स्लोवेनिया में खालिस्तानियों की कायराना हरकत: भारतीय दूतावास को बनाया निशाना, भारत ने की कड़ी निंदा

स्लोवेनिया की राजधानी लजुब्लजा में स्थित भारतीय दूतावास परिसर को भारत-विरोधी और खालिस्तानी समर्थकों द्वारा नुकसान पहुंचाए जाने का मामला सामने आया है। इस घटना पर भारत के विदेश मंत्रालय ने बेहद सख्त रुख अपनाते हुए इसकी कड़े शब्दों में निंदा की है। मंत्रालय ने दो टूक कहा है कि वियना कन्वेंशन के तहत किसी भी देश में स्थित राजनयिक परिसरों की सुरक्षा करना वहां की सरकार की अनिवार्य जिम्मेदारी है और उनके उल्लंघन को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
स्लोवेनियाई सरकार से की गई दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग
विदेश मंत्रालय की ओर से जारी आधिकारिक बयान में इस बात पर जोर दिया गया है कि भारत ने इस गंभीर मामले को नई दिल्ली और लजुब्लजा दोनों ही स्तरों पर स्लोवेनियाई अधिकारियों के साथ बेहद सख्ती से उठाया है। भारत ने स्थानीय प्रशासन से मांग की है कि इस दूतावास परिसर को नुकसान पहुंचाने और इसकी रूपरेखा बिगाड़ने में शामिल सभी असामाजिक तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ त्वरित और कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।
दीवारों पर लिखे गए थे आपत्तिजनक नारे और भारत-विरोधी संदेश
मिली जानकारी के अनुसार, स्लोवेनिया की राजधानी ल्युब्ल्याना में कुछ भारत-विरोधी और खालिस्तानी समर्थकों ने सुनियोजित तरीके से भारतीय दूतावास के बाहर हंगामा किया। इन उपद्रवियों ने दूतावास परिसर की दीवारों और बाहर लगे साइनबोर्ड्स पर आपत्तिजनक सामग्री और भारत-विरोधी नारे लिख दिए थे। इस तरह की हरकतों का मकसद दोनों देशों के बीच सौहार्द को बिगाड़ना और नफरत फैलाना है, जिसकी वैश्विक स्तर पर भी आलोचना की जा रही है।
विदेश मंत्रालय ने वैश्विक एजेंसियों से नफरत फैलाने वाले दुष्प्रचार के प्रति रहने को कहा सतर्क
विदेश मंत्रालय ने केवल स्लोवेनिया ही नहीं, बल्कि अन्य देशों की कानून प्रवर्तन और सुरक्षा एजेंसियों से भी अपील की है कि वे ऐसे कट्टरपंथी समूहों द्वारा चलाए जा रहे नफरत भरे प्रचार और फर्जी सूचनाओं के जाल से सतर्क रहें। मंत्रालय का मानना है कि ये समूह जानबूझकर गलत जानकारी फैलाकर शांति और कानून व्यवस्था को बाधित करने की कोशिश करते हैं, जिस पर समय रहते लगाम कसना बेहद जरूरी है।