने लगता है। शरीर से निकोटीन पूरी तरह बाहर निकल जाता है, जिससे सूंघने और चखने की क्षमता में जबरदस्त निखार आता है।

  • 72 घंटे बाद: ब्रोन्कियल ट्यूब्स (श्वसन नलियां) शिथिल होने लगती हैं, जिससे सांस लेना काफी आसान हो जाता है और शरीर की ऊर्जा का स्तर बढ़ जाता है।

2 हफ्ते से 9 महीने: फेफड़ों की सीलिया कोशिकाएं होती हैं पुनर्जीवित

धूम्रपान छोड़ने के 2 से 12 हफ्तों के भीतर शरीर में ब्लड सर्कुलेशन (रक्त संचार) में काफी सुधार आता है और फेफड़ों की कार्यक्षमता (Lungs Capacity) लगभग 30 प्रतिशत तक बढ़ जाती है। 1 से 9 महीनों के दौरान फेफड़ों के अंदर मौजूद छोटी-छोटी बाल जैसी संरचनाएं जिन्हें 'सीलिया' (Cilia) कहा जाता है, वे फिर से उगने और सक्रिय होने लगती हैं। ये सीलिया फेफड़ों में जमा बलगम, धूल-मिट्टी और टॉक्सिन्स को बाहर धकेलने का काम करती हैं। इस दौरान पुरानी खांसी, सांस फूलने की समस्या और सीने में भारीपन काफी हद तक खत्म हो जाता है।

1 साल से 15 साल: कैंसर और हार्ट अटैक का खतरा हो जाता है आधा

जैसे-जैसे समय बीतता है, फेफड़ों की हीलिंग और गहरी होती जाती है:

  • 1 साल बाद: कोरोनरी हार्ट डिजीज (दिल की बीमारियों) का खतरा धूम्रपान करने वालों की तुलना में आधा (50%) रह जाता है।

  • 5 से 10 साल बाद: फेफड़ों के कैंसर (Lungs Cancer), मुंह के कैंसर, गले के कैंसर और स्ट्रोक (पैरालिसिस) का जोखिम घटकर आधा रह जाता है।

  • 15 साल बाद: दिल की बीमारियों और असमय मृत्यु का खतरा बिल्कुल एक ऐसे व्यक्ति के बराबर हो जाता है जिसने जिंदगी में कभी सिगरेट को हाथ भी न लगाया हो।

इच्छाशक्ति और सही डॉक्टरी सलाह से आसान है निकोटीन की लत छोड़ना

हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि स्मोकिंग छोड़ने की कोई उम्र या समय देर नहीं होती। आप चाहे 5 साल से स्मोकिंग कर रहे हों या 20 साल से, जिस दिन आप इसे छोड़ेंगे, उसी दिन से आपकी उम्र और सेहत दोनों बढ़ने लगेंगी। शुरुआती कुछ दिनों में निकोटीन विड्रॉल के लक्षण जैसे चिड़चिड़ापन, बेचैनी या लालसा (Craving) हो सकती है, लेकिन गहरी सांस लेने के व्यायाम, पर्याप्त पानी पीने, च्युइंग गम या निकोटीन रिप्लेसमेंट थेरेपी (NRT) की मदद से इस लत पर आसानी से विजय पाई जा सकती है।

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