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Asthma Care in Winter : रात को सांस फूलती है या छाती में होती है जकड़न? तो आज ही आजमाएं यह देसी नुस्खा

News India Live, Digital Desk: दिसंबर का महीना यानी कड़ाके की ठंड. रजाई और गर्म कपड़े तो बाहर आ गए हैं, लेकिन यह मौसम अपने साथ कुछ मुश्किलें भी लेकर आता है. खास तौर पर उन लोगों के लिए जिन्हें अस्थमा (Asthma) या सांस की बीमारी है, उनके लिए सर्दियां किसी सजा से कम नहीं होतीं. ठंडी हवा और ऊपर से यह स्मॉग (Pollution), दोनों मिलकर सांस की नली को सिकोड़ देते हैं, जिससे सांस लेने में भारीपन और खांसी शुरू हो जाती है.अक्सर लोग तुरंत इनहेलर या भारी दवाइयों की तरफ भागते हैं. वो जरूरी हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि हमारे घर की रसोई में और आयुर्वेद (Ayurveda) में इसका पक्का इलाज छिपा है? अगर आप दवाइयों के साथ-साथ इन छोटे-छोटे बदलावों को अपना लें, तो यह सर्दी आप हंसते-खेलते निकाल देंगे.क्यों बढ़ जाता है सर्दियों में अटैक का खतरा?आयुर्वेद मानता है कि सर्दियों में शरीर में ‘कफ’ और ‘वात’ का संतुलन बिगड़ जाता है. बलगम (Mucus) गाढ़ा हो जाता है जो फेफड़ों में चिपकने लगता है. इसे पिघलाने के लिए शरीर को अंदर से “गर्माहट” चाहिए होती है.ये रहे 4 जादुई और आसान उपाय:शहद और अदरक का मेल है अमृतअगर रात को खांसी सोने नहीं देती, तो अदरक का रस और शहद मिलाकर चाट लें. अदरक फेफड़ों की सूजन कम करता है और शहद गले को तर करता है. यह पुरानी से पुरानी जकड़न को ढीला कर सकता है. इसे सुबह खाली पेट लेना भी बहुत फायदेमंद है.गोल्डन मिल्क यानी ‘हल्दी वाला दूध’रात को सोने से पहले एक गिलास गर्म दूध में चुटकी भर हल्दी डालकर पीना न भूलें. हल्दी में करक्यूमिन (Curcumin) होता है जो नैचुरल एंटी-बायोटिक है. यह अस्थमा के मरीजों के लिए संजीवनी बूटी की तरह काम करता है.तिल या सरसों के तेल की मालिशछाती में कफ जम गया है? थोड़ा सा सरसों का तेल या तिल का तेल गर्म करें (चाहे तो इसमें लहसुन पका लें) और उससे छाती और पीठ की हल्के हाथों से मालिश करें. यकीन मानिए, फेफड़े खुल जाएंगे और सांस लेना आसान हो जाएगा.ठंडी चीजों से करें तौबाफ्रिज का पानी, दही, आइसक्रीम या केले… सर्दियों में अस्थमा के मरीजों को इनसे बिल्कुल दूर रहना चाहिए. हमेशा गुनगुना पानी ही पिएं. यह गले के रास्ते को साफ़ रखता है.एक खास टिपजब भी घर से बाहर निकलें, तो मफलर या स्कार्फ से अपनी नाक और मुंह जरूर ढंकें. ठंडी हवा को सीधे फेफड़ों में जाने से रोकना ही सबसे बड़ा बचाव है. और हाँ, थोड़ी धूप (Sunlight) भी सेकें, इससे विटामिन-D मिलता है जो इम्यूनिटी बढ़ाता है.अपनी सेहत का ध्यान रखें और इस सर्दी को मजे से बिताएं, बीमारी से नहीं!

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